उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले की प्रसिद्ध डिजिटल क्रिएटर 23 वर्षीय छवि वार्ष्णेय और उनकी मां सारिका की मध्य प्रदेश के आगर जिले में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा मंगलवार सुबह उज्जैन-गरोठ फोरलेन मार्ग पर उस समय हुआ, जब महाकाल दर्शन के लिए जा रही उनकी कार आगे चल रहे एक ट्रक से तेज रफ्तार में टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मां-बेटी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का विवरण और घायलों की स्थिति
यह दुर्घटना आगर जिले के बड़ौद थाना क्षेत्र में रामाखेड़ी गांव के पास घटित हुई। हादसे के समय कार में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें छवि वार्ष्णेय, उनकी मां सारिका, उनके पिता श्यामलाल, समधी सूरजपाल और चालक सचिन शामिल थे। मंगलवार सुबह तेज गति से जा रही कार आगे चल रहे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर के बाद चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की राहत टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त कार से सभी लोगों को बाहर निकाला। छवि और उनकी मां सारिका की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी। वहीं, पिता श्यामलाल, रिश्तेदार सूरजपाल और चालक सचिन को गंभीर चोटें आई थीं। तीनों घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए बड़ौद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने घायलों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए आगर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
धार्मिक यात्रा पर निकला था परिवार
हाथरस जंक्शन क्षेत्र के महौखास गांव का रहने वाला यह परिवार उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के उद्देश्य से घर से रवाना हुआ था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि भक्ति की आस में शुरू हुई यह यात्रा इस तरह के भयानक हादसे में बदल जाएगी। छवि के पिता श्यामलाल गांव में ही एक किराने की दुकान चलाते हैं और अपनी बेटी की सफलता पर बेहद गर्व महसूस करते थे। परिवार में छवि के अलावा उनके 26 वर्षीय बड़े भाई कान्हा भी हैं। इस आकस्मिक घटना से महौखास गांव और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
7 लाख से अधिक सब्सक्राइबर और व्लॉगिंग करियर
छवि वार्ष्णेय अपने इलाके की बेहद लोकप्रिय डिजिटल क्रिएटर थीं। उनके चचेरे भाई सचिन वार्ष्णेय के अनुसार, छवि पढ़ाई में हमेशा आगे रहती थीं और उन्होंने स्नातक की शिक्षा प्राप्त की थी। वह कम उम्र से ही खुद की एक अलग पहचान बनाना चाहती थीं। इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने साल 2021 में अपने यूट्यूब चैनल की शुरुआत की थी।
शुरुआती दिनों में छवि अपनी दैनिक दिनचर्या से जुड़े व्लॉग्स और वीडियो शेयर करती थीं, जिन्हें दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया गया। धीरे-धीरे उनके विषय और प्रस्तुति में बदलाव आया और उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े वीडियो भी बनाना शुरू कर दिया। उनके अनोखे कंटेंट और गेमिंग वीडियो की बदौलत उनके यूट्यूब चैनल पर 7 लाख से अधिक (700,000 से ज्यादा) सब्सक्राइबर जुड़ चुके थे। इसके अलावा इंस्टाग्राम पर भी उनके 1 लाख से अधिक (100,000 से ज्यादा) फॉलोअर्स थे। अपने पिता की किराना दुकान वाले साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर डिजिटल दुनिया में इतना बड़ा मुकाम हासिल करने वाली छवि के निधन पर सोशल मीडिया पर उनके फैंस लगातार श्रद्धांजलि दे रहे हैं।



















