गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र स्थित बुदाना गांव से एक बेहद चौंकाने वाली और वीभत्स वारदात सामने आई है, जहां बुधवार देर रात करीब 12 बजे एक बेटे ने अपने ही पिता को पिस्तौल से भूनकर मार डाला। बेटे ने पिता की खुद की पिस्तौल से ही ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस अधिकारी बड़ी संख्या में फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी और एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत का सटीक कारण और शरीर में लगी गोलियों की असल तादाद सामने आ सके।
150 करोड़ की जायदाद बनी विवाद की जड़
पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान 52 साल के हरिओम चौधरी के रूप में हुई है। वे इलाके के जाने-माने और संपन्न किसान माने जाते थे। उनके नाम करीब 75 बीघा खेती की जमीन दर्ज थी। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ रोड पर जीवन अस्पताल के ठीक सामने उनकी एक बड़ी मार्केट भी है। पुलिस का अनुमान है कि जमीन और मार्केट को मिलाकर कुल संपत्ति की कीमत करीब 150 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। हरिओम के परिवार में पत्नी अनीता, बड़ा बेटा निखिल नेहरा और छोटा बेटा नीशू शामिल हैं।
दुकानें और जमीन देने के बाद भी नहीं थमी जिद
एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि बड़ा बेटा निखिल लंबे समय से भारी मात्रा में शराब पीने का आदी था, जिसकी वजह से घर में अक्सर कलह होती रहती थी। पिता हरिओम पहले ही निखिल के नाम मार्केट की कुछ दुकानें और 25 बीघा जमीन कर चुके थे, बावजूद इसके निखिल बाकी बची संपत्ति भी पूरी तरह अपने नाम कराने की जिद पर अड़ा हुआ था। हरिओम को हमेशा यह डर सताता रहता था कि शराब की लत और बिगड़ैल आदतों के चलते कहीं निखिल यह जमीन भी बेचकर बर्बाद न कर दे। यही वजह थी कि पिता-पुत्र के बीच अक्सर तीखी नोकझोंक और अनबन होती रहती थी।
डांट पड़ते ही आगबबूला हुआ बेटा, निकाल ली पिस्तौल
बुधवार की रात हरिओम ने अपनी पत्नी अनीता और छोटे बेटे नीशू के साथ खाना खाया था। उस वक्त निखिल घर पर मौजूद नहीं था। देर रात जब निखिल नशे की हालत में लड़खड़ाते हुए घर लौटा, तो पिता ने उसकी शराबखोरी को लेकर उसे जमकर फटकार लगाई। बस इतनी सी बात पर निखिल आपे से बाहर हो गया और उसने घर में रखी पिस्तौल निकाल ली। मां अनीता और छोटे भाई नीशू ने बीच-बचाव की पूरी कोशिश की, लेकिन हाथापाई के बीच ही निखिल ने पिता पर सीधे गोलियां चला दीं।
चेहरे से लेकर छाती तक बरसाईं गोलियां
सबसे पहली गोली हरिओम के चेहरे पर लगी, जिससे वे तुरंत जमीन पर गिर पड़े। इसके बावजूद निखिल का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने जमीन पर गिरे पिता के चेहरे, छाती और प्राइवेट पार्ट के आसपास ताबड़तोड़ 4 से 6 और गोलियां उतार दीं। इतनी सारी गोलियां लगने से हरिओम की मौके पर ही मौत हो गई।
आठ साल पहले छोटे भाई पर भी तान चुका है पिस्तौल
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी निखिल का अतीत भी हिंसा और अपराध से भरा रहा है। साल 2018 में उसने अपने ही छोटे भाई नीशू पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग की थी, जिसमें नीशू को एक गोली लगी थी। अब पुलिस यह भी खंगाल रही है कि घटना से ठीक पहले निखिल ने मोदीनगर में किन दोस्तों के साथ शराब पार्टी की थी, और हत्या में इस्तेमाल हुई पिस्तौल आखिर किसके नाम पर दर्ज थी।
फरार बेटे की तलाश में जुटीं चार टीमें
पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी निखिल को पकड़ने के लिए पुलिस ने 4 अलग-अलग टीमें बनाई हैं, जो उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जमीन के विवाद में बेटे के हाथों पिता की जान जाने की ऐसी ही एक घटना हापुड़ में भी हो चुकी है, जहां एक बेटे ने जमीन के टुकड़े को लेकर हुए विवाद में अपने पिता पर गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी।











