उत्तर प्रदेश के प्राचीन शहर वाराणसी की पुलिसिंग व्यवस्था में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। शहर का चौक थाना अब वाराणसी का पहला ऐसा पुलिस स्टेशन बन गया है जिसे प्रतिष्ठित ISO 9001 प्रमाण पत्र से नवाजा गया है। इस उपलब्धि के साथ ही इस थाने ने सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित कर दिया है। कुछ समय पहले ही वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने इस थाने को विशेष रूप से गोद लिया था, जिसके बाद से यहां व्यवस्थाओं को सुधारने और आधुनिक मानक स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा था।
कड़ी जांच और मानकों पर खरा उतरा थाना
इस सम्मान के मिलने के पीछे की प्रक्रिया बेहद चुनौतीपूर्ण रही है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आईएसओ का यह प्रमाण पत्र हासिल करना कोई आसान काम नहीं है। अंतरराष्ट्रीय संस्था ISO द्वारा तय किए गए बेहद कड़े और सूक्ष्म मानकों पर परखने के बाद ही किसी संस्थान को यह दर्जा दिया जाता है। इस पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान थाने की दैनिक कार्यप्रणाली, अपराध पर नियंत्रण पाने के तरीके, जनता के साथ पुलिस का व्यवहार, आम लोगों की संतुष्टि का स्तर, थाने के भीतर पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं और परिसर की साफ-सफाई जैसे तमाम महत्वपूर्ण पैमानों की गहराई से जांच की गई थी।
श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी
चौक थाने के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत ही प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ धाम का इलाका भी आता है। इस धार्मिक और संवेदनशील क्षेत्र में रोजाना देश-दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की हरसंभव मदद करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना भी चौक पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल रहा है। इसी कुशल संचालन और जनसेवा के भाव ने इस थाने को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
आगे की क्या है योजना
इस बड़ी सफलता के बाद पुलिस अधिकारियों का हौसला काफी बढ़ा हुआ है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि यह उपलब्धि चौक थाने के सभी अधिकारियों और जवानों की संयुक्त मेहनत का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसकी वजह से आज पूरे बनारस का नाम इस गौरवशाली सूची से जुड़ गया है। प्रशासन की ओर से अब यह प्रयास किया जाएगा कि कमिश्नरेट के अन्य थानों में भी इसी तरह की उच्च गुणवत्ता वाली कार्यसंस्कृति को विकसित किया जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता के मन में पुलिस के प्रति भरोसे को और अधिक मजबूत करना है ताकि लोग बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं पुलिस के सामने रख सकें।



















