अयोध्या राम मंदिर में दान की राशि के दुरुपयोग और कथित लूट के मुद्दे पर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने खुद चेक के जरिए 1,11,00 रुपये का चंदा दिया था। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रस्ट के सदस्यों को नियुक्त किया था, फिर भी वे इस विषय पर पूरी तरह खामोश हैं। दिग्विजय सिंह ने जोर देकर कहा कि इस मामले में बड़े स्तर पर धांधली हुई है और शुरुआत में कोई FIR दर्ज न करना हैरानी भरा था। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें आरोपियों की रिमांड की मांग करनी चाहिए थी।
योगी सरकार का रुख और आरोपियों पर शिकंजा
इस पूरे मामले पर भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राम मंदिर के चंदे में चोरी करने वालों के हौसले तोड़ने के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं है, ताकि भविष्य में कोई भी मंदिर की संपत्ति पर गलत नजर न डाल सके। इसी कड़ी में पुलिस कार्रवाई करते हुए आरोपी रामशंकर यादव, जिसे टिन्नू यादव के नाम से जाना जाता है, को लेकर दुर्गापुरी कॉलोनी पहुंची। वहां मौजूद टिन्नू यादव के हॉस्टल में पुलिस ने तलाशी ली, जिसमें करीब 13 कमरे और एक विशाल हॉल मौजूद है।
आरोपी अनुकल्प मिश्रा की पृष्ठभूमि और कथा का खुलासा
मंदिर गबन मामले में नामजद आरोपी अनुकल्प मिश्रा के अयोध्या स्थित बसावा गांव के घर पर भी जांच पड़ताल हुई है। अनुकल्प के दादा राजेंद्र प्रसाद मिश्रा ने बताया कि उनका पोता 10वीं के बाद ग्रेजुएशन कर रहा था और उन्हें इसके मंदिर में काम करने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि अनुकल्प के पिता प्रॉपर्टी का काम करते हैं और अनुकल्प कौशलपुरी में रहता है। अनुकल्प के घर की भव्यता और उसकी आर्थिक स्थिति पर सवाल तब उठे जब पता चला कि उसने अप्रैल महीने में अपने गांव में 7 दिनों तक भागवत कथा का आयोजन किया था। सोशल मीडिया पर मौजूद तस्वीरों में अनुकल्प के साथ चंपत राय और अन्य बड़े पदाधिकारी नजर आ रहे हैं, जो इस कार्यक्रम की भव्यता की पुष्टि करते हैं।
राजनीतिक बयानबाजी और भविष्य की रणनीति
आम आदमी पार्टी की नेता प्रियंका कक्कड़ ने भी इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि राम के नाम पर सत्ता में आई पार्टी के शासनकाल में उनके घर में ही डाका डाल दिया गया। उन्होंने मांग की कि इस मामले में दोषियों को सख्त सजा मिले। वहीं, दूसरी ओर 28 जून को अयोध्या में स्वामी श्री गोविंदानंद सरस्वती एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। श्री सीताराज महल में सुबह 11 बजे होने वाली इस वार्ता में वे चंदा अनियमितता के मुद्दे पर अपना पक्ष रखेंगे और देशवासियों को इस मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां साझा करेंगे।













