उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में अपराध और संगठित तस्करी के खिलाफ पुलिस का कड़ा रुख लगातार जारी है। इसी दिशा में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत मऊ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार देर रात कोपागंज थाना क्षेत्र में पुलिस और एक इनामी गौ-तस्कर के बीच आमना-सामना हो गया, जो जल्द ही एक भीषण मुठभेड़ में बदल गया। पुलिस की घेराबंदी से बचने के लिए आरोपी ने गोलीबारी कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया। राज्य में वांछित अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ चल रहे पुलिस के सख्त अभियान के तहत हुई यह मुठभेड़ कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। घायल अवस्था में आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
देर रात पुलिस को मिली सटीक खुफिया जानकारी
उत्तर प्रदेश में इनामी और फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें दिन-रात सक्रिय हैं। विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है और अपराधियों की स्थिति को तकनीकी मदद और मुखबिरों के जरिए ट्रैक कर रही है। इसी कड़ी में 21 जुलाई की देर रात कोपागंज थाना पुलिस को एक बेहद महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मिली। पुलिस के मुखबिर तंत्र ने सूचना दी कि इलाके में एक ऐसा अपराधी घूम रहा है जिसकी पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। यह घटना रात करीब दो बजे की है, जब पुलिस को बताया गया कि गौवध अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 106/26 में वांछित चल रहा इनामी आरोपी इलाके में मौजूद है। पुलिस की जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय इस आरोपी का नाम इला है, जो नसीर का बेटा है और कोपागंज थाने के ही अंतर्गत आने वाले चेला राम का पूरा का निवासी है। सूचना थी कि वह कटवास के रास्ते से होकर इंदारा रेलवे स्टेशन की तरफ जा रहा है।
घेराबंदी और चेतावनी के बाद शुरू हुई गोलीबारी
मुखबिर से यह सटीक सूचना मिलते ही कोपागंज पुलिस ने फौरन एक विशेष टीम का गठन किया और बिना कोई समय गंवाए इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। इंदारा रेलवे स्टेशन के आस-पास के सभी रास्तों को बंद कर दिया गया ताकि आरोपी किसी भी सूरत में भाग न सके। पुलिस टीम ने पूरी मुस्तैदी के साथ आरोपी के आने का इंतजार किया। जैसे ही वह कटवास की ओर से आता हुआ दिखाई दिया, पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। घोसी के क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह के अनुसार, पुलिस टीम ने आरोपी को चारों तरफ से घेरकर उसे आत्मसमर्पण करने की सख्त चेतावनी दी थी। हालांकि, पुलिस की चेतावनी का उस पर कोई असर नहीं हुआ। खुद को घिरा हुआ देखकर उसने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने की नीयत से अपने हथियार से गोलियां चलानी शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलाबारी के बाद पुलिस टीम ने भी पूरी तरह से संयम बरतते हुए आत्मरक्षा में अपनी बंदूकों से जवाबी फायरिंग की।
गिरफ्तारी, हथियारों की बरामदगी और अस्पताल में इलाज
पुलिस और अपराधी के बीच हुई इस गोलीबारी में एक गोली आरोपी के पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए उसे फौरन काबू में कर लिया और गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से घातक हथियार बरामद हुए। मऊ पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि उसके पास से 315 बोर का एक अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस मिले हैं, जिनका इस्तेमाल उसने पुलिस पर हमला करने के लिए किया था। घायल अवस्था में जमीन पर पड़े आरोपी को पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। सबसे पहले उसे कोपागंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन गोली के घाव को देखते हुए बेहतर चिकित्सा के लिए उसे मऊ के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल जिला अस्पताल में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है।
कई जिलों में फैला है आपराधिक गिरोह
इस इनामी आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस को कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस की शुरुआती जांच-पड़ताल में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपी का एक लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह केवल मऊ जिले में ही नहीं, बल्कि आस-पास के जनपदों में भी सक्रिय था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ मऊ और बलिया जनपद में गौवध अधिनियम सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। विशेष रूप से बलिया जिले के सिकंदरपुर थाने में भी उसके खिलाफ संबंधित मामले दर्ज होने की पुष्टि हुई है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पूरे आपराधिक इतिहास की विस्तृत जांच पड़ताल की जा रही है और उसके अन्य आपराधिक साथियों की तलाश भी की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से जारी है, ताकि संगठित अपराध के इस पूरे गिरोह का खात्मा किया जा सके।



















