अमेठी जिले के निवासियों के लिए जमीन की रजिस्ट्री और अन्य महत्वपूर्ण कागजी कामकाज की प्रक्रिया अब पहले के मुकाबले कहीं अधिक सुविधाजनक होने जा रही है। अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त से जुड़ी तमाम जटिल प्रक्रियाओं को सुगम और पारदर्शी बनाने के मकसद से जिले में एक अत्याधुनिक उप-निबंधन कार्यालय की विधिवत शुरुआत कर दी गई है। इस नई और हाईटेक इमारत के चालू होने से आम नागरिकों को अब अपने छोटे-छोटे कामों के लिए विभिन्न दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। संपत्ति के बैनामे, मुख्तारनामा और स्टाम्प से जुड़ी हर आवश्यक सुविधा अब एक ही छत के नीचे बेहद सुव्यवस्थित तरीके से उपलब्ध होगी, जिससे लोगों के समय और ऊर्जा दोनों की भारी बचत होगी।
3.55 करोड़ रुपये से बना आधुनिक बुनियादी ढांचा
इस शानदार और बहुउद्देश्यीय हाईटेक भवन का निर्माण लगभग 3 करोड़ 55 लाख रुपये की भारी लागत से किया गया है। यह नई इमारत कई तरह की आधुनिक और तकनीकी सुविधाओं से पूरी तरह लैस है, जो सरकारी कामकाज की गति को कई गुना तेज करेगी। गौरतलब है कि इससे पहले यह महत्वपूर्ण निबंधन कार्यालय तहसील परिसर के भीतर महज एक छोटे से और जर्जर कमरे में संचालित होता था। उस पुरानी और अनुपयुक्त जगह पर बरसात के दिनों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो जाती थी। बारिश का पानी भर जाने के कारण न सिर्फ आधिकारिक कामकाज हफ्तों तक ठप पड़ जाता था, बल्कि अपने जरूरी कानूनी काम से आने वाले दूर-दराज के लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब इस नए और सुरक्षित भवन के बन जाने से मौसम की मार, जलभराव और बैठने की जगह की कमी जैसी पुरानी परेशानियां हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी।
स्टाम्प ड्यूटी में करोड़ों की छूट का ऐलान
इस आधुनिक कार्यालय के शुभारंभ के साथ-साथ शासन द्वारा स्टाम्प शुल्क में भी कई बड़ी छूटों का ऐलान किया गया है, जो समाज के विभिन्न वर्गों को सीधा और बड़ा आर्थिक फायदा पहुंचाएगा। महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, महिलाओं के नाम पर अचल संपत्ति खरीदने पर मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी छूट की अधिकतम सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकारी अनुमान के मुताबिक, इस एक फैसले से महिलाओं को हर साल लगभग 8 करोड़ रुपये की कुल स्टाम्प छूट का लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, पारिवारिक या अन्य रूप से दान में दी जाने वाली जमीनों के मामलों में भी प्रतिवर्ष 15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम छूट दी जाएगी। देश की सेवा करने वाले भूतपूर्व सैनिकों के सम्मान में उन्हें 23 लाख रुपये तक की स्टाम्प ड्यूटी में छूट का प्रावधान किया गया है, जबकि दिव्यांगजनों को भी राहत देते हुए 11 लाख रुपये की स्टाम्प छूट दी जाएगी।
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत
इस नई और पारदर्शी व्यवस्था तथा आधुनिक दफ्तर के खुलने से स्थानीय आम जनता के साथ-साथ तहसील के कामगारों में भी भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। पेशे से स्टाम्प विक्रेता और बैनामा लेखक के रूप में काम करने वाले भोलानाथ पांडे ने पुरानी और कष्टदायी परिस्थितियों को याद करते हुए बताया कि पिछले कार्यालय की जर्जर छत से पानी टपकता रहता था। इसकी वजह से बारिश के पूरे मौसम में वहां बैठकर काम करना या कागजों को सुरक्षित रखना लगभग असंभव हो जाता था। उन्होंने यह भी बताया कि इस अव्यवस्था के चलते कई बार लोगों को अपने छोटे-मोटे कागजी काम करवाने के लिए भी बेवजह अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ जाते थे। लेकिन अब एक ही सुसज्जित और सुरक्षित जगह पर सारी व्यवस्था हो जाने से जनता का पैसा और समय दोनों बचेगा। वहीं, एक अन्य स्थानीय निवासी गोविंद सिंह ने भी इस बहुप्रतीक्षित विकास कार्य की खुले कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि पुराना दफ्तर बेहद खराब और जर्जर हालत में था, जहां खड़ा होना भी मुश्किल था। गोविंद सिंह ने बताया कि इस नए भवन का सफलतापूर्वक निर्माण पूर्व सांसद के अथक प्रयासों का ही नतीजा है, जो अंततः आम जनता की सहूलियत और हित के लिए उठाया गया एक बेहद शानदार कदम साबित होगा।




















