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शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान का तितली घर बना पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना, 30 से ज्यादा प्रजातियां बढ़ा रहीं रौनकउत्तर प्रदेश
3 सित॰ 2026, 3:10 pm (56 दिन पहले)· 2

शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान का तितली घर बना पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना, 30 से ज्यादा प्रजातियां बढ़ा रहीं रौनक

गोरखपुर स्थित शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान का तितली घर पर्यटकों के आकर्षण की मुख्य वजह बना हुआ है। विशेष रूप से तैयार इस प्राकृतिक आवास में टाइगर तितली समेत 30 से अधिक प्रजातियां देखने को मिल रही हैं।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान परिसर में बना तितली घर इन दिनों शहर और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। चिड़ियाघर के अन्य सामान्य बाड़ों की तुलना में इस स्थान का माहौल और वास्तुकला पूरी तरह से अलग अनुभव प्रदान करती है। यहां प्रवेश करते ही आगंतुकों को ऐसा महसूस होता है जैसे वे किसी घने प्राकृतिक वनक्षेत्र के अलग ही संसार में आ गए हों। खूबसूरत तितलियों की सुगम उड़ान और चारों तरफ फैली हरियाली पर्यटकों का मन मोह रही है।

तितली घर की खास बनावट और एकतरफा मार्ग

इस विशेष परिसर की संरचना को इस प्रकार तैयार किया गया है कि यहां आने वाले लोगों के अनुभव और प्राकृतिक जैव विविधता के बीच एक बेहतरीन तालमेल बना रहे। पर्यटकों के भ्रमण के लिए एक विशेष एकतरफा मार्ग बनाया गया है, जहां वे एक द्वार से भीतर प्रवेश करते हैं और पूरे परिसर का चक्कर लगाते हुए दूसरी तरफ बने निकास द्वार से बाहर आते हैं। इस रास्ते के दोनों ओर विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे और रंग-बिरंगे फूल लगाए गए हैं, जिनके बीच अनगिनत तितलियां उड़ती हुई नजर आती हैं। प्राणी उद्यान प्रशासन ने इस स्थान को केवल इंसानों के घूमने के लिए ही नहीं सजाया है, बल्कि तितलियों के प्राकृतिक जीवन चक्र, नमी, सुरक्षा और धूप की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया है।

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तितलियों की पसंद के पौधे और अनुकूल वातावरण

प्राणी उद्यान के डॉक्टर योगेश के अनुसार, तितलियों की उपस्थिति और उनकी गतिविधियों को बनाए रखने के लिए यहां पूरी तरह से अनुकूल प्राकृतिक माइक्रो-क्लाइमेट बनाया गया है। चिड़ियाघर प्रबंधन लगातार ऐसे विशिष्ट वनस्पतियों और फूलों वाले पौधे रोपित कर रहा है जो तितलियों को आकर्षित करते हैं। इन पौधों के माध्यम से तितलियों को पर्याप्त मात्रा में प्राकृतिक मकरंद और बैठने की सुरक्षित जगह मिलती है। डॉक्टर योगेश ने स्पष्ट किया कि बाहर से उड़कर आने वाली तितलियां अपनी पसंद के पौधे को चुनती हैं और उसी पर जाकर आराम करती हैं। उनके बैठने या ठहरने की कोई समय-सीमा निश्चित नहीं होती। वे जब तक उस माहौल को पसंद करती हैं, वहां रुकती हैं और फिर स्वच्छंद होकर किसी अन्य पौधे या जगह पर उड़ जाती हैं।

30 से अधिक प्रजातियां और टाइगर तितली का आकर्षण

इस तितली घर में अब तक 30 से अधिक विभिन्न प्रजातियों की तितलियों की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है। इन प्रजातियों में पंखों के रंग, उनके ऊपर बने प्राकृतिक पैटर्न और आकार की अद्भुत विविधता देखने को मिलती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के पर्यटक इतने पास से तितलियों को पौधे पर बैठते और रस पीते देखकर रोमांचित हो उठते हैं। डॉक्टर योगेश के मुताबिक, यहां दिखाई देने वाली तितलियों की श्रृंखला में टाइगर तितली पर्यटकों के बीच सबसे खास और पसंदीदा मानी जाती है। इस तितली के पंखों की बनावट और उस पर बनी धारियां काफी हद तक बाघ के शरीर पर मौजूद पट्टियों जैसी दिखाई देती हैं। इसी अनोखी शारीरिक विशेषता के कारण इसे टाइगर तितली कहा जाता है, जिसका बड़ा आकार और चटख रंग इसे परिसर में तुरंत अलग से पहचान दिला देता है।

प्रकृति को समझने और सीखने का बेहतरीन अनुभव

गोरखपुर चिड़ियाघर का यह तितली घर महज एक दर्शनीय स्थल नहीं है, बल्कि यह आम जनता और शोधकर्ताओं को प्रकृति के सूक्ष्म जीव पारिस्थितिकी तंत्र को करीब से जानने और समझने का अवसर भी देता है। हरी-भरी पत्तियों और चारों ओर उड़ती तितलियों के बीच बिताया गया समय आगंतुकों के मन में एक अमिट और सुखद छाप छोड़ता है। इसके साथ ही, यह बच्चों और युवाओं में प्राकृतिक विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक सकारात्मक समझ और संवेदनशीलता पैदा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सवाल-जवाब

गोरखपुर चिड़ियाघर के तितली घर में कितनी प्रजातियां देखी गई हैं?
गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान स्थित तितली घर में अब तक 30 से अधिक विभिन्न प्रजातियों की तितलियां दर्ज की जा चुकी हैं।
तितली घर में टाइगर तितली की क्या खासियत है?
टाइगर तितली के पंखों का रंग और उस पर बनी धारियां बाघ के शरीर की पट्टियों से मिलती-जुलती हैं, जिससे इसका बड़ा आकार और आकर्षण इसे दूसरों से अलग बनाता है।
तितली घर को किस तरह से डिजाइन किया गया है?
इस परिसर को एकतरफा भ्रमण मार्ग के साथ डिजाइन किया गया है, जहां पर्यटक एक गेट से प्रवेश करते हैं और पौधों तथा उड़ती तितलियों के बीच से गुजरते हुए दूसरे गेट से बाहर आते हैं।
तितलियों को आकर्षित करने के लिए चिड़ियाघर प्रशासन क्या कदम उठा रहा है?
प्रशासन तितलियों की पसंद के विशेष मकरंद वाले पौधे लगा रहा है, जो उन्हें भोजन और बैठने के लिए अनुकूल प्राकृतिक स्थान प्रदान करते हैं।
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