पारिवारिक रिश्तों में बिखराव और बुजुर्ग माता-पिता की बेबसी की कई कहानियां आपने सुनी होंगी, लेकिन उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से दिल को झकझोर देने वाला एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां शहर मुख्यालय से तकरीबन 14 किलोमीटर दूर स्थित भपटा गांव में रहने वाले 75 वर्षीय साधू साहू और उनकी पत्नी इस उम्र में बिल्कुल अकेले पड़ गए हैं। पांच बेटों के पिता होने के बावजूद इस बुजुर्ग दंपत्ति का बुढ़ापा अत्यंत दयनीय स्थिति में कट रहा है। उनका एक बेटा जो उनके साथ रहता था, वह करीब तीन साल पहले रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया, जिसके बाद से दोनों बुजुर्ग अपनी पथराई आंखों से रोज उसके लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
चार बेटों ने बनाई दूरी, पांचवां था बुढ़ापे की लाठी
साधू साहू के कुल पांच बेटे हैं। इनमें से चार बेटे अपनी-अपनी शादियां करके, अपने परिवारों के साथ माता-पिता से बिल्कुल अलग रहते हैं। दर्दनाक बात यह है कि ये चारों बेटे अपने माता-पिता की सुध लेना तो दूर, उनसे बातचीत तक करना पसंद नहीं करते। ऐसे कठिन समय में उनका पांचवां बेटा ही उनका इकलौता सहारा था। वही अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ रहता था और उनके भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उठाता था। लेकिन साल 2021 में उसके अचानक लापता हो जाने के बाद से बुजुर्ग दंपत्ति पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं और एक कच्चे मकान में अत्यंत गरीबी में जीवन गुजारने को मजबूर हैं।
साल 2021 में मंदिर के पास से हुआ था लापता
साधू साहू ने TrendKia को आपबीती सुनाते हुए बताया कि साल 2021 की एक सामान्य सुबह उनका बेटा घर से निकला था। वह गांव के ही एक मंदिर के पास जाकर बैठ गया था। लेकिन उसके बाद वह वहीं से अचानक गायब हो गया और फिर कभी घर वापस नहीं लौटा। बेटे के अचानक गायब होने से परेशान बुजुर्ग पिता ने उसे ढूंढने के लिए हर मुमकिन कोशिश की। उन्होंने स्थानीय पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी आज तक पुलिस या परिवार को उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
हाथ पर बना टैटू है पहचान का एकमात्र जरिया
लापता बेटे की तलाश में जुटे बुजुर्ग दंपत्ति ने लोगों से मदद की गुहार लगाई है। साधू साहू ने बताया कि उनके लापता बेटे के हाथ पर स्थायी रूप से एक टैटू बना हुआ है, जिस पर संदीप साधू साहू लिखा है। इसी टैटू के जरिए वे अपने बेटे की पहचान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इस ढलती उम्र में भी बुजुर्ग दंपत्ति की हिम्मत जवाब नहीं दे रही है। वे आज भी अक्सर उसी जगह पर जाकर बैठ जाते हैं, जहां से उनका बेटा आखिरी बार गायब हुआ था। उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनका बेटा एक न एक दिन उनके पास जरूर वापस लौटेगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को भी इस हुलिए या नाम का व्यक्ति दिखे, तो उन्हें तुरंत सूचित करें।













