उत्तर प्रदेश के संभल में नगर प्रशासनिक अधिकारियों ने अवैध निर्माणों के खिलाफ एक प्रमुख अभियान की दिशा में कदम बढ़ाया है। 'संभल मास्टर प्लान 2031' के तय मानकों का उल्लंघन करके बनाई गई 36 इमारतों को चिह्नित किया गया है, जिनमें रिहाइशी मकान और व्यावसायिक दुकानें दोनों शामिल हैं। यह पूरी कार्रवाई शहरी नियोजन नियमों के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। हाल ही में किए गए आधिकारिक सर्वेक्षण के दौरान पाया गया कि इन सभी निर्माणों का निर्माण कार्य स्वीकृत बिल्डिंग नक्शों के बिना ही कर लिया गया था, जिसके चलते अब संबंधित स्वामियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
मास्टर प्लान 2031 के तहत नक्शों की जांच और निरीक्षण
जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के पश्चात प्रशासनिक दल ने संबंधित क्षेत्र का बारीकी से मुआयना किया था। यह निरीक्षण विशेष रूप से विवादित शाही जामा मस्जिद के पिछले हिस्से में स्थित आबादी वाले क्षेत्र में आयोजित किया गया। जांच की अगुवाई कर रहे सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट विकास चंद्र ने बताया कि 'संभल मास्टर प्लान 2031' के प्रावधानों को धरातल पर लागू करने के लिए यह प्रशासनिक कवायद शुरू की गई है। निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के बाद 36 ऐसी संपत्तियों की पहचान की गई जो पूरी तरह से 'रेगुलेटेड एरिया' यानी नियमों के दायरे में आने वाले क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं। इन सभी संरचनाओं के पास नगर नियोजन विभाग द्वारा पास किया गया नक्शा नहीं मिला, जिसके कारण अब कानूनी व्यवस्था के तहत नियमानुसार नोटिस भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
भवन स्वामियों को मिलेगा अपना पक्ष प्रस्तुत करने का मौका
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि कार्रवाई प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और न्यायसंगत रखी जाएगी। सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट विकास चंद्र ने स्पष्ट किया कि जिन मकान और दुकान मालिकों को नोटिस दिए जा रहे हैं, उन्हें अपना जवाब और प्रासंगिक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। यदि कोई संपत्ति मालिक प्रशासनिक सुनवाई के दौरान यह सिद्ध कर देता है कि उसकी इमारत नियमों के अनुरूप है और स्वीकृत नक्शे के आधार पर बनाई गई है, तो उसके विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, जो लोग वैध नक्शा दिखाने में असमर्थ रहेंगे या जिनके निर्माण स्वीकृत मानकों के विपरीत पाए जाएंगे, उन सभी मामलों में नियमानुसार आगे की सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
चौधरी सराय से टंडन क्रॉसिंग तक कार्रवाई और सड़कों से अतिक्रमण हटाने का खाका
वर्तमान समय में प्रशासन का मुख्य ध्यान चौधरी सराय से लेकर टंडन क्रॉसिंग तक जाने वाले मार्ग और उसके आसपास के क्षेत्रों पर केंद्रित है। अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में इस मुख्य मार्ग को कवर किया जा रहा है, जबकि आने वाले दिनों में इस अभियान को विस्तार देकर शहर के अन्य चिन्हित वार्डों और मोहल्लों में भी चलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों ने पाया कि व्यावसायिक रास्तों और बाजारों की मुख्य सड़कों पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे किए गए हैं। दुकानदारों और स्थानीय निवासियों द्वारा सड़क की चौड़ाई को कम करके अस्थाई निर्माण और अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे आवाजाही का रास्ता संकरा हो गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नक्शों की जांच के साथ-साथ इन मुख्य बाजार मार्गों पर किए गए सभी प्रकार के अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त कर सड़क को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।




















