दीपावली के त्योहारी सीजन में मिठाइयों की भारी खपत का अनुचित लाभ उठाने की कोशिशों पर पुलिस और खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में स्थित महज 100 वर्ग फीट के एक छोटे से परिसर में भारी तादाद में जमा की गई संदेहास्पद खाद्य सामग्री को जब्त कर लिया गया है। इस ठिकाने से लगभग 20 क्विंटल यानी 1920 किलोग्राम संदिग्ध मिल्क केक और मावा बरामद किया गया, जिसे त्योहारी दिनों में ग्रामीण बाजारों में खपाने की तैयारी की जा रही थी। मिलावटी सामग्री के जरिए भारी मुनाफा कमाने और आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की इस योजना को समय रहते नाकाम कर दिया गया।
गोपनीय सूचना पर संयुक्त टीम ने मारा छापा
किशोरपुरा थाना पुलिस को इलाके की एक संकरी दुकान में संदिग्ध खाद्य सामग्री का बड़ा जखीरा छिपाकर रखे जाने की गोपनीय जानकारी मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और शुरुआती पड़ताल की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क साधा गया, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की विशेषज्ञ टीम भी जांच के लिए बुलाई गई। जब अधिकारियों ने 100 वर्ग फीट के इस छोटे से परिसर की तलाशी ली, तो भीतर डिब्बों और गत्ते के कार्टूनों का अंबार देखकर पूरी टीम हैरान रह गई।
किराए के परिसर में जमा थे 48 कार्टून
कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम के अनुसार, त्योहारी मौसम में मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। जांच में सामने आया कि यह दुकान बृजेश कुमार की मिल्कियत है, जिन्होंने इसे जमुना शंकर राठौड़ को किराए पर दे रखा था। इतने छोटे से कमरे में दो अलग-अलग ब्रांडों के तहत तैयार किया गया मिल्क केक और मावा बेहद सघन तरीके से डंप किया गया था। इस भारी भंडारण के पीछे वैध दस्तावेज और खाद्य मानकों का पालन हो रहा था या नहीं, इस बिंदु पर भी पड़ताल केंद्रित की गई है।
पैकेटों का हिसाब और कुल वजन की स्थिति
किशोरपुरा थाना अधिकारी चेतन शर्मा ने बरामदगी का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि मौके से कुल 48 कार्टून जब्त किए गए। हर एक कार्टून के अंदर 16 डिब्बे करीने से पैक किए गए थे। प्रत्येक डिब्बे का वजन लगभग ढाई किलोग्राम दर्ज किया गया, जिसके चलते पूरी सामग्री का कुल वजन 1920 किलोग्राम यानी करीब 20 क्विंटल आंका गया है। खाद्य सुरक्षा दल ने मौके पर मौजूद दोनों अलग-अलग ब्रांडों के पैकेटों का निरीक्षण किया और गुणवत्ता के सटीक आकलन के लिए कुल छह नमूने एकत्र किए। नमूनों को अधिकृत प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजने के साथ ही समूचे स्टॉक को अग्रिम आदेश तक सीज कर दिया गया है।
प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर तय होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि प्रयोगशाला से जांच परिणाम सामने आने के बाद ही सामग्री की वास्तविक गुणवत्ता और उसमें मिलावट के स्तर की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। यदि जांच में यह स्टॉक घटिया गुणवत्ता का अथवा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदारों पर कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और दूषित माल को नष्ट कराया जाएगा। त्योहार से ऐन पहले की गई इस कार्रवाई से मिलावटी मिठाइयों की आपूर्ति शृंखला पर गहरा असर पड़ा है, जबकि सामग्री के मूल स्रोत और ग्रामीण वितरण तंत्र से जुड़े अन्य कड़ियों की छानबीन जारी रखी जा रही है।























