उत्तराखंड के रुद्रपुर में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान एक कथित भड़काऊ बयान दिए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। त्रिशूल चौक के पास आयोजित जुलूस के दौरान मुस्लिम वक्ता मुफ्ती मुजीब अहमद अजहरी ने जनता को संबोधित किया था। उनके इस भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और आरोपी मुफ्ती मुजीब अहमद अजहरी को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कड़ा रुख अपनाया है और साफ किया है कि उत्तराखंड में कट्टरवादी सोच को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा, साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
बयान पर सफाई और कानूनी कार्रवाई
वायरल हो रहे वीडियो में मुफ्ती मुजीब अहमद अजहरी मदरसों को बंद किए जाने और ईदगाह की आठ एकड़ जमीन के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद मुफ्ती मुजीब अहमद अजहरी का एक अन्य वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह अपनी सफाई देते नजर आ रहे हैं। उनका दावा है कि उनके पूरे भाषण को तोड़-मरोड़कर और गलत तरीके से काट-छांटकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया है। मुफ्ती का कहना है कि यदि उनके पूरे बयान को सुना जाए तो असल स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। हालांकि, पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद तेजी से अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया और मुफ्ती को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
भाजपा विधायक को मिल रही हैं धमकियां
इस पूरे विवाद के बीच राजनीति भी गरमा गई है। वीडियो सामने आने के तुरंत बाद स्थानीय भाजपा विधायक शिव अरोड़ा ने इस बयान पर गहरी नाराजगी जताई थी और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। अब इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब भाजपा विधायक ने दावा किया कि उन्हें इस घटना के बाद से लगातार धमकियां मिल रही हैं। विधायक के अनुसार उन्हें सोशल मीडिया, ईमेल और फोन कॉल्स के माध्यम से निशाना बनाया जा रहा है। भाजपा विधायक शिव अरोड़ा ने मीडिया को बताया कि इन सभी माध्यमों से मिल रही धमकियों की औपचारिक जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।





















