उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित चकेरी थाना क्षेत्र के कृष्णापुरम इलाके में शुक्रवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई। यहां रहने वाले IT पेशेवर रवि दीक्षित ने अपने घर परिसर में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। रवि वर्तमान में वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही अपनी कंपनी का कामकाज संभाल रहे थे। शुरुआती पड़ताल में पूरा मामला घरेलू जमीन-जायदाद से जुड़े मतभेद का नजर आ रहा है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मृतक ने अपनी सगी बहन पर गंभीर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
बाहर बने कमरे में फंदे से लटका मिला शव
पारिवारिक सदस्यों के अनुसार शुक्रवार की सुबह रवि घर के अहाते में बने एक कमरे की तरफ गए थे। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटे और परिजनों ने जाकर देखा, तो वहां का दृश्य देखकर घर में चीख-पुकार मच गई। रवि का शव फंदे से लटक रहा था। आसपास के लोगों की मदद से तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। चकेरी थाने की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम जांच के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने कमरे की तलाशी के दौरान वहां रखा सुसाइड नोट भी जब्त कर लिया है और उसमें लिखी बातों की लिखावट व तथ्यों की छानबीन शुरू कर दी है।
जमीन, संपत्ति और गहनों में बंटवारे का था तनाव
मृतक रवि दीक्षित की पत्नी ज्योति दीक्षित ने परिवार के अंदर चल रहे विवाद की परतें खोलीं। ज्योति के मुताबिक, रवि की बड़ी बहन छवि मिश्रा पिछले लंबे समय से पारिवारिक अचल संपत्ति, सोने-चांदी के जेवरात और पैतृक कृषि भूमि में अपने हिस्से के बंटवारे को लेकर लगातार दबाव बना रही थीं। पत्नी का कहना है कि संपत्ति के इसी झगड़े के कारण रवि पिछले करीब एक साल से अत्यधिक मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे थे। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ज्योति द्वारा लगाए गए इन आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है और सुसाइड नोट में दर्ज बिंदुओं को जांच की मुख्य दिशा बनाया गया है।
दस साल पहले हुई थी शादी, पीछे छोड़ गए सात साल का बेटा
रवि की शादी को लगभग 10 वर्ष हो चुके थे और उनका सात साल का एक मासूम बेटा भी है। वह IT क्षेत्र की कंपनी में कार्यरत थे और घर से ही अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। अचानक उठाए गए इस कदम से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है और पड़ोस के लोग भी स्तब्ध हैं। चकेरी थाना पुलिस अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि भाई-बहन के बीच संपत्ति का विवाद किस हद तक बढ़ चुका था। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने, सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच और रिश्तेदारों के दर्ज बयानों के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।



















