बागपत जिले से गुजरने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर सड़क किनारे और डिवाइडर पर की गई हरियाली को नुकसान पहुंचाने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक्सप्रेसवे के डिवाइडर पर रोपा गया एक पौधा दिनदहाड़े उखाड़ लिया गया और उसे बाकायदा कार की डिग्गी में रखकर लोग रवाना हो गए। इस पूरी हरकत का लगभग एक मिनट का सीसीटीवी फुटेज अब विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक संपत्ति की हिफाजत और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
वायरल वीडियो रिकॉर्डिंग में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि तेज रफ्तार कॉरिडोर पर अचानक एक चार पहिया गाड़ी आकर रुकती है। कार रुकते ही उसमें से एक व्यक्ति बाहर निकलता है और सीधे डिवाइडर के उस हिस्से की ओर बढ़ता है जहां सजावटी पौधे रोपे गए हैं। वह शख्स दोनों हाथों से जोर लगाकर जमीन में लगे पौधे को जड़ समेत खींचने की मशक्कत करता दिखाई देता है। कुछ ही पलों में वह पौधे को मिट्टी से अलग करने में सफल हो जाता है। इसके फौरन बाद वह उखाड़े गए पौधे को उठाकर अपनी गाड़ी की डिग्गी खोलता है, उसमें रखता है और गाड़ी का दरवाजा बंद कर मौके से आगे के सफर पर निकल जाता है।
वाहन पर लिखा दिखा पुलिस का नाम
इस पूरे मामले में इंटरनेट पर सबसे ज्यादा चर्चा उस गाड़ी की हो रही है जिससे यह हरकत की गई। रिकॉर्ड हुए फुटेज में वाहन के ऊपर बड़े अक्षरों में 'पुलिस' लिखा हुआ साफ नजर आ रहा है। हालांकि, यह वाहन आधिकारिक तौर पर पुलिस महकमे का ही है या फिर किसी निजी व्यक्ति ने अपनी गाड़ी पर पुलिस लिखवा रखा था, इसकी औपचारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसके अलावा कार में मौजूद शख्स कौन था और उसका पुलिस विभाग से कोई सीधा ताल्लुक है या नहीं, यह बात भी आधिकारिक तौर पर साफ होना बाकी है।
कॉरिडोर के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण कार्य के दौरान मार्ग को खूबसूरत और पर्यावरण अनुकूल बनाने के मकसद से डिवाइडर के बीच और सड़क के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाए गए हैं। इस तरह बीच सड़क से पौधों को उखाड़कर ले जाने की घटना ने संबंधित राजमार्ग विकास प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन के निगरानी तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करके तैयार किए जा रहे कॉरिडोर पर अगर इस प्रकार खुलेआम चोरी की घटनाएं होती हैं, तो यह व्यवस्था की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।
पहचान और जांच को लेकर संशय
अब तक सामने आए वीडियो से यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बागपत जिले के अंतर्गत कॉरिडोर के किस सटीक किलोमीटर या हिस्से में यह घटना घटी है। इसके साथ ही पौधा उखाड़ने वाले व्यक्ति की सटीक पहचान भी उजागर नहीं हो सकी है। हालांकि जानकारों का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर गाड़ी की नंबर प्लेट और फुटेज में दिख रहे व्यक्ति के चेहरे के आधार पर पहचान आसानी से की जा सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या स्थानीय पुलिस और संबंधित महकमा इस वायरल फुटेज का संज्ञान लेकर आरोपी पर कार्रवाई करता है और यदि गाड़ी पुलिस महकमे से संबंधित निकलती है तो उस पर क्या कदम उठाए जाते हैं।























