पौराणिक धारावाहिक देवों के देव महादेव के जरिए घर-घर में देवी पार्वती के रूप में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री सोनारिका भदौरिया ने अपने पहनावे को लेकर उठने वाले सवालों पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर कपड़ों को लेकर वर्षों से चले आ रहे विवाद पर उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें अपनी निजी पसंद के लिए किसी भी व्यक्ति को कोई स्पष्टीकरण देने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।
मॉरीशस यात्रा और वर्ष 2016 की पुरानी घटना
यह पूरा विवाद वर्ष 2016 का है, जब सोनारिका छुट्टियां बिताने मॉरीशस पहुंची थीं। उस यात्रा के दौरान उन्होंने समुद्र किनारे बिकिनी पहने अपनी कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा की थीं। तस्वीरें सामने आते ही कई इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने उन पर तीखे हमले शुरू कर दिए थे। कुछ लोगों ने उनके लिए संस्कारहीन और बेशर्म जैसे आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया, जबकि कई लोगों ने भद्दी और अमर्यादित टिप्पणियां भी की थीं। पर्दे पर एक धार्मिक चरित्र निभाने के बाद लोगों ने उनकी वास्तविक जिंदगी पर अपनी संकीर्ण सोच थोपना शुरू कर दिया था।
निजी जिंदगी पर सफाई देने की जरूरत नहीं
हाल ही में हॉटरफ्लाई के पॉडकास्ट में बातचीत करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि वह आज भी अपनी मर्जी के कपड़े पहनने से पीछे नहीं हटेंगी। अपने बेबाक रुख को जाहिर करते हुए सोनारिका ने कहा,
"मैं बिकिनी पहनूंगी।"उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की सफाई देने की बिल्कुल जरूरत महसूस नहीं होती कि उनके पिता या उनके पति को उनके पहनावे से कोई एतराज है या नहीं। उनका कहना है कि सबसे अहम बात यह है कि वह खुद इन कपड़ों में सहज हैं और उन्हें बिकिनी पहनने में कोई आपत्ति नहीं है।
किरदार और असल जीवन में फर्क समझना जरूरी
सोनारिका ने इस बात पर गहरा आश्चर्य जताया कि जब उन्हें इंटरनेट पर निशाना बनाया गया, तब तक देवों के देव महादेव धारावाहिक समाप्त हो चुका था और वह अन्य धारावाहिकों में भी अभिनय कर चुकी थीं। इसके बाद भी कई लोग केवल यही जानने के लिए उनका साक्षात्कार लेना चाहते थे कि पर्दे पर देवी पार्वती का किरदार निभाने वाली कलाकार असल में बिकिनी कैसे पहन सकती है। उन्होंने इस मानसिकता पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि किसी धारावाहिक में कोई भूमिका निभाने का यह अर्थ कदापि नहीं होता कि इंसान अपनी वास्तविक जिंदगी में भी उसी रूप में बंधकर रहे।
समुद्र किनारे का पहनावा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता
सोनारिका ने स्थिति को व्यावहारिक नजरिए से समझाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति पानी में जा रहा है, तो वह वहां बिकिनी ही पहनेगा, पानी में कोई सूट पहनकर नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पर्दे पर दर्शाया जाने वाला अभिनय और किसी व्यक्ति की अपनी निजी जिंदगी दो बिल्कुल अलग चीजें हैं और समाज को इन दोनों के बीच का अंतर समझना चाहिए। उन्होंने यह भी माना कि पार्वती के रूप में दर्शकों ने उन्हें असीम सम्मान और स्नेह दिया, जिसके लिए वह जीवन भर आभारी रहेंगी, लेकिन इस प्यार का यह मतलब नहीं है कि लोग उनकी निजी जिंदगी के तौर-तरीके तय करने लगें।
अभिनय से दूरी और परिवार पर ध्यान
सोनारिका के अनुसार, कुछ लोगों को दूसरों की अपनी शर्तों पर जीने की आजादी देखकर ईर्ष्या होती है। लगातार हुई आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने अपने आत्मविश्वास को कभी डगमगाने नहीं दिया और हमेशा अपनी पसंद को प्राथमिकता दी। वर्तमान समय में सोनारिका अभिनय की दुनिया से विराम पर हैं। वह इस समय अपने परिवार और निजी जीवन को प्राथमिकता दे रही हैं तथा अपने पति के साथ मिलकर अपनी नन्हीं बेटी की परवरिश में समय बिता रही हैं।



















