CM का अयोध्या दौरा, ट्रस्ट के महासचिव को मिला दूर रहने का निर्देश
राम मंदिर ट्रस्ट में करोड़ों रुपये के चढ़ावे की हेराफेरी का विवाद जब तूल पकड़ रहा है, तभी मुख्यमंत्री Yogi Adityanath अयोध्या पहुंचे. वे यहां कई कार्यक्रमों में शामिल हुए और हनुमानगढ़ी तथा रामलला के दर्शन भी किए. लेकिन इस दौरे में एक अहम बात यह रही कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai को CM के कार्यक्रमों से दूर रहने के लिए कहा गया है.
नकदी ही नहीं, हीरे और सोने-चांदी के गहने भी हुए गायब
शुरुआत में यह मामला केवल नकदी की चोरी का लग रहा था, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, विवाद गहरा होता गया. अब सामने आया है कि श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित हीरे और सोने-चांदी के जेवरात भी चोरी का शिकार हुए हैं. यानी धन के साथ-साथ कीमती आभूषण भी बेईमानी की भेंट चढ़ गए. पूछताछ के दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारी किसी भी सवाल का ठोस जवाब देने में नाकाम रहे.
SIT ने चौथे दिन सुबह 10 बजे से रात तक की जांच
SIT गुरुवार को लगातार चौथे दिन भी जांच में जुटी रही. टीम ने सुबह 10 बजे से लेकर देर रात तक ट्रस्ट के रिकॉर्ड खंगाले. सूत्रों के मुताबिक, नकदी के रिकॉर्ड समेत तमाम खामियां SIT की पकड़ में आई हैं.
केरल से पहुंचे Anil Mishra और Champat Rai से विस्तृत पूछताछ
गुरुवार को SIT ने ट्रस्ट के पदाधिकारी Anil Mishra से घंटों सवाल-जवाब किए, जो केरल से खास तौर पर अयोध्या पहुंचे थे. इसके साथ ही ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai से भी पूछताछ की गई. दोनों ही जांचकर्ताओं के सवालों का कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए.
2021 से खरीदी गई जमीनों की भी होगी पड़ताल
SIT की जांच का दायरा अब और बड़ा होने वाला है. सूत्रों के अनुसार, SIT 2021 से ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई जमीनों की भी जांच शुरू करेगी. दान की रकम से अर्जित जमीनों के दस्तावेजों को भी खंगाला जाएगा. ऐसे में यह घोटाला आने वाले दिनों में और बड़ा साबित हो सकता है.













