मणिपुर में हथियारों के अवैध नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। इंफाल ईस्ट जिले के थंबलनु बाजार में सोमवार को चलाए गए एक विशेष तलाशी अभियान के तहत 23 वर्ष के एक युवक को अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में लिप्त होने के आरोप में हिरासत में लिया गया। पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, खुफिया सूचना मिलने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने बाजार इलाके में जाल बिछाकर इस संदिग्ध को दबोचा।
थंबलनु बाजार से पकड़ा गया तस्कर
हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान मोहम्मद समसुद्दुहा उर्फ ईटन के रूप में की गई है। शुरुआती जांच में सामने आया कि वह लंबे समय से गैरकानूनी असलाह, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति तथा बिक्री से जुड़े नेटवर्क में सक्रिय था। पुलिसिया पड़ताल से यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने जुलाई के महीने में दो महिलाओं के माध्यम से 10,000 रुपये के बदले एक अन्य व्यक्ति को हैंड ग्रेनेड पहुंचाया था। पकड़े गए आरोपी को आगामी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए अंद्रो पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया है।
चूड़ाचांदपुर के कुकीमुन गांव में हथियारों का जखीरा बरामद
इसी क्रम में सोमवार को ही एक अन्य अभियान चूड़ाचांदपुर जिले के कुकीमुन गांव में अंजाम दिया गया। यहां तलाशी दल ने भारी मात्रा में छिपाकर रखे गए हथियार और गोला-बारूद जब्त किए। बरामद सामान में 9 एमएम की दो कार्बाइन मशीन गन, 9 एमएम की तीन पिस्तौल, सात सिंगल-बैरल बोल्ट-एक्शन राइफलें, एक हैंड ग्रेनेड, एक मोर्टार बम और दो देशी मोर्टार शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने बरामद असलाह को आगे की कानूनी कार्रवाई के वास्ते हेंगलेप पुलिस स्टेशन को सौंप दिया है।
सीमांत इलाकों में निरंतर तलाशी अभियान
पूर्वोत्तर राज्य में तीन साल पहले भड़की जातीय हिंसा के बाद से ही सुरक्षा बल संवेदनशील और सीमांत इलाकों में लगातार एरिया डोमिनेशन और सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। मई 2023 में घाटी के मैतेई और पहाड़ी क्षेत्रों के कुकी समुदायों के बीच शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 49 लोग अब भी लापता दर्ज हैं, जबकि हजारों लोग हिंसा के चलते बेघर होकर विस्थापन का दंश झेलने को मजबूर हुए हैं।



















