पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर चाकू से जानलेवा हमले के आरोपों को कोलकाता पुलिस ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। पुलिस आयुक्त ने मामले पर स्पष्ट करते हुए कहा कि दी गई शिकायत में कोई दम नहीं है और लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस की ओर से दावा किया गया था कि एक महिला ने मुख्यमंत्री पर उस समय हमला करने की कोशिश की, जब वह दुर्गा पूजा पंडाल जा रही थीं।
घटनाक्रम और तृणमूल कांग्रेस के आरोप
मंगलवार को सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दुर्गा पंडाल के लिए निकली थीं, तब एक महिला उनके सुरक्षा घेरे के बेहद करीब पहुंच गई। पार्टी के अनुसार, उक्त महिला ने 'बुआ' कहकर मुख्यमंत्री का ध्यान खींचा, उनकी साड़ी खींची और चाकू निकालकर वार करने की कोशिश की। इस कथित घटना के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए थे, क्योंकि उन्हें जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है।
पुलिस आयुक्त का रुख और जांच के तथ्य
कोलकाता पुलिस के आयुक्त ने इन दावों की सच्चाई सामने रखते हुए कहा कि मामले की जांच में शिकायत के भीतर कोई तथ्य या दम नहीं पाया गया है। पुलिस ने हमले के पूरे दावे को निराधार करार दिया। जांच में सामने आया कि जिस महिला को मौके से हिरासत में लिया गया, उसकी पहचान तन्निष्ठा साहा के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक महिला नशे की आदी बताई जा रही है और उसने मौके पर खुद को मुख्यमंत्री की भतीजी बताया था।
सुरक्षा व्यवस्था और हिरासत में पूछताछ
जेड प्लस सुरक्षा घेरे के बावजूद किसी अनजान व्यक्ति के मुख्यमंत्री के इतने निकट पहुंचने पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है। पुलिस ने आरोपी महिला को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी। अधिकारियों का कहना है कि महिला मानसिक रूप से अस्थिर और नशे की गिरफ्त में प्रतीत हो रही थी, जिसने भ्रामक दावे कर माहौल गरमाने की कोशिश की, लेकिन वास्तव में कोई हमला या नुकसान पहुंचाने जैसी बात प्रमाणित नहीं हुई है।



















