उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 नवंबर को पावन नगरी अयोध्या पहुंचकर दीपावली का त्योहार पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर में विराजमान रामलला के समक्ष शीश नवाया और विधिवत दर्शन पूजन किया। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्री राम से समूचे राष्ट्र की निरंतर उन्नति, सामाजिक समरसता और नागरिकों के जीवन में सुख समृद्धि की मंगलकामना की। दर्शन के उपरांत उन्होंने स्थानीय नागरिकों और विभिन्न समुदायों के बीच पहुंचकर उत्सव के माहौल को साझा किया।
धार्मिक यात्रा और आस्था के अधिकारों की सुरक्षा
अयोध्या में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आस्था के सम्मान और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने पूर्व के दौर की विपरीत परिस्थितियों को याद दिलाते हुए रेखांकित किया कि वर्तमान व्यवस्था में किसी भी रामभक्त पर बल प्रयोग या गोली चलाने का दुस्साहस कोई नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अब किसी भी नागरिक को लाठी के जोर पर ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से रोका नहीं जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, अयोध्या की पारंपरिक आस्था का अभिन्न हिस्सा मानी जाने वाली 5 कोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमाएं अब बिना किसी व्यवधान या प्रशासनिक रोक टोक के पूरी गरिमा के साथ संपन्न कराई जा रही हैं।
अयोध्या के गौरव और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा का आह्वान
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में अयोध्या के समग्र कायाकल्प और उसकी ऐतिहासिक गरिमा को अक्षुण्ण रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान श्री राम की इस पावन भूमि को उसी दिव्यता और भव्यता के अनुरूप संवारा जाना आवश्यक है, जिसकी यह हकदार है। नगर को अत्यंत स्वच्छ, सुंदर, आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित जनमानस से आह्वान किया कि सभी को मिलकर नगर की सांस्कृतिक पहचान, गौरव और संपत्तियों की रक्षा का संकल्प लेना होगा, ताकि भविष्य में कोई भी अयोध्या की पावन छवि को धूमिल करने अथवा यहां की संपदा पर अनुचित दृष्टि डालने का प्रयास न कर सके।
निषाद बस्ती और वंचित वर्ग के साथ खुशियों का आदान प्रदान
त्योहार के इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री का विशेष ध्यान समाज के उन वर्गों पर रहा जो नगर सेवा में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अशोक सिंघल वार्ड और निषाद बस्ती का सघन दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय परिवारों, नाविकों और सफाईकर्मियों से सीधा संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी परिवारों के बीच मिठाइयां और ताजे फल वितरित किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अयोध्या धाम को स्वच्छ और आकर्षक बनाए रखने में सफाईकर्मियों का अनवरत परिश्रम, समर्पण और सेवा भाव ही सबसे महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। इसके साथ ही, उन्होंने प्रभु श्री राम और निषादराज की पौराणिक मित्रता का स्मरण करते हुए नौका संचालन करने वाले नाविक समुदाय के ऐतिहासिक योगदान की भूरि भूरि प्रशंसा की।
सोशल मीडिया पर दिया सामाजिक एकता और सनातन मूल्यों का संदेश
धरातल पर कार्यक्रमों में सहभागिता के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी देशवासियों को दीपावली की बधाई प्रेषित की। अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि प्रभु श्री राम का सम्पूर्ण जीवन संपूर्ण समाज को एक सूत्र में बांधने, आपसी आत्मीयता को प्रगाढ़ करने और परस्पर सद्भाव को सुदृढ़ करने की अमर प्रेरणा देता है। एक अन्य संदेश में उन्होंने इस पर्व को सनातन संस्कृति की जाग्रत आध्यात्मिक चेतना तथा मर्यादा पुरुषोत्तम के शाश्वत आदर्शों का परिचायक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म, सत्य और न्याय की आधारशिला पर टिका यह महापर्व समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रकाश फैलाने का पावन माध्यम है।



















