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उत्तर प्रदेश के महोबा में स्कूल के पीछे बने गड्ढे में डूबकर तीन बच्चों की मौत, भाई-बहन भी शामिलउत्तर प्रदेश
7 सित॰ 2026, 12:37 pm (52 दिन पहले)· 2

उत्तर प्रदेश के महोबा में स्कूल के पीछे बने गड्ढे में डूबकर तीन बच्चों की मौत, भाई-बहन भी शामिल

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के रिवई गांव में बारिश से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से भाई-बहन समेत तीन बच्चों की मौत हो गई, हादसे के बाद पूरे गांव में मातम है।

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां चरखारी तहसील के रिवई गांव में बारिश के पानी से लबालब भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से तीन मासूम बच्चों की जान चली गई। मरने वालों में एक ही परिवार के भाई-बहन भी शामिल हैं और इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।

कैसे हुआ यह हादसा

यह घटना रविवार शाम करीब छह बजे की बताई जा रही है। रिवई गांव में स्थित मॉडल स्कूल के पीछे मिट्टी निकालने के मकसद से एक बड़ा गड्ढा खोदा गया था। पिछले कुछ दिनों की भारी बारिश के चलते यह गड्ढा पानी से पूरी तरह भर गया था और उसकी गहराई भी काफी बढ़ गई थी। शाम के वक्त गांव के कुछ बच्चे उसी गड्ढे के आसपास खेल रहे थे। खेलते-खेलते अचानक तीन बच्चों का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में जा गिरे। पानी की गहराई ज्यादा होने की वजह से तीनों बच्चे तुरंत डूबने लगे।

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हादसे में तीन मासूमों की गई जान

इस हादसे में जिन तीन बच्चों की मौत हुई, उनमें 14 साल का प्रिंस अहिरवार, उसकी चचेरी बहन 11 साल की रोशनी अहिरवार और पड़ोस में रहने वाला 10 साल का अंशुल अहिरवार शामिल है। बच्चों को पानी में डूबते देख आसपास मौजूद लोग घबरा गए और शोर मचाते हुए मदद के लिए दौड़ पड़े। साथ ही तुरंत इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई।

डेढ़ घंटे तक चला रेस्क्यू, फिर भी नहीं बच सकी जान

सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम बिना समय गंवाए मौके की तरफ रवाना हुई। रिवई चौकी प्रभारी सुजीत जायसवाल खुद गड्ढे के पानी में उतर गए और गांव वालों तथा स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्चों को खोजने में जुट गए। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार तीनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

पुलिस और परिजन तीनों बच्चों को बेहद गंभीर हालत में तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी लेकर पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच करने के बाद तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और आगे की जांच के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रशासन ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर बंधाया ढांढस

हादसे की खबर मिलते ही एसडीएम अवनीश कुमार तिवारी राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मामले का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और सरकार की ओर से हर संभव आर्थिक और कानूनी मदद दिलाने का भरोसा दिया। एक ही दिन में तीन-तीन मासूमों की मौत ने पूरे रिवई गांव को गमगीन कर दिया है और लोग इस हादसे को याद कर सिहर उठ रहे हैं।

सवाल-जवाब

यह हादसा कहां हुआ?
यह हादसा उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की चरखारी तहसील के रिवई गांव में हुआ।
हादसा कब हुआ?
यह घटना रविवार शाम करीब छह बजे हुई।
हादसे में किन बच्चों की मौत हुई?
14 साल के प्रिंस अहिरवार, उसकी चचेरी बहन 11 साल की रोशनी अहिरवार और पड़ोसी 10 साल के अंशुल अहिरवार की मौत हुई।
बच्चे गड्ढे में कैसे गिरे?
मॉडल स्कूल के पीछे मिट्टी निकालने के लिए खोदा गया गड्ढा बारिश से भर गया था, बच्चे उसके पास खेल रहे थे और पैर फिसलने से पानी में गिर गए।
बच्चों को बचाने में कितना समय लगा?
पुलिस, गांव वालों और गोताखोरों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बच्चों को पानी से बाहर निकाला।
बच्चों को कहां ले जाया गया?
बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
एसडीएम अवनीश कुमार तिवारी और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर परिवारों को ढांढस बंधाया और आर्थिक व कानूनी मदद का भरोसा दिलाया।
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