वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत के साथ ब्रिटिश पाउंड अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। वित्तीय बाजारों की नजर इस सप्ताह गुरुवार को होने वाले बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) के नीतिगत फैसले पर टिकी है। बाजार विश्लेषकों का व्यापक अनुमान है कि ब्रिटिश केंद्रीय बैंक नीतिगत ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (bps) की वृद्धि कर सकता है, जिससे मुख्य ब्याज दर बढ़कर 4% पर पहुंच जाएगी। दरों में इस संभावित बढ़ोतरी ने पाउंड को मजबूत सहारा दिया है, जिसके चलते पाउंड स्टर्लिंग ऑस्ट्रेलियाई डॉलर समेत अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले बढ़त बनाने में सफल रहा है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और डॉलर इंडेक्स पर बढ़ता दबाव
एक तरफ जहां पाउंड को नीतिगत मजबूती मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली का गहरा दबाव देखा जा रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका में मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। राजनीतिक परिदृश्य को लेकर बाजार का अनुमान है कि डेमोक्रेट्स के प्रतिनिधि सभा (हाउस) और सीनेट दोनों पर नियंत्रण हासिल करने की 70 से 72% संभावना है। इस अनिश्चितता के बीच छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा के मूल्य को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.3% की गिरावट के साथ 101.65 के आसपास आ गया है। डॉलर में आई इस कमजोरी ने विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राओं की तेजी का रास्ता साफ कर दिया है।
GBP/USD का तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर GBP/USD मुद्रा जोड़ी 1.3430 के स्तर के आसपास कारोबार करती नजर आ रही है। तकनीकी संकेतकों के अनुसार, मुद्रा जोड़ी का निकट अवधि का दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। हाजिर भाव 9 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1.3366 से ऊपर बना हुआ है। इसके साथ ही, यह 1.3138 से 1.3677 के दायरे वाले चरण के 50.0% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर 1.3408 के भी ऊपर टिका हुआ है। 14 दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 60 के करीब स्थित है, जो ओवरबॉट स्थिति में पहुंचे बिना मजबूत सकारात्मक गति को दर्शाता है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, GBP/USD जोड़ी 1.34 पर स्थिर बनी हुई है, जो पिछले बंद स्तर 1.34 से 0.49% की बढ़त को दर्शाती है। इसका 52 सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिवसीय औसत के 1.00 गुना के बराबर है। तकनीकी संकेतकों में 14 दिवसीय RSI 61 पर है, जबकि MACD 0.00 पर है और सिग्नल लाइन -0.00 पर बनी हुई है, जो तेजी का संकेत देती है। मूविंग एवरेज पर नजर डालें तो 20 दिवसीय EMA 1.33 पर, 50 दिवसीय EMA 1.34 पर और 200 दिवसीय EMA 1.34 पर है, जबकि 50 दिवसीय SMA और 200 दिवसीय SMA भी 1.34 पर स्थित हैं। बोलिंगर बैंड (20,2) का दायरा 1.32 से 1.34 के बीच है और भाव बैंड के भीतर है। 14 दिवसीय ADX 20 के साथ सीमित दायरे का संकेत दे रहा है। स्टोकेस्टिक में फास्ट लाइन 99 और सिग्नल लाइन 83 पर है। दैनिक अस्थिरता को मापने वाला ATR (14) 0.01 पर है। तकनीकी स्तरों में पिवट 1.34, पहला रेजिस्टेंस 1.35, दूसरा रेजिस्टेंस 1.35 तथा पहला सपोर्ट 1.34 और दूसरा सपोर्ट 1.34 के स्तर पर स्थित है।
वैश्विक फॉरेक्स और कमोडिटी बाजारों की स्थिति
विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य वर्गों में भी व्यापक हलचल दर्ज की गई है। AUD/USD जोड़ी ने सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान आई गिरावट से वापसी की। ईरान कूटनीति को लेकर बनी नई उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे को बढ़ाया, जिससे सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना और जोखिम संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को समर्थन मिला। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के आगामी महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले से पहले खरीदार सतर्क हैं और भाव पिछले गुरुवार को छुए गए एक महीने के उच्च स्तर से नीचे बने हुए हैं।
दूसरी ओर, USD/JPY जोड़ी ने नए सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक गति के साथ की है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) की बैठक के बाद शुक्रवार को 157.00 से नीचे के स्तर तक लुढ़कने के बाद इसमें सुधार देखा गया और एशियाई सत्र में भाव 158.00 के करीब पहुंच गए। जापान के वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा की ओर से मुद्रा बाजार में नए हस्तक्षेप की चेतावनी के बावजूद इस जोड़ी में मजबूती बनी रही।
कमोडिटी बाजार में सोने ने अपनी शुरुआती सीमित बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया और सोमवार को यूरोपीय सत्र के शुरुआती घंटों में यह 3,900 डॉलर प्रति औंस के नीचे हल्के सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करता दिखा। अमेरिकी और ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए संभावित कूटनीतिक सफलता की उम्मीदों से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे पीली धातु को थोड़ा समर्थन मिला। हालांकि, ऊर्जा जनित मुद्रास्फीति चिंताओं के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं बनी हुई हैं, जिससे ब्याज न देने वाली यह धातु शुक्रवार को छुए गए अक्टूबर 2025 के निचले स्तर के करीब सीमित रही।
क्रिप्टो बाजार में डॉगकॉइन पर दबाव और भू-राजनीतिक कारक
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में डॉगकॉइन (DOGE) सोमवार को 0.075 डॉलर के आसपास बना रहा। सितंबर के अंत से लगातार पांचवें सप्ताह इसमें गिरावट दर्ज की गई है। ऑन-चेन एनालिटिक्स फर्म सेंटिमेंट के आंकड़ों से बड़े निवेशकों (व्हेल्स) की गतिविधियों में अंतर का पता चलता है, जहां बड़े धारक अपनी स्थिति घटा रहे हैं, वहीं अपेक्षाकृत छोटे व्हेल वॉलेट टोकन जमा कर रहे हैं। कमजोर ऑन-चेन मेट्रिक्स और बिगड़ते तकनीकी परिदृश्य से संकेत मिलता है कि डॉगकॉइन में आगे भी कमजोरी जारी रह सकती है। इसके साथ ही सप्ताहांत में पश्चिम एशिया युद्ध में हुए घटनाक्रमों पर भी बाजार की पैनी नजर बनी हुई है, जिनका आगामी दिनों में वैश्विक वित्तीय परिसंपत्तियों पर असर देखने को मिल सकता है।



















