नीलामी का अवसर और भूखंडों की संख्या
मेरठ में संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक सुनहरा मौका दस्तक दे रहा है। मेरठ आवास विकास परिषद ने घोषणा की है कि 30 जून को लगभग 53 भूखंडों की नीलामी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इस नीलामी में हाउसिंग ग्रुप और व्यक्तिगत आवासीय दोनों प्रकार के भूखंड शामिल हैं। भूखंडों के आकार में भी काफी विविधता है, जो 35 वर्ग मीटर से शुरू होकर 800 वर्ग मीटर और 2500 वर्ग मीटर तक जाती है। यानी छोटे परिवार से लेकर बड़े व्यापारिक उद्देश्य तक के खरीदार अपनी आवश्यकता के अनुसार भूखंड चुन सकते हैं।
उप आवास आयुक्त ने TrendKia को बताई आवेदन प्रक्रिया
मेरठ आवास विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने TrendKia से बातचीत में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जो भी व्यक्ति 30 जून की नीलामी प्रक्रिया में भाग लेना चाहता है, उसे इससे पहले 29 जून 2026 तक 10% की धनराशि जमा करते हुए अपना आवेदन पूरा करना होगा। समय पर आवेदन करने के बाद ही बोली लगाने का अधिकार मिलेगा। भूखंडों की कीमत और अन्य तकनीकी विवरण जानने के लिए खरीदार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन जाकर संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
किन योजनाओं में उपलब्ध हैं ये भूखंड
अनिल कुमार सिंह के अनुसार, नीलामी में आने वाले भूखंड परिषद की कई प्रमुख आवासीय योजनाओं से लिए गए हैं। इनमें जागृति विहार एक्सटेंशन, माधवपुरम योजना, शताब्दी नगर और लोहिया नगर सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं। इन सभी इलाकों में स्थित भूखंडों की संपूर्ण जानकारी ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है ताकि आवेदक घर बैठे भी सही चुनाव कर सकें। खासतौर पर जो लोग व्यावसायिक संपत्ति खरीदना चाहते हैं, उन्हें यह जानकर राहत मिलेगी कि इस नीलामी के जरिए खरीदी गई कमर्शियल प्रॉपर्टी पर भविष्य में व्यापारिक गतिविधियां चलाने में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं आएगी।
दिल्ली, हरियाणा और गाजियाबाद से भी खींचे चले आते हैं खरीदार
मेरठ में संपत्ति को लेकर उत्साह केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों तक नहीं है। गत वर्ष जब मेरठ आवास विकास परिषद ने इसी तरह की नीलामी आयोजित की थी, उसमें न सिर्फ मेरठ बल्कि हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद और अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। यह आंकड़ा बताता है कि मेरठ की रियल एस्टेट मार्केट में बाहरी निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। इस बार भी विशेषज्ञों को उम्मीद है कि नीलामी प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी देखने को मिलेगी।













