नेपाल में भारी तबाही के बाद भारत का बड़ा राहत अभियान, 108 भारतीय सुरक्षित निकाले गएदौसा के आलूदा में मौजूद ऐतिहासिक कुबानिया बावड़ी, उपेक्षा के चलते जर्जर होने को मजबूरमेष से मीन राशिफल 30 अगस्त 2026: वित्तीय मामलों में बरती गई सावधानी दिलाएगी सफलताराजस्थान में सियासी हलचल तेज, निकाय चुनाव के टिकटों पर मंथन और दौसा में गोलीबारी की बड़ी घटनामुंबई एयरपोर्ट पर सोने की बड़ी तस्करी का पर्दाफाश, एयरपोर्ट कर्मचारी समेत छह गिरफ्तारबकरी पालन में बीमारियों का साया! पीपीआर और निमोनिया से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी उपायमाउंट आबू में आबकारी नियमों का खुला उल्लंघन, पुलिस थाने से 30 मीटर दूर रातभर बिक रही शराबमूलांक 8 राशिफल 30 अगस्त 2026: काम के भारी दबाव के बीच धैर्य रखेगा आगे, जानें अंक ज्योतिषीय भविष्यफलमूलांक 9 राशिफल 30 अगस्त 2026: आपकी बातचीत और अंदाज सबका ध्यान खींचेंगे, नए लोगों से जुड़ने का मिलेगा अवसरहरियाणा का यह ऐतिहासिक शहर कहलाता है देश की अचार राजधानी, विदेशों तक है जलवा
हरिद्वार अर्धकुंभ 2027: श्रद्धालुओं की सुरक्षा और हाथियों की निगरानी के लिए वन विभाग का खास प्लान तैयारउत्तराखंड
30 अग॰ 2026, 7:59 am (57 मिनट पहले)· 3

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027: श्रद्धालुओं की सुरक्षा और हाथियों की निगरानी के लिए वन विभाग का खास प्लान तैयार

हरिद्वार में साल 2027 में होने वाले अर्धकुंभ मेले को लेकर वन विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम शुरू कर दिए हैं। मेला क्षेत्र और जंगलों से सटे इलाकों में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रेडियो कॉलर और वॉच टावर जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

साल 2027 की शुरुआत के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था के बड़े पर्व अर्धकुंभ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस विशाल धार्मिक आयोजन को पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए शासन, प्रशासन और अन्य सभी संबंधित विभाग अपनी कार्य योजनाओं को जमीन पर उतारने में पूरी शिद्दत से जुट गए हैं। हरिद्वार का कुंभ क्षेत्र और प्रसिद्ध हर की पौड़ी का इलाका घने वन क्षेत्रों से सटा हुआ है, जिसके कारण इस पूरे इलाके में जंगली जानवरों की आवाजाही आए दिन देखने को मिलती है। मेले के दौरान यहां पहुंचने वाले लाखों और करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनके सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए हरिद्वार वन प्रभाग ने अभी से एक व्यापक और मजबूत सुरक्षा रणनीति तैयार कर ली है।

श्रद्धालुओं और वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

इस पूरे मामले को लेकर हरिद्वार के प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध से विस्तार से बातचीत की गई। उन्होंने आगामी सुरक्षा तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि इस बड़े आयोजन के दौरान कुंभ क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा विभाग के लिए सबसे पहली और अहम प्राथमिकता है। मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता है।

ये भी पढ़ें

हाथियों की लोकेशन ट्रैक करने के लिए लगेंगे रेडियो कॉलर

प्रभागीय वनाधिकारी ने आगे बताया कि घनी आबादी और मुख्य मेला क्षेत्र की तरफ हाथियों के संभावित मूवमेंट और आवाजाही को लगातार ट्रैक करने के लिए हाथियों को विशेष रूप से रेडियो कॉलर पहनाए जाएंगे। इस आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से हाथियों की रियल टाइम लोकेशन सीधे तौर पर वन विभाग के मुख्य नियंत्रण कक्ष में उपलब्ध रहेगी, जिससे उनकी हर गतिविधि पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी।

नियंत्रण कक्ष से होगी हाथियों की实时 निगरानी

हाथियों को रेडियो कॉलर पहनाने से यह फायदा होगा कि यदि हाथियों का कोई भी झुंड रिहायशी इलाकों या कुंभ क्षेत्र की तरफ रुख करता है, तो वन विभाग की त्वरित टीम तुरंत मौके पर सक्रिय हो जाएगी। इसके बाद इन जंगली जानवरों को पूरी सुरक्षा के साथ वापस घने जंगलों की ओर सुरक्षित तरीके से खदेड़ने और भेजने का काम किया जाएगा।

मेला क्षेत्र में बनाया जाएगा विशेष वॉच टावर

हरिद्वार वन प्रभाग के अधिकारियों के अनुसार निगरानी तंत्र को पूरी तरह से अभेद्य और मजबूत बनाने के लिए कुंभ मेला क्षेत्र के भीतर एक विशेष वॉच टावर का निर्माण भी किया जाएगा। इस नए वॉच टावर पर वन विभाग के प्रशिक्षित जवानों की चौबीसों घंटे यानी चौबीसों घंटे तैनाती की जाएगी। ये जवान दूरबीन और अन्य आधुनिक उपकरणों के जरिए जंगली जानवरों के मूवमेंट पर लगातार पैनी नजर बनाए रखेंगे।

सीमावर्ती इलाकों में बढ़ाई जाएगी सुरक्षा गश्त

वन विभाग की तरफ से सीमावर्ती इलाकों में लगातार गश्त को काफी ज्यादा बढ़ाया जाएगा, ताकि मेले के दौरान किसी भी स्थिति में मानव और वन्यजीव संघर्ष की संभावना को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। इन तमाम पुख्ता इंतजामों का उद्देश्य यही है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अर्धकुंभ 2027 के दौरान बिना किसी डर और भय के पावन स्नान और दर्शन का लाभ उठा सकें।

सवाल-जवाब

हरिद्वार अर्धकुंभ का आयोजन किस वर्ष होने जा रहा है?
हरिद्वार में अर्धकुंभ का भव्य आयोजन साल 2027 की शुरुआत में होने जा रहा है।
हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किस तकनीक का उपयोग किया जाएगा?
हाथियों की रियल टाइम लोकेशन ट्रैक करने के लिए उन्हें रेडियो कॉलर पहनाए जाएंगे।
कुंभ क्षेत्र में निगरानी के लिए क्या निर्माण किया जाएगा?
मेला क्षेत्र में एक विशेष वॉच टावर का निर्माण किया जाएगा जिस पर वन विभाग के जवान तैनात रहेंगे।
इस पूरी सुरक्षा योजना की जिम्मेदारी किसके पास है?
इस सुरक्षा रणनीति को हरिद्वार वन प्रभाग और डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध के नेतृत्व में तैयार किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·21 मिनट पहले

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 के लिए वन विभाग का यह तकनीकी कदम मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने की दिशा में अहम है। रेडियो कॉलर और वॉच टावर से हाथियों की实时 ट्रैकिंग से मेला क्षेत्र में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा तो पुख्ता होगी ही, साथ ही हाथियों के प्राकृतिक गलियारों में बिना खलल डाले उन्हें सुरक्षित जंगलों की ओर खदेड़ने में भी मदद मिलेगी। आगामी समय में इस पर त्वरित प्रतिक्रिया दल की तैनाती का सफल क्रियान्वयन इस आयोजन की संवेदनशीलता के लिहाज से सबसे बड़ा इम्तिहान होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·20 मिनट पहले

यह रणनीतिक कदम इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन केवल भीड़ प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि वन क्षेत्रों से सटे आयोजनों में पारिस्थितिकीय सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रहा है। हालांकि, तकनीक का यह ढांचा तभी प्रभावी साबित होगा जब मुख्य नियंत्रण कक्ष और जमीनी गश्ती दलों के बीच का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम हो।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR