उत्तर प्रदेश के कानपुर से ताल्लुक रखने वाले एक इंजीनियर चंदन गुप्ता के रूस में अचानक लापता होने और वहां की पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रूस में वर्क वीजा के जरिए नौकरी करने गए चंदन की पत्नी स्नेहा गुप्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी इस बड़ी मुसीबत की जानकारी साझा की है। उनका कहना है कि रविवार रात करीब साढ़े 12 बजे रूसी पुलिस उनके पति को अपने साथ जबरन ले गई थी, जिसके बाद से उनका कोई अतापता नहीं है। इस घटना के बाद से मॉस्को में रह रहा यह परिवार गहरी चिंता और संकट के दौर से गुजर रहा है।
रविवार आधी रात को हुई घटना और पुलिस की कार्रवाई
स्नेहा गुप्ता के अनुसार, रविवार की रात जब अचानक स्थानीय पुलिस उनके आवास पर पहुंची, तो किसी को इस बात की भनक तक नहीं थी कि आगे क्या होने वाला है। पुलिस बिना किसी स्पष्ट पूर्व सूचना के चंदन गुप्ता को अपने साथ उठाकर ले गई। इसके बाद परिवार ने अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की, जिससे यह जानकारी सामने आई कि चंदन को किसी जेल में रखा गया है। हालांकि, उन्हें इस बात की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है कि आखिर किस जुर्म या शक के आधार पर उनके इंजीनियर पति को इस तरह उठाया गया है।
सेना में जबरन भर्ती किए जाने की डरावनी आशंका
इस पूरे प्रकरण में स्नेहा गुप्ता की चिंता को और ज्यादा बढ़ाने वाली बात यह है कि उन्हें डर सता रहा है कि कहीं उनके पति को रूसी सेना में जबरन शामिल न कर दिया जाए। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में दावा किया है कि रूस से लगातार ऐसी खबरें और बातें सामने आती रही हैं जिनमें विदेशी नागरिकों को सेना में भेजने के मामले सामने आए हैं। इसी बिनाह पर वह आशंका जता रही हैं कि चंदन के साथ भी ऐसा ही कुछ षड्यंत्र हो सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि चंदन को रूसी सेना में धकेले जाने या ऐसी किसी जबरन भर्ती प्रक्रिया के शुरू होने की कोई भी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
भारतीय दूतावास से संपर्क और असंतोषजनक जवाब
पति के अचानक इस तरह गायब होने और हिरासत में चले जाने के बाद स्नेहा ने तुरंत मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधा। उनके मुताबिक, वह लगातार भारतीय अधिकारियों के संपर्क में हैं और लगातार मदद की गुहार लगा रही हैं, लेकिन उन्हें दूतावास की तरफ से कोई भी ठोस या संतोषजनक जानकारी नहीं दी जा रही है। दूतावास के अधिकारियों की ओर से उन्हें केवल यह आश्वासन दिया जा रहा है कि उनके पति को जल्द ही छोड़ दिया जाएगा। लेकिन स्नेहा इस बात से परेशान हैं कि उन्हें कोई साफ वजह नहीं बताई जा रही है कि चंदन को कहां रखा गया है और उनकी रिहाई की वास्तविक कानूनी स्थिति क्या है।
भाषा की बड़ी बाधा और 10 साल के बच्चे की अकेले देखरेख
विदेश की धरती पर पूरी तरह अकेली पड़ चुकीं स्नेहा के सामने भाषा की एक बहुत बड़ी दीवार खड़ी हो गई है। उन्हें रूसी भाषा बिल्कुल नहीं आती है, जिसके कारण वहां के स्थानीय कानूनों, पुलिस प्रक्रियाओं और अधिकारियों के साथ संवाद स्थापित करने में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इस गंभीर संकट के समय उनके साथ उनका 10 साल का मासूम बच्चा भी मौजूद है, जिसकी सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी भी अकेले उन्हीं के कंधों पर है। इन तमाम विकट परिस्थितियों के चलते वह अब पूरी तरह से भारत सरकार की त्वरित मदद की उम्मीद लगाए बैठी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार
इस विकट स्थिति से जूझते हुए स्नेहा गुप्ता ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सविनय अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मांग की है कि विदेश में रोजी-रोटी कमाने गए एक भारतीय नागरिक के जीवन की रक्षा तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि वह रूसी उच्चाधिकारियों और संबंधित महकमों से सीधे संवाद स्थापित करें ताकि चंदन गुप्ता की सटीक स्थिति का पता चल सके और उन्हें सुरक्षित उनके स्वदेश वापस लाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से भी इस वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करने की अपील की है ताकि यह गंभीर मामला जल्द से जल्द भारत सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों की नजरों तक पहुंच सके।
हिरासत का आधार अब भी बना हुआ है एक अनसुलझा रहस्य
चंदन गुप्ता की इस अचानक हुई हिरासत के पीछे की असली वजह क्या है, यह सवाल अभी भी पूरी तरह से धुंधला बना हुआ है। रूसी पुलिस ने उन्हें किस बिनाह पर दबोचा है, उनके नाम पर वहां कोई आपराधिक मामला दर्ज किया गया है या नहीं, और उन्हें इस समय किस सटीक जगह या जेलखाने में बंद करके रखा गया है, इसकी कोई भी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। इसके अलावा, रूसी सेना में जबरन भेजे जाने की बात भी फिलहाल पूरी तरह से पत्नी के बयानों, आशंकाओं और दावों तक ही सीमित है। परिवार सिर्फ यही चाहता है कि भारतीय कूटनीतिक अधिकारी इस मामले में पूरी ताकत से हस्तक्षेप करें ताकि चंदन की सलामती जल्द से जल्द तय हो सके और वह सकुशल अपने परिवार के पास लौट आएं।



















