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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी जांच अंतिम चरण में, जल्द हो सकती है और गिरफ्तारियांउत्तर प्रदेश
9 जुल॰ 2026, 12:07 am (45 दिन पहले)· 2

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी जांच अंतिम चरण में, जल्द हो सकती है और गिरफ्तारियां

अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अब अंतिम निष्कर्ष तैयार करने में जुटी है। टीम जल्द ही एक और दौरा कर फील्ड वेरिफिकेशन करेगी और 15 जुलाई तक उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के पैसों में हेराफेरी और चोरी की घटना की जांच अब अपने आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। इस संवेदनशील मामले की छानबीन कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, टीम अपनी फाइनल रिपोर्ट को सरकार के समक्ष पेश करने से पहले अयोध्या का एक और यानी तीसरा दौरा करने की योजना बना रही है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य फील्ड वेरिफिकेशन को पूरा करना है। SIT को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट जमा करने के लिए 15 जुलाई की समय सीमा दी गई है।

जांच टीम की गहन विश्लेषण प्रक्रिया

पिछले तीन सप्ताहों की कड़ी मेहनत के दौरान, SIT ने इस प्रकरण से जुड़े अनगिनत दस्तावेजों को खंगाला है। टीम ने कई इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स का भी बारीकी से अध्ययन किया है और मामले से जुड़े अनेक व्यक्तियों के बयान दर्ज किए हैं। इन सभी साक्ष्यों के विश्लेषण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। अब जांच अधिकारी इस पूरे मामले के निष्कर्षों को एक ठोस रिपोर्ट का रूप देने की तैयारी में जुटे हुए हैं ताकि किसी भी कानूनी प्रक्रिया में कोई चूक न रह जाए।

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फील्ड वेरिफिकेशन की अहमियत

रिपोर्ट सौंपने से पूर्व SIT का इरादा मौके पर जाकर दोबारा जांच करने का है। पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान जो महत्वपूर्ण जानकारियां और इनपुट प्राप्त हुए हैं, उनका मिलान अब घटनास्थल के तथ्यों के साथ किया जाएगा। जांच टीम इस दौरान मिले नए सुरागों की भी फिर से पुष्टि कर रही है, जिससे रिपोर्ट में दी गई बातें पूरी तरह से सटीक और पुख्ता साबित हो सकें। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि मंदिर प्रबंधन में हुई चूक के सभी पहलुओं को बारीकी से समझा जा सके।

साजिश की कड़ी और संभावित गिरफ्तारियां

जांच का दायरा अभी भी व्यापक बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि SIT इस चोरी के पीछे की पूरी साजिश की एक-एक कड़ी को जोड़ने में लगी है। नए तथ्यों के सामने आने के बाद यह संभावना प्रबल हो गई है कि मामले में संलिप्त कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। पुलिस इस कड़ी को पूरी तरह सुलझाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

रिपोर्ट में किन बातों का होगा उल्लेख

उम्मीद की जा रही है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट में चोरी की पूरी कार्यप्रणाली का विस्तृत विवरण होगा। इसमें मंदिर की वर्तमान निगरानी प्रणाली की कमियों पर प्रकाश डाला जाएगा। साथ ही, सुरक्षा और प्रबंधन के लिए तैनात जिम्मेदार अधिकारियों व अन्य कर्मियों की भूमिका का भी रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। जांच में जो भी तथ्य सामने आए हैं, उन्हें रिपोर्ट में शामिल कर सरकार को सौंपा जाएगा।

ट्रस्ट की आंतरिक गतिविधियां

इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने अयोध्या में कई उच्च-स्तरीय बैठकें की हैं। इससे पहले ट्रस्ट की एक अहम बैठक संपन्न हुई थी, जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा द्वारा अपने पदों से दिए गए इस्तीफों को स्वीकार कर लिया गया था। आने वाले दिनों में SIT की रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद, इसी के आधार पर भविष्य की प्रशासनिक और कानूनी दिशा तय की जाएगी। सबकी निगाहें अब 15 जुलाई की तारीख पर टिकी हैं।

सवाल-जवाब

SIT अपनी अंतिम रिपोर्ट कब जमा करेगी?
SIT को 15 जुलाई तक उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपनी है।
क्या मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं?
हां, जांच में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर SIT द्वारा कुछ और लोगों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
जांच टीम अयोध्या क्यों जा रही है?
SIT अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले फील्ड वेरिफिकेशन करने और एकत्रित जानकारी को मौके पर सत्यापित करने के लिए अयोध्या का अंतिम दौरा करेगी।
ट्रस्ट के किन पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया है?
पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर अपने इस्तीफे दिए थे, जिन्हें ट्रस्ट द्वारा स्वीकार कर लिया गया है।
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