5 सितंबर को लगेगा नवपंचम योग, इन चार राशियों की चमकेगी किस्मत और होगी पैसों की<br>बृद्धीआगरा के इस खास फ्रेंच फ्राइस के दीवाने हुए युवा, कीमत और स्वाद दोनों में है दमदौसा निकाय चुनाव में चप्पल निशान पर मचा बवाल, निर्दलीय प्रत्याशियों ने जताई गहरी नाराजगीराजस्थान निकाय चुनाव: पाली नगर निगम में फंसी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की साखअमेरिका के नॉनफार्म पेरोल आंकड़ों से पहले सोने की चमक थमी, बाजार की नजरें नीतिगत फैसलों परडाइसन वैक्यूम खरीदने की पूरी गाइड: 2026 के सबसे बेहतरीन और बेकार मॉडलकुल्लू-मनाली फोरलेन पर हिमाचल पुलिस और आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन, पंजाब से लाई जा रही 7200 बीयर बोतलें जब्तमौसम बदलते ही बदलें अपनी खान-पान की आदतें, आयुर्वेद विशेषज्ञ से जानें सही तरीकाप्रणव कंस्ट्रक्शन, प्रासोल केमिकल्स और ग्लास वॉल सिस्टम्स के आईपीओ में कौन सा देगा सबसे ज्यादा मुनाफाभारतीय वायुसेना ने किया खगांतक-243 ग्लाइड बम का सफल परीक्षण, निजी क्षेत्र की भागीदारी से बदला रक्षा उत्पादन का परिदृश्य
यूपी के इज्जतनगर स्टेशन की अनोखी कहानी, ब्रिटिश अफसरों की 3 पीढ़ियों ने मिलकर किया था तैयारउत्तर प्रदेश
21 जुल॰ 2026, 3:01 am (46 दिन पहले)· 2

यूपी के इज्जतनगर स्टेशन की अनोखी कहानी, ब्रिटिश अफसरों की 3 पीढ़ियों ने मिलकर किया था तैयार

बरेली का इज्जतनगर रेलवे स्टेशन अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है, जिसे तीन ब्रिटिश पीढ़ियों ने विकसित किया था। 3.60 करोड़ रुपये की लागत से इस स्टेशन को अब एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ नया रूप दिया गया है।

उत्तर प्रदेश राज्य में एक ऐसा अनोखा रेलवे जंक्शन स्थित है, जिसकी ऐतिहासिक विरासत बेहद असाधारण और दिलचस्प है। बरेली जिले में मौजूद इज्जतनगर रेलवे स्टेशन एक ऐसा ऐतिहासिक ट्रांजिट हब है, जिसे दशकों की कड़ी मेहनत के बाद ब्रिटिश अफसरों की लगातार तीन पीढ़ियों ने मिलकर विकसित किया था। 19वीं सदी में अपने सफर की शुरुआत करने वाले इस स्टेशन ने समय के साथ कई बड़े बदलाव देखे हैं। हाल ही में 3.60 करोड़ रुपये की भारी लागत से इस पूरे स्टेशन का शानदार कायाकल्प किया गया है। आज यह रेलवे स्टेशन अपनी पुरानी औपनिवेशिक विरासत और एयरपोर्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का बेहतरीन संगम बन चुका है, जहां से रोजाना हजारों यात्री अपना सफर तय करते हैं।

ब्रिटिश अफसरों की तीन पीढ़ियों का अहम योगदान

इस शानदार रेलवे डिवीजन का इतिहास साल 1875 से जुड़ा हुआ है, जब नैनीताल के पहाड़ी इलाकों को मैदानी क्षेत्रों से जोड़ने की बड़ी पहल की गई थी। उस दौरान ब्रिटिश रेलवे अधिकारी एलेग्जेंडर आइजेट इस विकास कार्य का पूरी तरह से नेतृत्व कर रहे थे। रेलवे के विस्तार में उनके अहम योगदान को देखते हुए शुरुआत में इस स्टेशन का नाम आइजेट नगर रखा गया था। एलेग्जेंडर आइजेट ने ही बरेली से लेकर लखनऊ तक की महत्वपूर्ण रेलवे लाइन बिछाने का भी काम किया था।

ये भी पढ़ें

इस रेलवे डिवीजन के साथ आइजेट परिवार का जुड़ाव सिर्फ एलेग्जेंडर तक ही सीमित नहीं रहा। आगे चलकर उनके बेटे लेफ्टिनेंट कर्नल डब्ल्यूआर आईजेट ने यह बड़ी जिम्मेदारी संभाली और इज्जतनगर रेल मंडल के विकास पर काफी काम किया। यह ऐतिहासिक विरासत तीसरी पीढ़ी तक भी पहुंची, जब उनके पोते सर जेआर आइजेट ने भी इसी रेलवे डिवीजन में अपनी सेवाएं दीं और इसके कामकाज को आगे बढ़ाया। इस तरह ब्रिटिश अधिकारियों की तीन पीढ़ियों ने मिलकर बरेली के इस रेलवे स्टेशन को उसका मौजूदा आकार और मजबूत स्वरूप देने में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाई।

इज्जतनगर नाम और स्टेशन की दिलचस्प कहानी

हालांकि शुरुआत में इस स्टेशन का नाम एलेग्जेंडर आइजेट के नाम पर रखा गया था, लेकिन स्थानीय भाषा और उच्चारण के प्रभाव में यह नाम धीरे-धीरे बदल गया। हिंदी में इसे इज्जतनगर के नाम से जाना जाने लगा। ऐतिहासिक जानकारी के मुताबिक, अपने लंबे अस्तित्व के दौरान इस खास स्टेशन का नाम कुल तीन बार बदला गया था, जिसके बाद इसे इसकी मौजूदा पहचान मिली। आज यह स्टेशन आधिकारिक तौर पर आईजेडएन कोड के साथ संचालित होता है और पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रमुख जंक्शन के रूप में मजबूती से खड़ा है।

छोटी लाइन से लेकर एक बड़े रेल डिवीजन तक का सफर

इज्जतनगर को 14 अप्रैल 1952 को उत्तर-पूर्वी रेलवे जोन के तहत एक पूर्ण रेलवे डिवीजन का आधिकारिक दर्जा प्राप्त हुआ था। अपने शुरुआती दिनों में यह डिवीजन मुख्य रूप से छोटी लाइन नेटवर्क पर संचालित होता था। जब यह डिवीजन अस्तित्व में आया, तो उस समय यहां भारी मात्रा में जमीन उपलब्ध थी। इतनी अधिक खाली जगह होने के कारण स्टेशन परिसर में ही एक विशेष रेलवे वर्कशॉप का निर्माण किया गया था, जो आज भी काफी उपयोगी है।

जैसे-जैसे परिवहन की जरूरतें बढ़ती गईं, वैसे-वैसे स्टेशन के बुनियादी ढांचे में भी सुधार होता गया। साल 1988 में इस स्टेशन पर एक विशेष लोको शेड का निर्माण किया गया, और आखिरकार साल 2000 में यहां ब्रॉडगेज लाइन की शुरुआत की गई। वर्तमान समय में, कासगंज-बरेली-इज्जतनगर लाइन और पीलीभीत-टनकपुर मेन लाइन जैसे प्रमुख मार्ग सीधे इसी जंक्शन से होकर गुजरते हैं, जो इसे यात्रियों और माल ढुलाई दोनों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र बनाते हैं।

3.60 करोड़ रुपये से कायाकल्प और शानदार सुविधाएं

अपनी स्थापना के दशकों बाद, इज्जतनगर रेलवे स्टेशन को आधुनिक यात्रा मानकों के अनुरूप ढालने के लिए 3.60 करोड़ रुपये का एक बड़ा नवीनीकरण प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। नया और शानदार रेलवे स्टेशन अब यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह लैस है। यात्रियों के स्वागत के लिए एक भव्य प्रवेश द्वार बनाया गया है, और पूरे स्टेशन परिसर में एयर कंडीशंड वेटिंग रूम, लिफ्ट, एस्केलेटर और सुरक्षा के लिए हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इस बदले हुए स्टेशन का सबसे बड़ा आकर्षण इसका अनूठा रेल कैफे है, जिसे एक पुराने और बेकार हो चुके ट्रेन के डिब्बे को नया रूप देकर बेहद खूबसूरती से तैयार किया गया है।

आज यह ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन पहले से कहीं ज्यादा व्यस्त और आधुनिक है। इज्जतनगर रेलवे स्टेशन से रोजाना 50 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं, जो बरेली के लोगों को देश के प्रमुख महानगरों जैसे मुंबई, दिल्ली और कोलकाता से सीधे तौर पर जोड़ती हैं।

सवाल-जवाब

इज्जतनगर रेलवे स्टेशन कहाँ स्थित है?
इज्जतनगर रेलवे स्टेशन उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में स्थित है।
इज्जतनगर स्टेशन को किसने बनवाया था?
इस स्टेशन को एलेग्जेंडर आइजेट सहित ब्रिटिश रेलवे अधिकारियों की तीन पीढ़ियों ने मिलकर विकसित किया था।
इज्जतनगर स्टेशन के नवीनीकरण में कितना खर्च आया?
इस ऐतिहासिक स्टेशन को 3.60 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया गया है।
इज्जतनगर को रेलवे डिवीजन का दर्जा कब मिला था?
इस स्टेशन को 14 अप्रैल 1952 को उत्तर-पूर्वी रेलवे जोन के तहत एक पूर्ण रेलवे डिवीजन का दर्जा मिला था।
इज्जतनगर स्टेशन का प्रमुख आकर्षण क्या है?
स्टेशन पर एक अनूठा 'रेल कैफे' बनाया गया है, जिसे ट्रेन के एक पुराने डिब्बे को नया रूप देकर तैयार किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR