उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी सिलसिले में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी राज्य के विभिन्न इलाकों का दौरा कर अपनी पार्टी के लिए आधार मजबूत करने में जुटे हैं। अपने दौरे के क्रम में श्रावस्ती और लखनऊ पहुंचे ओवैसी ने विपक्षी खेमे की रणनीति पर खुलकर सवाल उठाए और साफ किया कि मुस्लिम समुदाय को अब किसी की तयशुदा सियासी जागीर नहीं माना जा सकता।
विपक्षी दलों की मंशा पर उठाए सवाल
लखनऊ में अपनी बात रखते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के रवैये पर सीधा हमला बोला। उनका कहना था कि प्रमुख विपक्षी दल असल में यह नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में अल्पसंख्यकों को उनकी वाजिब हिस्सेदारी मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि पारंपरिक रूप से विपक्षी पार्टियां केवल यही चाहती हैं कि अल्पसंख्यक मतदाता चुनावी रैलियों में दरी बिछाएं, समर्थन में नारे लगाएं, वोट डालें और फिर चुपचाप अपने घर लौट जाएं।
बीजेपी को रोकने के लिए एकजुटता का आह्वान
ओवैसी ने स्पष्ट किया कि बीजेपी और योगी आदित्यनाथ को सत्ता में तीसरी बार लौटने से रोकने के लिए पूरे विपक्ष को साझा मंच पर आना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि समाजवादी पार्टी अथवा कांग्रेस साथ मिलकर आगे नहीं बढ़ना चाहती हैं, तो यह पूरी तरह उनका अपना फैसला है। इसके बावजूद उन्होंने दो टूक कहा कि मुस्लिम समुदाय अब केवल एक सुरक्षित वोट बैंक बनकर नहीं रहेगा बल्कि सत्ता में अपनी ठोस हिस्सेदारी और लोकतांत्रिक हक हासिल करेगा।





















