उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की चुनावी बिसात पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने अपने दो प्रत्याशियों राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी के नामों की आधिकारिक घोषणा करते हुए उन्हें संसद के उच्च सदन के लिए मैदान में उतार दिया है। बुधवार को राजधानी लखनऊ में दोनों उम्मीदवारों ने विधिवत अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव खुद मौके पर उपस्थित रहे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने से ठीक पहले ही पार्टी नेतृत्व की ओर से इन दोनों नामों पर आधिकारिक मुहर लगाई गई थी।
धनराज परिमल नाथवानी ने सार्वजनिक जीवन के नए सफर पर जताया आभार
सपा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल करने के उपरांत धनराज नाथवानी ने सार्वजनिक तौर पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का विशेष आभार व्यक्त किया। धनराज नाथवानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए पार्टी का प्रत्याशी बनाए जाने पर वह राष्ट्रीय अध्यक्ष का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं। उन्होंने लखनऊ में अखिलेश यादव की उपस्थिति में नामांकन दाखिल करने का जिक्र करते हुए इसे अपने सार्वजनिक जीवन के एक नए चरण की शुरुआत करार दिया।
ओम प्रकाश राजभर का सोशल मीडिया पर तीखा हमला
सपा द्वारा उम्मीदवारों के ऐलान और नामांकन के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री तथा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए समाजवादी पार्टी के चर्चित पीडीए नारे पर करारा तंज कसा। ओम प्रकाश राजभर ने तंज भरे लहजे में लिखा कि अखिलेश जी बिल्कुल सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवार और धनपति के नामों की घोषणा तो हो चुकी है, अब बस एक अपराधी को प्रत्याशी बनाना बाकी रह गया है, जिसके बाद उनका पीडीए पूरी तरह मुकम्मल हो जाएगा।
पीडीए की नई परिभाषा गढ़ते हुए साधा निशाना
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने पीडीए के अक्षरों की अपनी व्याख्या पेश करते हुए कहा कि इसमें पी का मतलब परिवार, डी का मतलब दौलतमंद और ए का अर्थ अपराधी है। उन्होंने सीधे तौर पर नामों का हवाला देते हुए लिखा कि परिवार वाले हिस्से से प्रोफेसर राम गोपाल यादव सामने आ गए हैं, जबकि दौलतमंद के रूप में धनराज नाथवानी को जगह मिल गई है। अब केवल अपराधी का कोटा शेष रह गया है, जिसकी घोषणा भी जल्द कर दी जानी चाहिए।
राजभर ने इससे पूर्व किए गए अपने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या सपा की तरफ से मैदान में उतारे जाने वाले तीनों चेहरे पीडीए के दायरे में आएंगे। उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग यह जानना चाहते हैं कि परिवार, दौलतमंद और अपराधियों को संसद के ऊपरी सदन भेजने की क्या रणनीति चल रही है। साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव को सलाह दी थी कि तीसरे उम्मीदवार के चक्कर में कहीं दूसरा प्रत्याशी भी हाथ से न निकल जाए। इसके अलावा राजभर ने यह भी कटाक्ष किया था कि सपा कार्यालय में शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव के प्रवेश के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती है।



















