मथुरा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल वृंदावन में स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में विशिष्ट अतिथियों के प्रवेश को लेकर व्यवस्थाओं में बड़ा फेरबदल किया गया है। मंदिर प्रबंधन ने VIP दर्शन प्रक्रिया को जवाबदेह, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से नई पर्ची प्रणाली लागू कर दी है। उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के आदेश के बाद मंदिर परिसर के निकास द्वार संख्या 4 पर एक विशेष VIP सहायता और पंजीकरण काउंटर स्थापित किया गया है। अब सेवायत गोस्वामियों के यजमानों से लेकर पुलिस या प्रशासन की सिफारिश पर आने वाले किसी भी विशिष्टजन को मंदिर में सीधा प्रवेश नहीं मिल सकेगा। हर आगंतुक को पहले इस काउंटर पर जाकर अपना तुरंत रजिस्ट्रेशन कराना होगा और अधिकृत पर्ची लेनी होगी, जिसके सत्यापन के बाद ही मंदिर के भीतर जाने की अनुमति दी जाएगी।
गेट नंबर 4 पर स्थापित हुआ विशेष पंजीकरण केंद्र
मंदिर की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को सुचारू बनाए रखने के लिए निकास द्वार संख्या 4 को इस पूरी व्यवस्था का मुख्य केंद्र बनाया गया है। यहां स्थापित काउंटर पर दो समर्पित कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो अलग-अलग श्रेणियों के आगंतुकों का पंजीकरण संभाल रहे हैं। इस काउंटर पर तैनात पहला कर्मचारी पुलिस और जिला प्रशासन के आधिकारिक माध्यम से आने वाले विशिष्टजनों का त्वरित विवरण दर्ज कर पर्ची जारी करता है। वहीं, दूसरा कर्मचारी सेवायत गोस्वामियों के साथ आने वाले यजमानों और उनके पारिवारिक मेहमानों का पंजीकरण पूरा करके उन्हें आधिकारिक स्लिप प्रदान करता है। इस ऑन-द-स्पॉट व्यवस्था का मुख्य मकसद वास्तविक अतिथियों को किसी बेवजह उलझन के बिना त्वरित सेवा देना है, ताकि मंदिर के द्वारों पर अनियंत्रित भीड़ न जुटे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और अनधिकृत प्रवेश पर रोक
नई व्यवस्था को कड़ाई से लागू कराने और मौके पर किसी भी तरह के विवाद या अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा कर्मियों का विशेष दस्ता तैनात किया है। पंजीकरण काउंटर और उससे जुड़े प्रवेश मार्ग की निगरानी के लिए दो निजी सुरक्षा गार्ड और चार पुलिसकर्मियों को मुस्तैद रखा गया है। यह दल सुनिश्चित करता है कि केवल वैध पर्ची धारक ही VIP कतार में आगे बढ़ें। इससे पहले मंदिर प्रबंधन समिति ने VIP दर्शन पर्चियों की फोटोकॉपी या डुप्लिकेट प्रतियों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। प्रबंधन ने साफ कर दिया था कि दर्शन केवल निर्धारित प्रोटोकॉल के नियमों के तहत ही कराए जाएंगे। मौखिक सिफारिशों, अनौपचारिक अनुमति पत्रों और अनधिकृत पर्चियों के जरिए मंदिर में प्रवेश करने की पुरानी परिपाटी पर अब पूरी तरह अंकुश लगा दिया गया है।
भीड़ नियंत्रण और आम भक्तों के लिए अलग रास्ता
निकास द्वार संख्या 4 पर पंजीकरण की औपचारिकता पूरी करने के बाद VIP आगंतुकों को एक विशेष बैरिकेड वाली कतार से गुजारा जाता है। यह सुरक्षित गलियारा उन्हें सीधे मंदिर के अंदर बने VIP एन्क्लोजर तक पहुंचाता है। ठाकुर जी के दर्शन पूरे होने के बाद ये सभी विशिष्ट अतिथि गेट नंबर 1 के रास्ते बाहर निकल जाते हैं। इस सुव्यवस्थित रूट की वजह से मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वारों यानी गेट नंबर 2 और गेट नंबर 3 पर कतारबद्ध आम श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह अप्रभावित रहती है। पहले जब VIP समूहों को सामान्य भीड़भाड़ वाले रास्तों से मंदिर के भीतर ले जाया जाता था, तो आम भक्तों को भारी धक्का-मुक्की और रुकावटों का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था से आम श्रद्धालुओं को दर्शन में सुगमता मिलेगी और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का प्रवाह संतुलित बना रहेगा।



















