उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अपनी सेवाएं दे रहे एमबीबीएस इंटर्न्स के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य की योगी सरकार ने इन छात्रों के स्टाइपेंड में भारी बढ़ोतरी करने का अहम फैसला लिया है, जिससे अब इन युवा डॉक्टरों को वित्तीय मोर्चे पर बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से छात्र इस मानदेय को बढ़ाने की मांग कर रहे थे, जिसे अब प्रशासनिक स्तर पर हरी झंडी दे दी गई है। इस बढ़ोतरी के बाद अब छात्रों को मिलने वाली राशि में दो गुना से भी ज्यादा का इजाफा दर्ज किया गया है।
एमबीबीएस इंटर्न्स को अब मिलेगा बढ़ा हुआ स्टाइपेंड
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे एमबीबीएस छात्रों को अब हर महीने 12,000 रुपये के स्थान पर पूरे 25,000 रुपये मिलेंगे। सरकार के इस कदम से प्रदेशभर के सरकारी मेडिकल संस्थानों से जुड़े सभी इंटर्न छात्रों को सीधा लाभ पहुंचेगा। इस बढ़ी हुई वित्तीय सहायता राशि को पूरे उत्तर प्रदेश राज्य में एक साथ लागू किया जाएगा, जिससे इंटर्नशिप के दौरान छात्रों का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा और वे अपनी ट्रेनिंग पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
वरिष्ठ महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित हुई एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक के दौरान कुल 24 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इन्हीं में से एक बेहद महत्वपूर्ण ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ को भी मंजूरी दी गई है। इस नई योजना के प्रावधानों के अनुसार, उत्तर प्रदेश की सीमा के भीतर 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की सभी महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में आजीवन मुफ्त सफर कर सकेंगी। इस बहुप्रतीक्षित सुविधा का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को अपनी पहचान साबित करने हेतु आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड को वैध दस्तावेज के रूप में दिखाना होगा। सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस कल्याणकारी योजना से प्रदेश की एक करोड़ से अधिक महिलाओं को सीधा फायदा मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। रक्षाबंधन के त्योहार से ठीक पहले सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम को मातृशक्ति के लिए एक बड़ा उपहार माना जा रहा है।
हरिद्वार तक होगा गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार
कैबिनेट बैठक में राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा निर्णय लेते हुए गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी विस्तार परियोजना पर लगभग 10,761 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। इस नए रूट के तैयार हो जाने से बिजनौर और हरिद्वार जिलों के बीच आवागमन और कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा। इसके साथ ही, देश के दो प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र माने जाने वाले प्रयागराज और हरिद्वार यानी दोनों कुंभ नगरियों के बीच एक तेज गति वाला और सुगम एक्सप्रेसवे मार्ग पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा।
सुल्तानपुर में बनेगा नया औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर
औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नजदीक एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस औद्योगिक परियोजना को केंद्र सरकार की इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्कीम के तहत धरातल पर उतारा जाएगा, जिसके निर्माण पर अनुमानित तौर पर 272.25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस क्लस्टर के विकसित होने से पूरे क्षेत्र का औद्योगिक ढांचा सुदृढ़ होगा। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों, आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और प्रमुख ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के बीच आपसी जुड़ाव भी काफी मजबूत हो जाएगा, जिससे सुल्तानपुर और उसके आसपास के तमाम इलाकों में नए उद्योगों की स्थापना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने की पूरी संभावना है।



















