उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल में इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पारंपरिक आस्था और आधुनिक संस्कृति के अनूठे संगम के साथ मनाया जाएगा। इस भव्य आयोजन को लेकर सरोवर नगरी में तैयारियां जोरों पर हैं, जहां इस बार धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ डिजिटल युग की युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए खास योजनाएं बनाई गई हैं। यो पहाड़ फाउंडेशन की तरफ से आयोजित होने वाला यह महोत्सव अपनी अनूठी गतिविधियों के चलते इस बार खासी चर्चा में है और इसमें हर आयु वर्ग के लोगों के लिए कुछ न कुछ खास रखा गया है।
नयना देवी मंदिर प्रांगण में सजेगा दरबार
नैनीताल के ऐतिहासिक मां नयना देवी मंदिर प्रांगण में इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यो पहाड़ फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. संतोख सिंह बिष्ट ने जानकारी दी कि संस्था की तरफ से इस बार जन्माष्टमी महोत्सव का तीसरा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित आयोजन को सफल बनाने के लिए अमर उदय ट्रस्ट का पूरा सहयोग मिल रहा है। मंदिर परिसर में होने वाले इन आयोजनों के माध्यम से धार्मिक उल्लास को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी है, जहां दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक एक साथ मिलकर उत्सव का आनंद उठाएंगे।
भव्य भजन संध्या और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां
महोत्सव के पहले दिन यानी 3 सितंबर की शाम 3 बजे से 7 बजे तक एक भव्य भजन संध्या का आयोजन तय किया गया है। इस सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण स्थानीय कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान करना है। भजन संध्या के दौरान पारंपरिक और आधुनिक संगीत का सुंदर मिश्रण देखने को मिलेगा, जिसमें फ्यूजन भजन, पारंपरिक पहाड़ी भजन और विशेष रूप से श्रीकृष्ण भक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके अलावा, स्थानीय छोटे बच्चों द्वारा श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का बहुत ही सुंदर मंचन किया जाएगा। आयोजकों का मुख्य उद्देश्य इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देना और पहाड़ की समृद्ध संस्कृति तथा धार्मिक परंपराओं को सहेजकर आगे बढ़ाना है।
फैंसी ड्रेस, ग्रुप डांस और रोमांचक दही हांडी
उत्सव के अगले दिन यानी 4 सितंबर को नयना देवी मंदिर परिसर में होने वाले कार्यक्रमों का दायरा और अधिक व्यापक होगा। इस दिन छोटे बच्चों के लिए एक आकर्षक फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता रखी गई है, जिसमें बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और राधा के मनमोहक स्वरूप में नजर आएंगे। इसके साथ ही, कान्हा के लोकप्रिय भजनों पर आधारित ग्रुप डांस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा, जो दर्शकों का मन मोह लेगी। इस पूरे महोत्सव का सबसे बड़ा और रोमांचक आकर्षण दही हांडी प्रतियोगिता रहने वाली है। इस साहसिक प्रतियोगिता में स्थानीय युवाओं की टोलियों के साथ-साथ महिलाओं के विशेष दल भी बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। दही हांडी की मटकी फोड़ने वाली विजेता टीम को संस्था की तरफ से 11 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिससे इस पारंपरिक खेल को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
वृंदावन के विशेष कुलिया प्रसाद का स्वाद
इस साल के जन्माष्टमी महोत्सव की एक और खास विशेषता वृंदावन का प्रसिद्ध कुलिया प्रसाद है, जिसका वितरण यहां आने वाले श्रद्धालुओं के बीच किया जाएगा। डॉ. संतोख सिंह बिष्ट ने इस प्रसाद के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि कुलिया प्रसाद की अपनी एक बेहद खास और प्राचीन परंपरा है, जिसे उंगली से निकालकर ग्रहण किया जाता है। आयोजकों का कहना है कि यह प्रसाद सीधे तौर पर वृंदावन की पवित्र जन्माष्टमी परंपरा से जुड़ा हुआ है। नैनीताल के स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले पर्यटकों को पहली बार यहां इस विशेष प्रसाद का स्वाद चखने का सुनहरा अवसर मिलेगा, जिससे इस बार का धार्मिक अनुभव पूरी तरह से अलौकिक हो जाएगा।
Gen Z के लिए विशेष रील प्रतियोगिता और कैश प्राइज
आज के डिजिटल दौर में युवाओं और खासकर Gen Z को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए आयोजकों ने एक बेहद आधुनिक और अनोखा तरीका अपनाया है। महोत्सव के दौरान एक विशेष रील प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भाग लेने वाले युवाओं को जन्माष्टमी, भगवान श्रीकृष्ण और इस पूरे आयोजन से जुड़ी हुई बेहद रचनात्मक रील तैयार करनी होगी। डॉ. संतोख सिंह बिष्ट ने स्पष्ट किया कि प्रतिभागी आयोजन के दौरान ही अपनी बेहतरीन रील शूट करके यो पहाड़ फाउंडेशन के पास भेज सकेंगे। इसके बाद एक निष्पक्ष जजिंग टीम सभी रीलों का बारीकी से मूल्यांकन करेगी और सबसे बेहतरीन रील बनाने वाले चयनित प्रतिभागियों को आकर्षक कैश प्राइज से सम्मानित किया जाएगा।
यो पहाड़ फाउंडेशन के सचिव सागर ने इस नई पहल के पीछे की सोच को साझा करते हुए बताया कि मौजूदा समय में युवा पीढ़ी अपना अधिकांश वक्त मोबाइल फोन की स्क्रीन पर बिताती है, जिसके कारण उनकी बाहरी सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां लगातार प्रभावित हो रही हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए संस्था ने युवाओं को उनकी पसंद के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ जोड़ने के लिए कार्यक्रमों को एक नए और आधुनिक अंदाज में ढाला है।
भक्ति, संस्कृति और सोशल मीडिया का अनूठा संगम
नैनीताल में होने जा रहा यह जन्माष्टमी महोत्सव इस बात का प्रमाण है कि कैसे पुरानी परंपराओं को आज के सोशल मीडिया के दौर के साथ जोड़ा जा सकता है। फ्यूजन भजन संध्या, पहाड़ी भजन, श्रीकृष्ण भक्ति लीला, बच्चों की फैंसी ड्रेस, ग्रुप डांस, रोमांचक दही हांडी और आधुनिक रील प्रतियोगिता इस बार के आयोजन के मुख्य स्तंभ साबित होने वाले हैं। आयोजकों का दृढ़ विश्वास है कि इन सभी कार्यक्रमों के जरिए एक तरफ जहां हमारी सनातन धार्मिक परंपराएं आगे बढ़ेंगी, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया के इस दौर की नई पीढ़ी को अपनी कला और प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन मंच भी प्राप्त होगा। नयना देवी मंदिर परिसर का यह प्रांगण इस बार भक्ति, पहाड़ी संस्कृति और आज के आधुनिक दौर के रंगों को समेटे हुए एक ऐतिहासिक उत्सव का गवाह बनने जा रहा है।



















