भारत में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। देश भर के शीर्ष 100 जिलों की राष्ट्रीय सूची में उत्तर प्रदेश के 17 जिलों ने अपनी जगह बनाई है। इस राष्ट्रीय रैंकिंग में राज्य की राजधानी लखनऊ ने 1,24,167 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करके पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि न केवल उत्तर प्रदेश में हरित ऊर्जा के तेजी से फैलाव को उजागर करती है, बल्कि बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में राज्य के निरंतर प्रयासों का ठोस परिणाम भी प्रस्तुत करती है।
लखनऊ, वाराणसी और कानपुर ने कायम की नई मिसाल
उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में रूफटॉप सोलर पैनल अपनाने को लेकर नागरिकों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राजधानी लखनऊ 1,24,167 सौर संयंत्र स्थापित करके देश भर के जिलों में सबसे ऊपर रही है। लखनऊ के नागरिकों द्वारा बड़े पैमाने पर घरों की छतों पर सौर पैनल लगाने से यह बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकी है। इसके साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए देश में 10वीं रैंक हासिल की है।
वाराणसी में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियानों का प्रत्यक्ष असर देखा जा रहा है। वहीं राज्य का प्रमुख औद्योगिक केंद्र कानपुर राष्ट्रीय स्तर पर 14वें स्थान पर पहुंच गया है। कानपुर का यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगरों के लिए स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा अपनाने की एक नई मिसाल पेश करता है। राज्य के 17 जिलों का देश के शीर्ष 100 जिलों में शामिल होना यह स्पष्ट करता है कि आम जनता में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ी है।
त्वरित सब्सिडी और प्रशासनिक सहयोग का दिखा प्रभाव
उत्तर प्रदेश नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी के निदेशक रविंदर सिंह ने शनिवार को आंकड़े साझा करते हुए इस सफलता की मुख्य वजहों पर प्रकाश डाला। रविंदर सिंह का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा योजना के लाभार्थियों के खातों में तेजी से सब्सिडी का पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया कि प्रदेश सरकार के सक्रिय और निरंतर सहयोग के बिना इतनी बड़ी योजना का धरातल पर सफल होना संभव नहीं था।
रविंदर सिंह के अनुसार राजधानी लखनऊ का देश भर में प्रथम स्थान हासिल करना उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शी ऊर्जा नीति और योजनाओं को धरातल पर शीघ्रता से लागू करने की प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार की संयुक्त सौर नीतियों, विशेष रूप से प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से लाखों उपभोक्ताओं को मुफ्त तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति से जोड़ा जा रहा है।
बिजली बिल में कटौती और अतिरिक्त कमाई के अवसर
रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने से आम नागरिकों को दोहरे वित्तीय फायदे मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल में भारी कमी आ रही है, वहीं दूसरी तरफ छतों पर उत्पन्न होने वाली अतिरिक्त बिजली को सरकारी ग्रिड में भेजकर उपभोक्ता सीधी वित्तीय कमाई भी कर रहे हैं। इस दोहरे लाभ की वजह से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सौर ऊर्जा अपनाने की रफ्तार दिन-प्रतिदिन तेज होती जा रही है।
राज्य सरकार और केंद्र सरकार की इस पहल से उपभोक्ताओं को महंगी बिजली से राहत मिल रही है। 17 जिलों की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर अभियान व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। आने वाले समय में राज्य के अन्य जिलों में भी इस योजना का विस्तार और तेजी से होने की पूरी संभावना है।



















