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अल्मोड़ा में मूसलाधार बारिश का कहर, मकान ढहने से मां और दो बच्चों की दर्दनाक मौतउत्तराखंड
1 सित॰ 2026, 10:08 am (54 मिनट पहले)· 2

अल्मोड़ा में मूसलाधार बारिश का कहर, मकान ढहने से मां और दो बच्चों की दर्दनाक मौत

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में भारी बारिश के बीच मकान गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में कुदरत का कहर देखने को मिला है, जहां भारी बारिश के कारण एक आवासीय मकान मलबे में तब्दील हो गया। इस दर्दनाक हादसे में मां और उसके दो बच्चों की जान चली गई। घटना थाना सोमेश्वर क्षेत्र की है, जहां आफत की बारिश के बाद अचानक मकान ढहने की सूचना मिली थी।

एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल यानी SDRF को सुबह 4:46 बजे सहायता के लिए कॉल प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही बचाव दल तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। सरियापानी से उप निरीक्षक पंकज डंगवाल के अनुसार, राहत कर्मियों ने मलबे से तीनों शवों को बाहर निकाल लिया है। मृतकों में 45 वर्षीय महिला, 19 वर्षीय युवक और 17 वर्षीय युवती शामिल हैं, जो आपस में एक ही परिवार के सदस्य थे। घटनास्थल पर एम्बुलेंस के आवागमन के लिए मलबे और अवरोधों को हटाने का काम तेजी से जारी है और इस त्रासदी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से छानबीन की जा रही है।

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सड़कों को नुकसान और मौसम का अलर्ट

बारिश के कारण क्षेत्र का बुनियादी ढांचा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अल्मोड़ा के ताकुला क्षेत्र में बसोली-नाई ढोल मार्ग पर तेज बारिश की वजह से एक कलवर्ट बह गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क का लगभग 10 मीटर हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर बह चुका है और जिले भर में कई अन्य मार्ग भी बंद पड़े हुए हैं। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य की राजधानी देहरादून और टिहरी जिले में अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इसके अलावा कुछ चुनिंदा इलाकों में मूसलाधार बौछारें पड़ने की चेतावनी भी दी गई है। एहतियात के तौर पर राज्य के 6 अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और चंपावत शामिल हैं।

सवाल-जवाब

अल्मोड़ा में यह हादसा किस इलाके में हुआ?
यह दुर्घटना अल्मोड़ा जिले के थाना सोमेश्वर क्षेत्र में हुई।
हादसे में कितने लोगों की जान गई?
मकान ढहने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।
SDRF की टीम को घटना की जानकारी कब मिली?
एसडीआरएफ को सुबह 4:46 बजे इस हादसे की सूचना मिली थी।
मृतकों में कौन-कौन शामिल था?
बरामद किए गए शवों में 45 वर्षीय महिला, 19 वर्षीय बालक और 17 वर्षीय बालिका शामिल हैं।
ताकुला क्षेत्र में सड़क को क्या नुकसान हुआ है?
ताकुला में बसोली-नाई ढोल सड़क पर भारी बारिश से एक कलवर्ट बह गया और सड़क का 10 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और टिहरी जिले में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
कितने जिलों में येलो अलर्ट है?
राज्य के 6 जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·25 मिनट पहले

अल्मोड़ा की यह घटना केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में कमजोर बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस मामले में यह देखना आवश्यक होगा कि क्या ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए कोई पूर्व चेतावनी प्रणाली या सुरक्षित निकासी योजना थी। मौसम विभाग के ऑरेंज और येलो अलर्ट के बावजूद इस तरह की जनहानि यह दर्शाती है कि प्रशासनिक स्तर पर धरातल तक सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने और अवैध या असुरक्षित निर्माणों की समय पर पहचान करने के लिए एक मजबूत कानूनी और निगरानी तंत्र की तत्काल आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·25 मिनट पहले

पहाड़ी जिलों में मौसम विभाग के ऑरेंज और येलो अलर्ट के बावजूद इस तरह के हादसे प्रशासन की मैदानी तैयारियों और आपदा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। संपर्क मार्गों का बहना और बुनियादी ढांचे का चरमराना यह बताता है कि केवल चेतावनी जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों में रह रहे परिवारों की समय पर सुरक्षित निकासी और सड़कों की तत्काल बहाली के लिए एक प्रभावी जमीनी तंत्र की सख्त जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को टाला जा सके।

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