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अनुपमा में श्रुति के किरदार पर समीक्षा भटनागर का बयान, बताया स्क्रीन पर रोल से न्याय करना क्यों है जरूरीटीवी
21 अग॰ 2026, 9:36 am (68 दिन पहले)· 3

अनुपमा में श्रुति के किरदार पर समीक्षा भटनागर का बयान, बताया स्क्रीन पर रोल से न्याय करना क्यों है जरूरी

टीवी सीरियल अनुपमा में श्रुति आहूजा का किरदार निभा रहीं समीक्षा भटनागर ने अपने रोल और अभिनय की चुनौतियों पर बात की है। उनका कहना है कि स्क्रीन पर अपने किरदार के साथ न्याय करना हर कलाकार की मुख्य जिम्मेदारी है।

टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिक अनुपमा में श्रुति आहूजा की भूमिका निभा रहीं अभिनेत्री समीक्षा भटनागर अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत रही हैं। इस चर्चित शो में उनके काम को काफी सराहना मिल रही है। अपने किरदार और अभिनय के सिद्धांतों पर बात करते हुए समीक्षा ने स्पष्ट किया कि किसी भी रोल को स्क्रीन पर ईमानदारी से पेश करना और उससे न्याय करना हर कलाकार का प्राथमिक दायित्व होता है।

अनुपमा से जुड़ने का फैसला और किरदार की गहराई

समीक्षा भटनागर का मानना है कि इतने सफल और हिट शो का हिस्सा बनना उनके लिए एक बेहतरीन अवसर है। जब धारावाहिक के निर्माताओं ने उन्हें श्रुति आहूजा की भूमिका की पेशकश की, तो उन्होंने तुरंत हां कहने के बजाय पहले किरदार के विभिन्न पहलुओं को गहराई से समझा। विश्लेषण के बाद उन्हें महसूस हुआ कि यह रोल काफी सशक्त है और उनकी अभिनय शैली पर पूरी तरह फिट बैठता है।

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किरदार में छिपी संभावनाओं को भांपते हुए उन्होंने इस प्रोजेक्ट को स्वीकार किया। धारावाहिक में उनके प्रवेश के बाद से ही दर्शक उनके नए अंदाज और सहज अभिनय की तारीफ कर रहे हैं। समीक्षा के अनुसार, एक स्थापित शो में नए किरदार को स्थापित करना हमेशा एक रोमांचक अनुभव होता है।

नकारात्मक भूमिका के बजाय भावनात्मक मां की छवि

श्रुति आहूजा के रोल की बारीकियों को साझा करते हुए समीक्षा भटनागर ने कहा कि हर नया प्रोजेक्ट अपने साथ अनोखी चुनौतियां लाता है। इस धारावाहिक में वह एक ऐसी मां का रोल निभा रही हैं, जो अपनी बेटी के सामने खुद को सही साबित करने के प्रयास में जुटी रहती है। इस स्थिति के कारण किरदार के सामने कई जटिल परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं।

अक्सर ऐसी परिस्थितियों वाले किरदारों को दर्शक नकारात्मक दृष्टिकोण से देखने लगते हैं, लेकिन समीक्षा ने साफ किया कि वह इसे विलेन के रूप में चित्रित नहीं करना चाहती थीं। उनका उद्देश्य दर्शकों के सामने एक ऐसी मां की संवेदनशील और भावनात्मक छवि प्रस्तुत करना था, जो अपनी परिस्थितियों से जूझ रही है।

कलाकार की जिम्मेदारी और स्क्रीन पर नयापन

समीक्षा भटनागर का मानना है कि जब भी किसी एक्टर को कोई नई भूमिका मिलती है, तो उसे यह विचार करना चाहिए कि वह अपनी तरफ से उसमें क्या नयापन जोड़ सकता है। केवल संवाद बोलना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि किरदार में अपनी व्यक्तिगत शैली और मौलिकता का समावेश करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि स्क्रीन पर अपने किरदार के साथ न्याय करना और दर्शकों को उसकी भावनात्मक यात्रा से जोड़ना ही एक सच्चे कलाकार की वास्तविक पहचान होती है। यही कारण है कि वह अपने हर दृश्य में अपने रोल को स्वाभाविक और प्रभावशाली बनाने का प्रयास करती हैं।

सवाल-जवाब

समीक्षा भटनागर अनुपमा में कौन सा किरदार निभा रही हैं?
समीक्षा भटनागर सीरियल अनुपमा में श्रुति आहूजा का किरदार निभा रही हैं।
समीक्षा ने अनुपमा सीरियल से जुड़ने का फैसला क्यों किया?
उन्होंने रोल स्वीकार करने से पहले किरदार को गहराई से समझा और पाया कि यह एक मजबूत और उन पर पूरी तरह सूट करने वाला रोल है।
श्रुति आहूजा के किरदार की मुख्य चुनौती क्या है?
इस सीरियल में वह एक मां की भूमिका निभा रही हैं, जिसे अपनी बेटी के सामने खुद को सही साबित करने की चुनौती का सामना करना पड़ता है।
क्या समीक्षा भटनागर का किरदार अनुपमा में नकारात्मक है?
नहीं, समीक्षा ने स्पष्ट किया कि उनका किरदार नेगेटिव नहीं है, बल्कि वह इसे एक भावनात्मक मां के रूप में पेश करना चाहती हैं।
समीक्षा भटनागर के अनुसार एक सच्चे कलाकार की क्या पहचान है?
उनके अनुसार, रोल में नयापन जोड़ना, स्क्रीन पर किरदार के साथ पूरा न्याय करना और दर्शकों को उससे जोड़ना ही सच्चे कलाकार की पहचान है।
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