उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी सामने आई है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार की तरफ से डीए को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 63 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले से कर्मचारियों की जेब में अब ज्यादा पैसे आएंगे और आर्थिक स्तर पर बड़ी राहत महसूस होगी।
कब से लागू होगा बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता
संशोधित डीए की यह नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। कर्मचारियों को इस बढ़े हुए भत्ते का प्रत्यक्ष लाभ नवंबर के वेतन के साथ मिलना शुरू हो जाएगा, जिसका भुगतान दिसंबर के महीने में किया जाएगा। इसके अलावा, जुलाई से लेकर अक्टूबर तक के चार महीनों का बकाया एरियर कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते और बचत पत्रों के माध्यम से जमा कराया जाएगा।
किन-किन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा फायदा
इस फैसले का दायरा काफी व्यापक है, जिससे राज्य के विभिन्न विभागों से जुड़े कार्मिक लाभान्वित होंगे। उत्तर प्रदेश के नियमित राज्य कर्मचारी, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के कर्मी, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी तथा शहरी स्थानीय निकायों के अंतर्गत आने वाले सभी कामगार इस बढ़े हुए डीए का लाभ उठा सकेंगे। इसके साथ ही, राज्य के करीब 12 लाख पेंशनर्स को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा, जिनके महंगाई भत्ते में भी तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिससे उनकी दर भी बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई है।
आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में भी जबरदस्त बढ़ोतरी
महंगाई भत्ते के ऐलान के अलावा सरकार ने राज्य के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन की ओर से राज्य के 2,72,000 से अधिक आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में डेढ़ गुना तक की वृद्धि कर दी गई है, जिससे उन्हें भी काफी वित्तीय संबल मिलेगा। इन सभी कल्याणकारी कदमों से सरकार के राजकोष पर लगभग तीन हजार करोड़ से 3500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान लगाया गया है। इस कुल अनुमानित राशि में बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और 30 दिन का दीपावली बोनस भी शामिल है।
कर्मचारी संगठनों ने सरकार के फैसले का किया स्वागत
सरकार के इस बड़े ऐलान के बाद राज्यभर के कर्मचारी संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। विभिन्न संगठनों ने इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है और इसे कर्मचारियों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया है। संगठनों का कहना है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगें आखिरकार पूरी हो गई हैं, जिससे कर्मचारियों को पर्व के इस सीजन में बड़ी राहत मिली है।



















