उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से सोनभद्र की ओर सफर करने वाले मुसाफिरों और चालकों को अब लंबे ट्रैफिक जाम की परेशानी से हमेशा के लिए निजात मिल गई है। इस अहम मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य मुकम्मल होने के बाद अब सफर काफी सुगम और आरामदायक बन गया है। इस विकास कार्य के पूरा हो जाने से न सिर्फ लोगों के आवागमन के समय में भारी कमी आएगी, बल्कि उन्हें जाम की वजह से होने वाली मानसिक और शारीरिक उलझनों से भी छुटकारा मिल जाएगा। शासन स्तर से इस सड़क परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ी थी और अब इसके मुकम्मल होने से आम जनजीवन काफी सुगम हो गया है।
मिर्जापुर से सोनभद्र के बीच की दूरी और मार्ग का महत्व
मिर्जापुर जिले से सोनभद्र की कुल दूरी लगभग 70 किलोमीटर बैठती है। इस महत्वपूर्ण मार्ग को दुद्धी-लुम्बिनी मार्ग के नाम से पहचाना जाता है। स्थानीय स्तर पर इस सड़क को चौड़ा करने की मांग काफी लंबे अर्से से उठाई जा रही थी, क्योंकि खासकर मड़िहान क्षेत्र तक पहुंचते-पहुंचते वाहन चालकों को अक्सर भारी जाम की समस्या का सामना करना पड़ता था। अब इस पूरे रास्ते के चौड़ीकरण का काम पूरा होने के बाद इस रूट पर चलने वाले सभी राहगीरों का आवागमन बेहद आसान हो गया है। मार्ग के दोनों किनारों पर करीब 3-3 फीट तक सड़क का विस्तार किया गया है, जिससे वाहनों के निकलने के लिए पर्याप्त जगह बन गई है।
जाम की समस्या और लोक निर्माण विभाग की पहल
मिर्जापुर और सोनभद्र को आपस में जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर यातायात का दबाव अमूमन बहुत ज्यादा रहता है। इसी भारी ट्रैफिक के कारण सबसे ज्यादा जाम मड़िहान तक के हिस्से में देखने को मिलता था। इस गंभीर और रोजमर्रा की समस्या को जड़ से खत्म करने के मकसद से लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार कर शासन के पास भेजा था। शासन की ओर से इस प्रस्ताव पर मुहर लगते ही जमीनी स्तर पर तेजी से काम शुरू करवा दिया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम अब आम जनता के सामने हैं।
लागत, समयसीमा और बजट का विवरण
इस पूरे सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगभग 5 महीने का वक्त लगा है। हालांकि कुछेक चुनिंदा जगहों पर अभी थोड़ा बहुत काम बाकी बचा हुआ है, जिसे भी बहुत जल्द पूरी तरह से मुकम्मल कर लिया जाएगा। इस पूरे सड़क विस्तार और सौंदर्यीकरण अभियान पर कुल 70.10 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की गई है। वित्तीय प्रबंधन के तहत पहली किस्त के रूप में 24 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से धन का आवंटन होता रहा और निर्माण कार्य बिना रुकावट के आगे बढ़ता रहा।
बाजारों में जल निकासी और पटरियों का निर्माण
सड़क के मुख्य हिस्से के चौड़ीकरण के अलावा बाजारों वाले इलाकों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए आधुनिक नालियों का निर्माण भी कराया गया है। इस व्यवस्था के दायरे में बरकछा समेत कई अन्य प्रमुख बाजार भी शामिल किए गए हैं। इसके अलावा यात्रियों और स्थानीय पैदल चलने वालों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर मजबूत पटरियों का निर्माण किया गया है। कुल मिलाकर इस चौड़ीकरण के धरातल पर उतरने से न केवल वाहनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि आसपास के इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों को भी पंख लगेंगे, जिसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापारियों को मिलेगा।



















