उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिलने की संभावना जताई जा रही है। पवित्र शहर अयोध्या की मणिराम दास छावनी में बुधवार दोपहर 3 बजे मंदिर ट्रस्ट की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में मंदिर प्रबंधन और व्यवस्था से जुड़े कई बड़े फैसले लिए जाने हैं। CEO के चयन प्रक्रिया के लिए गठित सर्च कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट और तीन उम्मीदवारों के नाम बंद लिफाफे में ट्रस्ट प्रबंधन को सौंप दिए हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के दौरान केवल CEO ही नहीं, बल्कि कई अन्य पदों पर पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों की भी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
सीईओ पद के लिए चर्चा में चल रहे प्रमुख चेहरे
मंदिर ट्रस्ट के CEO पद की रेस में प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम प्रमुखता से उभरे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सर्च कमेटी द्वारा सौंपे गए तीन बंद लिफाफों में पूर्व IPS राजेश पांडेय और पूर्व IAS दिनेश चंद्र के नाम सबसे आगे माने जा रहे हैं। इनके अलावा पूर्व IPS परेश सक्सेना का नाम भी दावेदारों की इस सूची में शामिल है। वहीं, रिटायर्ड IAS योगेश्वर राम मिश्रा के नाम की भी काफी चर्चा रही है, यद्यपि वे चयन प्रक्रिया के दौरान हुए अंतिम इंटरव्यू में उपस्थित नहीं हुए थे। ट्रस्ट की बैठक में इन नामों पर गहन विचार-विमर्श के बाद अंतिम निर्णय पर मुहर लगाई जाएगी।
दान चोरी कांड के बाद पहली बार ट्रस्ट की बड़ी प्रशासनिक बैठक
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में चढ़ावा और दान की राशि चोरी होने का मामला उजागर होने के बाद ट्रस्ट की यह तीसरी औपचारिक बैठक हो रही है। मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को अधिक मजबूत, पारदर्शी और कुशल बनाने के उद्देश्य से ही CEO का पद सृजित किया जा रहा है। इसके लिए 6 जुलाई को एक विशेष सर्च कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावरे जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों को शामिल किया गया था, जिन्हें एक योग्य और समर्पित प्रशासनिक प्रमुख तलाशने की जिम्मेदारी दी गई थी।
600 अंकों का गूगल फॉर्म और कड़े मूल्यांकन मापदंड
राम मंदिर ट्रस्ट के इस शीर्ष प्रशासनिक पद के लिए देश भर से जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। CEO बनने के लिए कुल 5585 लोगों ने अपनी दावेदारी पेश की थी। उम्मीदवारों की निष्ठा, बैकग्राउंड और कार्यक्षमता को परखने के लिए सर्च कमेटी ने 600 नंबरों का एक व्यापक गूगल फॉर्म तैयार किया था। इस फॉर्म के जरिए आवेदकों से कई व्यक्तिगत, धार्मिक और पेशेवर सवाल पूछे गए थे। उम्मीदवारों से उनकी खानपान की आदतों (शाकाहारी या मांसाहारी होने), शराब के सेवन, जनेऊ धारण करने तथा पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार वस्त्र पहनने की तत्परता से संबंधित जानकारी मांगी गई। इसके अलावा, भगवान राम में उनकी अगाध आस्था, किसी सामाजिक या धार्मिक संगठन अथवा मंदिर से जुड़े रहने का अनुभव और उनकी अगुवाई में काम कर चुके कर्मचारियों की संख्या के बारे में विस्तृत विवरण मांगा गया। साथ ही, आवेदकों से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बेहतर संचालन के लिए उनका विजन, भावी योजनाएं और ठोस सुझाव भी मांगे गए थे।
स्क्रीनिंग और इंटरव्यू की बहुस्तरीय प्रक्रिया
शुरुआती आवेदन के बाद कुल 3570 अभ्यर्थियों ने 600 अंकों वाले विस्तृत फॉर्म को भरकर समय पर वापस भेजा। सर्च कमेटी ने इन फॉर्मों का गहन मूल्यांकन किया और केवल उन्हीं 108 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जिन्होंने 470 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए थे। इन चयनित अभ्यर्थियों से सबसे पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की गई। इसके बाद, इनमें से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 17 उम्मीदवारों को व्यक्तिगत इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया गया। साक्षात्कार के दिन 16 अभ्यर्थी शामिल हुए। इन्हीं 16 उम्मीदवारों के साक्षात्कार के आधार पर सर्च कमेटी ने अंतिम 3 नामों का चयन किया और उनके नाम बंद लिफाफे में ट्रस्ट को सौंपे हैं, जिस पर आज अंतिम निर्णय होना है।



















