नागालैंड की मतदाता सूची पर विवाद, 1.57 लाख से अधिक नामों में गड़बड़ी का आरोपमहाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणाम: बीजेपी ने जीती पुणे शिक्षक सीट, दो क्षेत्रों में शरद पवार गुट को बढ़तभीलवाड़ा में संपत्ति के लिए 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या, शव जलाकर नदी में बहाए अवशेष; दो गिरफ्तारमिजो विरासत को सहेजने के लिए खुला मिजोरम स्टेट म्यूजियम, मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने युवाओं से की खास अपीलAISA प्रमुख नेहा बोरा की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, SEM अदालत ने 20 नवंबर को दोबारा किया तलबमध्य प्रदेश के बालाघाट में प्रसव के बिल चुकाने के लिए बुजुर्ग महिला की हत्या, आरोपी गिरफ्तारदिल्ली में वोटर सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से पूछा- पुराने मतदाताओं से फॉर्म 6 क्यों भरवाया जा रहाऋषिकेश के बाजारों में करवा चौथ की रौनक, 3डी प्रिंट से लेकर ऐपण कला वाले करवे-छलनी की भारी मांगगाड़ी की कंडक्टरी छोड़ गांव में शुरू किया बकरी पालन, उत्तराखंड के प्रेम सिंह बने मिसालहिमंत बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया में जनजातीय भूमि अधिकारों की समीक्षा की, कई विकास योजनाओं की शुरुआत
बसपा की राष्ट्रीय बैठक में मायावती का कड़ा संदेश, आकाश आनंद को नहीं मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी और पार्टी लड़ेगी अकेले चुनावउत्तर प्रदेश
3 सित॰ 2026, 2:10 pm (56 दिन पहले)· 0

बसपा की राष्ट्रीय बैठक में मायावती का कड़ा संदेश, आकाश आनंद को नहीं मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी और पार्टी लड़ेगी अकेले चुनाव

बहुजन समाज पार्टी की ऑल इंडिया बैठक में मायावती ने साफ किया कि आकाश आनंद अभी पूरी तरह परिपक्व नहीं हैं और उन्हें बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही पार्टी ने आगामी सभी चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है।

बहुजन समाज पार्टी की ऑल इंडिया बैठक में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संगठनात्मक नेतृत्व और आगामी चुनावी रणनीति पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मायावती ने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता आकाश आनंद को फिलहाल कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी। उनके अनुसार, आकाश आनंद में अभी पर्याप्त राजनीतिक परिपक्वता की कमी है और उन्हें संगठन में उच्च पद हासिल करने से पहले और अधिक मैच्योर होने की आवश्यकता है।

आकाश आनंद की संगठनात्मक भूमिका पर रुख साफ

मायावती के इस ताजा बयान के बाद बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य और उनकी मौजूदा भूमिका को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बसपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद पार्टी के लिए काम करना जारी रख सकते हैं और उन्हें राजनीतिक गतिविधियों से पूरी तरह अलग नहीं किया गया है। हालांकि, जब तक वह सांगठनिक जिम्मेदारियों को संभालने के लिए पूरी तरह परिपक्व नहीं हो जाते, तब तक उन्हें शीर्ष स्तर के पद नहीं दिए जाएंगे। पार्टी में आकाश आनंद के पद को लेकर पहले भी कई बार बदलाव देखे गए हैं, लेकिन इस फैसले से यह संकेत मिलता है कि मायावती फिलहाल नेतृत्व में किसी बड़े बदलाव के पक्ष में नहीं हैं।

ये भी पढ़ें

देशभर में बिना गठबंधन अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा

ऑल इंडिया बैठक में चुनावी रणनीति की रूपरेखा तैयार करते हुए मायावती ने ऐलान किया कि बहुजन समाज पार्टी देश में होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव अपने बलबूते पर लड़ेगी। पार्टी आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनावों में किसी भी क्षेत्रीय या राष्ट्रीय दल के साथ चुनावी गठबंधन नहीं करेगी। मायावती ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि शोषित वर्ग और बहुजन समाज के हितों की रक्षा करना पार्टी का मुख्य ध्येय है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शोषित समाज को शासक वर्ग बनाने के आंबेडकरवादी मिशन को पूरा करने के लिए सत्ता हासिल करना अत्यंत आवश्यक है, और इसके लिए अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखना जरूरी है।

पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए विशेष रणनीति का ऐलान

राष्ट्रीय बैठक में पंजाब के आगामी राजनीतिक परिदृश्य पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मायावती ने पहले किए गए अपने फैसले को दोहराते हुए कहा कि बसपा पंजाब विधानसभा चुनाव में भी किसी दल के साथ गठबंधन किए बिना अकेले मैदान में उतरेगी। उन्होंने पंजाब इकाई को निर्देश दिया कि आगामी चुनावों के लिए केवल कर्मठ, समर्पित और ईमानदार कार्यकर्ताओं को ही उम्मीदवार बनाया जाए। मायावती ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की नीतियां जनता के विरोध में रही हैं और लोग इनके शासन से परेशान हो चुके हैं। ऐसे में बसपा की 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की नीति और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को जनता के सामने एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश किया जाएगा।

सवाल-जवाब

क्या आकाश आनंद को बसपा से बाहर निकाल दिया गया है?
नहीं, आकाश आनंद पार्टी में काम करना जारी रखेंगे, लेकिन उन्हें फिलहाल कोई बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
मायावती ने आकाश आनंद को जिम्मेदारी न देने का क्या कारण बताया?
मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद अभी पूरी तरह परिपक्व नहीं हुए हैं और उन्हें और राजनीतिक अनुभव की जरूरत है।
क्या बसपा आगामी चुनावों में किसी पार्टी के साथ गठबंधन करेगी?
नहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने ऐलान किया है कि पार्टी देश के सभी चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ेगी।
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा की क्या रणनीति है?
बसपा पंजाब चुनाव में भी बिना गठबंधन के अकेले उतरेगी और केवल कर्मठ व ईमानदार कार्यकर्ताओं को ही टिकट देगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·55 दिन पहले

मायावती का यह निर्णय बसपा के संगठनात्मक अनुशासन और वंशवाद से ऊपर पार्टी के आंतरिक कैडर की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। आकाश आनंद को लेकर दिए गए इस स्पष्ट संदेश से पार्टी के भीतर संभावित असंतोष या गुटबाजी को रोकने का प्रयास दिखता है। वहीं, सभी चुनावों में अकेले लड़ने का यह रणनीतिक कदम क्षेत्रीय दलों के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, जिससे आगामी चुनावी मैदान में मुकाबला और अधिक बहुकोणीय हो जाएगा।

Rohan Verma@rohan-verma·55 दिन पहले

मायावती का यह सख्त रुख साफ करता है कि पार्टी सुप्रीमो उत्तराधिकार के दावों से अधिक सांगठनिक अनुशासन और कैडर आधारित वफादारी को प्राथमिकता दे रही हैं। बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनाव लड़ने के इस फैसले से उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में विपक्षी दलों के वोट बैंक में सेंध लग सकती है, जिससे चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp