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मणिपुर: कांगपोकपी के गांव में तड़के गोलीबारी के बाद स्कूल में लगाई आगमणिपुर
7 सित॰ 2026, 6:05 pm (1 घंटे पहले)· 2

मणिपुर: कांगपोकपी के गांव में तड़के गोलीबारी के बाद स्कूल में लगाई आग

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सोमवार तड़के लुनजांग गांव में गोलीबारी हुई, जिसके कुछ घंटों बाद वहां एक प्राथमिक स्कूल को आग के हवाले कर दिया गया।

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सोमवार तड़के लुनजांग गांव में अचानक गोलीबारी शुरू हो गई और कुछ घंटों बाद इसी इलाके के एक प्राथमिक स्कूल में आग लगा दी गई।

तड़के शुरू हुई फायरिंग

पुलिस के मुताबिक सुबह करीब 5 बजे कुछ हथियारबंद लोग गांव पर हमले की नीयत से आगे बढ़े, जिसके बाद वहां तैनात सुरक्षाबलों ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। यह गोलीबारी करीब आधे घंटे तक चलती रही, हालांकि इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

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लुनजांग गांव चलवा पुलिस थाने के अंतर्गत आता है और थाने से करीब 12 किलोमीटर दूर है। इस गांव में करीब 40 लोग रहते हैं, साथ ही यहां मणिपुर राइफल्स की एक चौकी और इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के विस्थापित जवान भी तैनात हैं।

स्कूल जलकर राख

गोलीबारी थमने के बाद आईटी रोड पर कुकी बहुल इलाके में स्थित लुनजांग यूजेबी स्कूल को कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया गया और यह पूरी तरह जलकर खाक हो गया। स्थानीय लोगों ने इसके लिए एनएससीएन (आईएम) और जेडयूएफ-के के सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने में जुटी है कि गोलीबारी और आगजनी के पीछे असल वजह क्या रही।

आईटी रोड पर बढ़ती तनातनी

यह घटना आईटी रोड इलाके में लगातार हो रहे हमलों और जवाबी हमलों की एक और कड़ी है, जहां दोनों समुदायों के लोग बार-बार एक-दूसरे पर गांवों और आम लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाते रहे हैं। इन आपसी आरोपों ने इस पूरे इलाके में तनाव और गहरा दिया है।

दो दिन पहले चुराचांदपुर में मुठभेड़

कांगपोकपी की यह घटना उस मुठभेड़ के महज दो दिन बाद हुई है, जिसमें चुराचांदपुर जिले में भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त टुकड़ी ने यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (यूकेएनए) के दो उग्रवादियों को मार गिराया था, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। मुठभेड़ के बाद जब उग्रवादियों के शिविर की तलाशी ली गई तो वहां से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ, जिसमें दो एमए राइफलें, एक एके-56 राइफल, एक लठोड गन, सात लठोड ग्रेनेड, 15 एके मैगजीन, एके-56 के 371 राउंड, एमए राइफल के 601 राउंड और एसएलआर के 172 राउंड शामिल थे।

सवाल-जवाब

कांगपोकपी में गोलीबारी कब और कहां हुई?
यह सोमवार तड़के करीब 5 बजे मणिपुर के कांगपोकपी जिले के लुनजांग गांव में हुई।
गोलीबारी कितनी देर चली?
यह गोलीबारी करीब 30 मिनट तक चली, जिसके बाद थम गई।
क्या इस घटना में कोई घायल हुआ?
पुलिस के मुताबिक इस गोलीबारी में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
स्कूल में आग किसने लगाई?
स्थानीय लोगों ने एनएससीएन (आईएम) और जेडयूएफ-के के सदस्यों पर आरोप लगाया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लुनजांग गांव में कौन-कौन तैनात है?
गांव में मणिपुर राइफल्स की एक चौकी और इंडिया रिजर्व बटालियन के विस्थापित जवान तैनात हैं।
इससे पहले कौन सी घटना हुई थी?
दो दिन पहले चुराचांदपुर में भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त कार्रवाई में यूकेएनए के दो उग्रवादी मारे गए थे और दो घायल हुए थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·36 मिनट पहले

चुराचांदपुर की हालिया मुठभेड़ के बाद कांगपोकपी में हुई यह गोलीबारी और स्कूल जलाए जाने की घटना पूर्वोत्तर के इस संवेदनशील राज्य में सुरक्षा बलों के सामने खड़ी चुनौतियों को और बढ़ाती है। सुरक्षा चौकियों की मौजूदगी के बावजूद इस तरह के हमलों का होना और स्थानीय स्तर पर आपसी आरोपों का दौर जारी रहना इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर तनाव को थामने के लिए खुफिया तंत्र और रणनीतिक गश्त को और अधिक मजबूत करने की सख्त जरूरत है, ताकि इस प्रकार की हिंसक वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·36 मिनट पहले

यह घटना दिखाती है कि सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद संवेदनशील इलाकों में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना एक गंभीर चुनौती बन गया है। इस तरह के हमलों से न केवल शांति बहाली के प्रयास कमजोर होते हैं, बल्कि विस्थापितों और स्थानीय आबादी के बीच अविश्वास भी गहराता है, जिससे प्रशासन के लिए स्थिति को नियंत्रित करना और अधिक पेचीदा हो जाता है।

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