उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए जारी चुनावी प्रक्रिया के बीच समाजवादी पार्टी के संभावित अतिरिक्त प्रत्याशी को लेकर चल रही राजनीतिक अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है। नामांकन के आखिरी दिन पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सार्वजनिक मंच पर अपनी प्राथमिकताओं का संकेत देते हुए स्पष्ट किया कि उनका ध्यान केवल ऊपरी सदन की कुछ सीटों तक सीमित रहने के बजाय व्यापक विधानसभा स्तर पर केंद्रित है। सोशल मीडिया एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी की नजर अब तीन के बजाय पूरे चार सौ तीन विधानसभा क्षेत्रों पर टिकी है। इस बयान के सामने आते ही यह साफ समझा जाने लगा कि पार्टी इस बार तीसरे दावेदार को मैदान में उतारकर अतिरिक्त मुकाबला खड़ा करने के मूड में नहीं है।
दो सीटों पर पहले ही पर्चा दाखिल कर चुके हैं प्रत्याशी
इस द्विवार्षिक चुनाव में राज्य की 10 सीटों में से सात पर भारतीय जनता पार्टी का संख्याबल पूरी तरह मजबूत दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने अपने खाते की सुरक्षित सीटों पर पहले ही निर्णय ले लिया था। संगठन की ओर से वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारी धनराज परिमल नाथवानी को अधिकृत रूप से मैदान में उतारा गया। दोनों ही प्रत्याशी लखनऊ पहुंचकर अपने संबंधित नामांकन पत्र विधिवत जमा कर चुके हैं। इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे थे कि क्या समाजवादी पार्टी किसी तीसरे नाम को भी पर्चा भरवाकर मुकाबले को रोचक बनाएगी।
नेताओं के बयानों से उपजी थीं तीसरे नाम की अटकलें
नामांकन की समयसीमा समाप्त होने से ठीक पहले पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और प्रवक्ताओं के बयानों ने तीसरे उम्मीदवार की संभावनाओं को हवा दे दी थी। पार्टी प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने दावा किया था कि पर्याप्त समर्थन मिलने पर तीसरा दावेदार भी मैदान में आएगा और मंगलवार को अपना पर्चा दाखिल करेगा। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष के नाम का खुलासा नहीं किया था। इससे पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह और विधायक रविदास मेहरोत्रा की ओर से भी इसी प्रकार के संकेत सार्वजनिक मंचों पर दिए गए थे। इन तमाम चर्चाओं के बीच अंतिम दिन अखिलेश यादव की स्पष्ट टिप्पणी ने सारी अटकलों पर विराम लगा दिया और यह तय कर दिया कि दल केवल दो घोषित प्रत्याशियों के साथ ही चुनाव प्रक्रिया में बना रहेगा।























