अंतरिक्ष तकनीक से खेती और पशुपालन संवारें स्टार्टअप्स, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों और इनोवेटर्स से किया आह्वाननई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर राहुल गांधी ने की लाइव मीडिया से बातसिंह राशि में सूर्य-बुध की युति से बनेगा बुधादित्य राजयोग, 22 अगस्त से 3 राशियों की चमकेगी किस्मतलाइव: दिल्ली के थाने पर धरना दे रहे राहुल गांधी, प्रदर्शनकारी को पेलेट गन लगने के मामले में FIR दर्ज करने की मांगओडिशा अवैध खनन मामले में कारोबारी रतिकांत राउत गिरफ्तार, ईडी अधिकारी को 20 लाख रिश्वत देने का भी है आरोपआज बंद हो रहा गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट IPO, GMP से मिले 15% संभावित लिस्टिंग गेन के संकेतबबीता सिंह रिपोर्टिंग में पुलिस अफसर बनीं निमिषा सजयन, रोल ने निजी जिंदगी पर डाला गहरा असरनैनीताल में भारी बारिश के बाद नैनीझील के खोले गए गेट, जानिए नौकायन की सुरक्षा स्थिति और प्रशासन के दिशानिर्देशमैके टेस्ट में स्टीव वॉ का रिकॉर्ड तोड़ने की दहलीज पर स्टीव स्मिथ, 50 रन बनाते ही रचा जाएगा नया इतिहासस्विट्जरलैंड के थूसिस में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग, 5 लोग लापता और 8 घायल
उत्तर प्रदेश के बलिया में 65.18 करोड़ रुपये का भृगु कॉरिडोर कागजों में सिमटा, 50 करोड़ का बजट मंजूर होने के बावजूद काम ठपउत्तर प्रदेश
20 अग॰ 2026, 12:40 pm (1 दिन पहले)· 1

उत्तर प्रदेश के बलिया में 65.18 करोड़ रुपये का भृगु कॉरिडोर कागजों में सिमटा, 50 करोड़ का बजट मंजूर होने के बावजूद काम ठप

महर्षि भृगु मुनि की तपोभूमि बलिया में 65.18 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले भृगु कॉरिडोर का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है। 50 करोड़ रुपये के शुरुआती प्रस्ताव की मंजूरी के बावजूद जमीनी स्तर पर काम रुका हुआ है, जिससे स्थानीय नागरिकों और मंदिर के पुजारियों में गहरी निराशा है।

उत्तर प्रदेश का बलिया जिला पौराणिक और धार्मिक दृष्टिकोण से भृगु नगरी के नाम से विख्यात है। मान्यताओं के अनुसार, इस पावन भूमि पर महर्षि भृगु मुनि को मोक्ष प्राप्त हुआ था। बलिया की इसी समृद्ध विरासत और जन-आस्था को पर्यटन उद्योग से जोड़ने के उद्देश्य से भृगु कॉरिडोर बनाने की योजना लंबे समय से चर्चा में रही है। इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए शासन और प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने कई बार निरीक्षण भी किए हैं। इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 65.18 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि इसके तहत 50 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को मंजूरी भी दी जा चुकी है। हालांकि, इतने बड़े बजट और प्रशासनिक बैठकों के बाद भी जमीनी हालात में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है।

प्रशासनिक सर्वे के बीच लंबे समय से अटका निर्माण कार्य

स्वीकृतियों और सरकारी घोषणाओं के बावजूद निर्माण स्थल पर न तो कोई मशीनरी पहुंची है और न ही काम में कोई रफ्तार दिखाई दे रही है। स्थिति यह है कि स्थानीय निवासियों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह महत्वाकांक्षी कॉरिडोर वाकई धरातल पर आकार लेगा या फिर केवल फाइलों में ही दबकर रह जाएगा। दो वर्षों से अधिक समय से इस क्षेत्र में सरकारी टीमें लगातार आ रही हैं और सर्वेक्षण की प्रक्रिया पूरी कर रही हैं। चिन्ह लगाने और जायजा लेने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। अभी दो दिन पहले ही एक जांच दल ने मंदिर परिसर के भीतर भ्रमण कर निरीक्षण किया था, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई।

ये भी पढ़ें

स्थानीय निवासी वीरेंद्र मिश्रा ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, "हम लोग पिछले दो-तीन सालों से लगातार इंतजार कर रहे हैं कि आखिर कॉरिडोर का काम कब शुरू होगा।" उन्होंने आगे बताया कि टीम आकर सर्वे करती है और निशान भी लगाती है, लेकिन सामान्य नागरिकों को यह स्पष्ट नहीं बताया जाता कि यह जांच किस उद्देश्य से की गई थी या असल निर्माण कब से प्रारंभ होगा।

आर्थिक उन्नति और रोजगार की उम्मीदों पर लगा ब्रेक

भृगु मंदिर बलिया की एक ऐतिहासिक और मुख्य सांस्कृतिक धरोहर है। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इस कॉरिडोर के बनने से न केवल मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण होगा, बल्कि पूरे जिले में विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे। कॉरिडोर के निर्माण से बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा, जिससे स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही थी। इसके अलावा, क्षेत्र के युवाओं को नए रोजगार और व्यवसाय के अवसर मिलने की संभावना भी जुड़ी हुई थी। लेकिन वर्तमान में निर्माण स्थल पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है और एक ईंट भी इधर से उधर नहीं रखी गई है।

स्थानीय निवासी राजू मिश्रा ने क्षेत्र के विकास को लेकर अपना पक्ष रखते हुए कहा, "भृगु कॉरिडोर के नाम पर आज तक एक ईंट भी नहीं हिलाई गई है और यहां पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है।" उन्होंने कहा कि इस परियोजना से व्यापार और रोजगार के तमाम अवसर पैदा होंगे, इसलिए पूरे बलिया को अब भी आशा है कि यह परियोजना जल्द से जल्द शुरू की जाएगी।

मंदिर प्रबंधन और पुजारियों में प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर रोष

निरीक्षणों की अंतहीन श्रृंखला और स्पष्ट जानकारी के अभाव के कारण मंदिर के मुख्य पुजारियों और श्रद्धालुओं में भी असमंजस बना हुआ है। मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालु रोजाना पुजारियों से कॉरिडोर निर्माण की स्थिति के बारे में सवाल पूछते हैं, लेकिन किसी के पास ठोस उत्तर नहीं होता। मंदिर प्रबंधन का मानना है कि यदि कॉरिडोर बनता है तो परिसर की संपूर्ण व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी, श्रद्धालुओं को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी और आने वाली पीढ़ी के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

भृगु मंदिर के पुजारी वशिष्ठ पूरी मिश्रा ने इस संबंध में अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा, "यहाँ छानबीन करने के लिए तो कई लोग आते हैं, लेकिन कोई भी स्पष्ट जानकारी नहीं देता।" उन्होंने कहा कि जब कोई उनसे कॉरिडोर की प्रगति के बारे में पूछता है तो उनके पास बताने के लिए कुछ नहीं होता, क्योंकि प्रशासन की ओर से कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि धरातल पर काम न दिखना निराश करने वाला है और देखना होगा कि यह परियोजना वास्तविकता का रूप लेती है या प्रशासनिक फाइलों में ही सिमट जाती है।

सवाल-जवाब

बलिया में भृगु कॉरिडोर परियोजना की कुल लागत कितनी है?
भृगु कॉरिडोर परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 65.18 करोड़ रुपये बताई गई है, जिसमें से 50 करोड़ रुपये के शुरुआती प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है।
भृगु मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उत्तर प्रदेश का बलिया जिला महर्षि भृगु मुनि की तपोभूमि माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन स्थल पर महर्षि भृगु को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी।
भृगु कॉरिडोर का निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं हो पाया है?
प्रशासनिक अधिकारियों और सर्वे टीमों द्वारा कई बार निरीक्षण तथा अंकन किए जाने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो सका है और स्थिति फाइलों तक सीमित है।
भृगु कॉरिडोर बनने से स्थानीय लोगों और व्यापारियों को क्या लाभ होगा?
कॉरिडोर बनने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय दुकानदारों के व्यापार में सुधार होगा, मंदिर की व्यवस्थाएं सुधरेंगी और युवाओं के लिए नए रोजगार पैदा होंगे।
भृगु मंदिर के पुजारी वशिष्ठ पूरी मिश्रा ने परियोजना को लेकर क्या कहा?
पुजारी वशिष्ठ पूरी मिश्रा के अनुसार, कई अधिकारी जांच और सर्वे के लिए आते हैं लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं देता, जिससे श्रद्धालुओं के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR