उत्तर प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के मिर्जापुर जिले में स्थित देवरी में प्रदेश का पहला और देश का दूसरा ड्रैगन फ्रूट एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शासन की ओर से मंजूरी मिलने के बाद जुलाई में इसके लिए 5 करोड़ रुपये का फंड भी जारी कर दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही 40 बीघा भूमि पर फैले इस अत्याधुनिक केंद्र का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
किसानों को मिलेगी रोगमुक्त पौधे और आधुनिक बीज की सुविधा
देवरी में स्थापित होने वाले इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का मुख्य उद्देश्य ड्रैगन फ्रूट की उन्नत खेती को प्रोत्साहन देना है। इस केंद्र के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले, प्रमाणित और रोगमुक्त ड्रैगन फ्रूट के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। अक्सर किसान पौधे खरीदने के बाद उनके जल्द खराब होने या बीमारियों की वजह से नुकसान झेलते हैं। इस केंद्र से मिलने वाले स्वस्थ पौधे किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाएंगे और उनकी पैदावार बढ़ाकर आय बढ़ाने में सीधे मददगार साबित होंगे।
40 बीघा में अनुसंधान और हाई-टेक पॉलीहाउस की तैयारी
यह एक्सीलेंस सेंटर लगभग 40 बीघा में विकसित किया जा रहा है। केवल पौधे तैयार करने तक ही यह सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां विस्तृत अनुसंधान, बीज उत्पादन और आधुनिक बागवानी तकनीकों का विकास भी होगा। परिसर में अत्याधुनिक पॉलीहाउस का निर्माण किया जाएगा ताकि विभिन्न मौसमों में पौधों की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। इससे मिर्जापुर और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को एक ही स्थान पर सभी आधुनिक कृषि सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
वैज्ञानिक तरीकों और उन्नत सिंचाई का दिया जाएगा प्रशिक्षण
इस केंद्र पर केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि विभिन्न राज्यों से आने वाले किसानों को भी ड्रैगन फ्रूट की खेती का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। किसानों को वैज्ञानिक प्रबंधन, मृदा पोषण, आधुनिक सिंचाई पद्धतियों और फसल की सही कटाई के तरीके सिखाए जाएंगे। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खेती के दौरान किसानों को किसी प्रकार की तकनीकी या व्यावहारिक समस्याओं का सामना न करना पड़े और वे अधिकतम लाभ हासिल कर सकें।
बेंगलुरु के बाद देश का दूसरा बड़ा केंद्र
वर्तमान में भारत का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रैगन फ्रूट बेंगलुरु स्थित भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान में संचालित हो रहा है। इसके बाद मिर्जापुर का यह केंद्र देश में अपनी तरह का दूसरा और उत्तर प्रदेश का पहला संस्थान होगा। जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम के अनुसार, मिर्जापुर जिला धीरे-धीरे ड्रैगन फ्रूट की खेती के प्रमुख हब के रूप में पहचान बना चुका है। ऐसे में यहां एक्सीलेंस सेंटर बनने से क्षेत्रीय किसानों को बहुत बड़ी सहूलियत मिलेगी। 25 जुलाई को पहली किस्त के रूप में 5 करोड़ रुपये जारी होने के बाद अब निर्माण की प्रशासनिक औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।




















