प्रयागराज की एक अदालत में सोमवार को उमेश पाल हत्याकांड से जुड़ी सुनवाई के दौरान माहौल एक बार फिर भारी हो गया, जब पीड़ित परिवार की ओर से जया पाल गवाही देने पहुंचीं। बयान दर्ज कराने के बाद उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए योगी सरकार से सुरक्षा मजबूत करने की मांग कर डाली।
दरअसल SC-ST कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ विधिवत ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसी सिलसिले में जया पाल को अदालत में पेश होना पड़ा। बयान के दौरान उन्होंने दोहराया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और जब तक फरार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनकी सुरक्षा पर सवाल बना रहेगा।
तीन आरोपी अब भी पुलिस की पहुंच से बाहर
उमेश पाल की हत्या को हुए दो साल का वक्त बीत चुका है, लेकिन इस वारदात को अंजाम देने वाले माफिया अतीक के तीन गुर्गे गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने तीनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है, फिर भी इतने बड़े इनाम के बावजूद कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। इतना ही नहीं, अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन और अशरफ की पत्नी भी अब तक फरार बताई जाती हैं। इन्हीं फरार आरोपियों की वजह से जया पाल का कहना है कि उनकी जिंदगी को सीधा खतरा बना हुआ है और अतीक से जुड़े लोग आज भी उनकी जान के पीछे पड़े हैं।
फेसबुक पर मिल रहीं धमकियां, आरडीएक्स से मारने की बात
जया पाल के मुताबिक उन्हें धमकियां सिर्फ जुबानी नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए भी लगातार दी जा रही हैं। उनका आरोप है कि फेसबुक पर यह लिखा जा रहा है कि उमर और अली को बाहर आने दो, फिर पुराना हिसाब बराबर किया जाएगा। अदालत में उन्होंने कहा, "मेरे पति की निर्मम हत्या कर दी गई थी, क्या उसी तरह से मेरे साथ भी ऐसा होगा।" जया पाल का यह भी कहना है कि उन्हें आरडीएक्स से उड़ा देने और गोली मारकर खत्म कर देने जैसी धमकियां लगातार मिल रही हैं, जिसकी वजह से वे और उनका परिवार बेहद डरे हुए हैं।
न्याय की गुहार, गैंग अब भी सक्रिय होने का दावा
जया पाल ने अदालत से साफ शब्दों में इंसाफ दिलाने की अपील की और कहा कि जब तक फरार आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंचते, उनकी जान पर खतरा टलने वाला नहीं है। उनका यह भी दावा है कि अतीक का गैंग अभी भी सक्रिय है और गैंग से जुड़ा एक शख्स समय-समय पर आकर उन्हें चुपचाप रहने का इशारा कर जाता है, जिसका मकसद उन्हें डराना और धमकाना ही नजर आता है। पिछली सुनवाई के दौरान भी उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके घर के आसपास कोई रेकी करता देखा गया था।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद से जया पाल के घर पर पुलिसकर्मियों की तैनाती लगातार बनी हुई है, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। लेकिन अदालत की सुनवाई में हाजिर होने के लिए उन्हें बार-बार घर से बाहर निकलना पड़ता है, और यही वह वक्त होता है जब वे खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करती हैं। यही वजह है कि उन्होंने एक बार फिर सरकार से गुहार लगाई है कि उनकी सुरक्षा को और पुख्ता किया जाए, फरार आरोपियों की तलाश में तेजी लाई जाए और उनके परिवार को इंसाफ दिलाया जाए।





















