दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था में सुधार और अपनी अन्य विभिन्न मांगों को लेकर धरना दे रहे सामान्य वर्ग के प्रदर्शनकारी छात्रों ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात की। इस दौरान छात्रों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी उन्हें सौंपा। मुलाकात के बाद ब्रजेश पाठक ने आश्वासन दिया कि छात्रों के मुद्दों को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा दिया गया है और आगामी दो दिनों के भीतर केंद्रीय मंत्री के साथ उनकी सीधी बैठक कराई जाएगी।
युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार का भरोसा
छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि उन्हें छात्रों की तरफ से एक मांग पत्र प्राप्त हुआ है, जिसे उन्होंने तुरंत आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय नेतृत्व के पास भेज दिया है। केंद्रीय नेतृत्व ने इस बात का संज्ञान लिया है कि जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे युवा साथी देश का भविष्य हैं और उनकी चिंताओं पर पूरी गंभीरता के साथ विचार किया जाएगा।
ब्रजेश पाठक ने यह भी स्पष्ट किया कि देश के युवाओं और छात्रों का किसी भी परिस्थिति में कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और सरकार सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने में विश्वास रखती है।
स्वयं केंद्रीय मंत्री तक छात्रों को ले जाएंगे ब्रजेश पाठक
छात्रों की यह प्रमुख इच्छा थी कि उनकी बात सीधे केंद्रीय स्तर के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे। इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रजेश पाठक ने घोषणा की है कि दो दिन बाद एक विशेष बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वे खुद इन छात्रों को संबंधित केंद्रीय मंत्री के पास लेकर जाएंगे और उनके सामने सारे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने का दावा
प्रदर्शनकारी छात्रों से हुई इस अहम मुलाकात के बाद ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक आधिकारिक पोस्ट भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आरक्षण सुधार आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हर्ष दुबे के साथ लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इस दौरान छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की मांगों और चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए उन्हें पूरी तरह आश्वस्त किया गया कि आने वाले दो दिनों के भीतर उनकी बातों को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रभावी तरीके से रखा जाएगा तथा संबंधित केंद्रीय मंत्री से उनकी मुलाकात तय की जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार देश के छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी छात्र के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सरकार हर वर्ग को साथ लेकर चलने की नीति पर काम कर रही है। एक्स पर साझा किए गए पोस्ट के जरिए उन्होंने अपनी बात दोहराई।
आरक्षण की समीक्षा की मांग पर अड़े हैं छात्र
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में सुधार और अन्य प्रमुख मांगों को लेकर बड़ी संख्या में लोग और छात्र एकत्र हुए थे। उनका मुख्य उद्देश्य आरक्षण की प्रक्रिया की समीक्षा कराना था। शुक्रवार को हुए उसी बड़े प्रदर्शन के बाद अब इन प्रदर्शनकारी छात्रों की सीधी मुलाकात उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से हुई है।
इससे पहले छात्रों के इन तमाम विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए थे। सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा था कि वे युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को ध्यान से सुनें।
इस बीच देश के अन्य हिस्सों में भी छात्रों से जुड़े मुद्दे गरमाए हुए हैं। हाल ही में रांची में परीक्षा रद्द कराने को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने सोरेन सरकार पर हाईकोर्ट में सही पैरवी न करने का गंभीर आरोप लगाया था।





















