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त्योहारी मौसम में सुरक्षा और व्यवस्था पर यूपी सरकार सख्त, सीएम योगी ने जारी किए कड़े दिशानिर्देशउत्तर प्रदेश
4 नव॰ 2026, 12:25 am (1 घंटे पहले)· 0

त्योहारी मौसम में सुरक्षा और व्यवस्था पर यूपी सरकार सख्त, सीएम योगी ने जारी किए कड़े दिशानिर्देश

उत्तर प्रदेश में आगामी पर्वों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अमले के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा कर सख्त हिदायतें दी हैं।

आने वाले बड़े पर्वों के दौरान उत्तर प्रदेश में कानून का राज और जनसुविधाएं चाक-चौबंद रखने के मकसद से राज्य प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार की शाम प्रदेश भर के आला प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा सत्र आयोजित किया। इस वर्चुअल संवाद में उन्होंने साफ तौर पर रेखांकित किया कि आम जनता के उत्सव में किसी भी तरह का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर जिले के नेतृत्व को सीधे तौर पर सतर्क रहकर अपने दायित्व निभाने होंगे, ताकि पूरे प्रदेश में आपसी भाईचारा, स्वच्छता और अमन-चैन का वातावरण हर हाल में कायम रहे।

कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की मंशा पर जीरो टॉलरेंस की नीति

समीक्षा के दौरान शासन प्रमुख ने स्पष्ट चेतावनी दी कि त्योहारों के अवसर पर अशांति फैलाने की किसी भी दुर्भावनापूर्ण योजना को कतई सहन नहीं किया जाएगा। शरारती और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए बिना किसी रियायत के कठोर विधिक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इंटरनेट और डिजिटल संचार माध्यमों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने की पुख्ता व्यवस्था तय की गई है, ताकि झूठी अफवाहें, भ्रामक संदेश या नफरत भरे भाषण फैलाकर जनजीवन को प्रभावित करने वालों को तुरंत गिरफ्त में लेकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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अयोध्या में दीपोत्सव के लिए व्यापक इंतजाम

अयोध्या में 7 नवंबर के दिन आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम को लेकर विशेष तैयारियों का जायजा लिया गया। प्रशासन को हिदायत दी गई कि वहां आने वाले लाखों दर्शनार्थियों और पर्यटकों के लिए सुरक्षा के साथ-साथ सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जिले के भीतर और बाहरी रास्तों पर यातायात प्रबंधन सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान पहले से तैयार कर जनता के साथ साझा करने को कहा गया है। इसके अलावा, राज्य के सभी प्रमुख देवालयों एवं संवेदनशील धार्मिक प्रतिष्ठानों पर लगातार सुरक्षा बल तैनात रखने का आदेश दिया गया है।

खरीदारी के केंद्रों पर चौकसी और निगरानी

धनतेरस तथा दीपावली की अवधि में बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए कारोबारी इलाकों में पुलिस उपस्थिति सघन की जाएगी। अफसरों को पैदल गश्त बढ़ाने और सभी इलेक्ट्रॉनिक निगरानी कैमरों को निरंतर क्रियाशील रखने के लिए पाबंद किया गया है। आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन यानी पीआरवी-112 को सड़कों पर निरंतर गतिशील रहने का निर्देश मिला है। वरिष्ठ अधिकारियों को खुद धरातल पर उतरकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने को कहा गया है। वहीं, धार्मिक प्रतिमा स्थापना से जुड़े आयोजनों के लिए नियमों के तहत तय समयसीमा में अनुमति देने की बात कही गई है, बशर्ते किसी भी आयोजन की आड़ में सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास न हो।

पटाखा व्यापार और अग्निशमन को लेकर सुरक्षा नियम

आतिशबाजी की बिक्री और आगजनी जैसी संभावित घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़े सुरक्षा मानक तय किए गए हैं। पटाखों की अस्थाई दुकानें और भंडारण केंद्र घनी आबादी वाली बस्तियों से दूर खुले मैदानों में ही स्थापित किए जाएंगे। इस पूरी उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी वीडियो लिंक के जरिए मौजूद रहे।

सवाल-जवाब

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ यह समीक्षा बैठक क्यों की?
आगामी त्योहारों के दौरान उत्तर प्रदेश में सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और सामाजिक शांति सुनिश्चित करने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी।
अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन किस तारीख को होना तय है?
अयोध्या में इस वर्ष दीपोत्सव का भव्य कार्यक्रम 7 नवंबर को आयोजित किया जाएगा।
त्योहारों पर पटाखों की दुकानों के लिए क्या नियम तय किए गए हैं?
पटाखों की दुकानें और गोदाम घनी आबादी से दूर खुले और सुरक्षित स्थानों पर ही स्थापित किए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे?
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी और अफवाह या नफरत फैलाने वालों पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
बाजारों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस को क्या निर्देश मिले हैं?
व्यावसायिक केंद्रों में पुलिस की पैदल गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय रखने और पीआरवी-112 को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रतिमा स्थापना के आयोजनों को लेकर क्या व्यवस्था बनाई गई है?
नियमों के अनुसार निर्धारित समय पर अनुमति दी जाएगी, लेकिन आयोजनों की आड़ में उपद्रव करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·5 मिनट पहले

त्योहारों में भीड़ और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की यह सख्ती सही है, वरना लोग नियमों की परवाह नहीं करते।

Arjun Mehta@arjun-mehta·24 मिनट पहले

पिछली बार अयोध्या में दीपोत्सव के वक्त ऐसी भयंकर भीड़ फंसी थी कि निकलना मुश्किल हो गया था। पुलिस पहले से डायवर्जन प्लान बता दे तो कम से कम परिवार के साथ जाने वाले लोग रास्ते में परेशान नहीं होंगे।

Ravikash Gupta@ravikash·24 मिनट पहले

अर्जुन, आपकी बात बिल्कुल सही है। पर क्या इस बार पुलिस सच में समय पर ट्रैफिक डायवर्जन का प्लान लागू कर पाएगी?

Karan Malhotra@karan-malhotra·44 मिनट पहले

त्योहारों पर सख्ती और बाजारों में पुलिस गश्त की बात तो ठीक है, लेकिन सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी के नाम पर क्या आम लोगों की प्राइवेसी पर असर नहीं पड़ेगा? और ये तय कैसे होगा कि कौन सी बात महज अफवाह है और कौन सी आम आलोचना?

Rohan Verma@rohan-verma·43 मिनट पहले

करण भाई, प्राइवेसी की बात सही है लेकिन त्योहारों पर माहौल बिगड़ने से बचाने के लिए थोड़ी सख्ती ज़रूरी हो जाती है, वरना बाद में दिक्कत और बढ़ जाती है।

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