उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में कुदरत का कहर देखने को मिला है, जहां भारी बारिश के कारण एक आवासीय मकान मलबे में तब्दील हो गया। इस दर्दनाक हादसे में मां और उसके दो बच्चों की जान चली गई। घटना थाना सोमेश्वर क्षेत्र की है, जहां आफत की बारिश के बाद अचानक मकान ढहने की सूचना मिली थी।
एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल यानी SDRF को सुबह 4:46 बजे सहायता के लिए कॉल प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही बचाव दल तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। सरियापानी से उप निरीक्षक पंकज डंगवाल के अनुसार, राहत कर्मियों ने मलबे से तीनों शवों को बाहर निकाल लिया है। मृतकों में 45 वर्षीय महिला, 19 वर्षीय युवक और 17 वर्षीय युवती शामिल हैं, जो आपस में एक ही परिवार के सदस्य थे। घटनास्थल पर एम्बुलेंस के आवागमन के लिए मलबे और अवरोधों को हटाने का काम तेजी से जारी है और इस त्रासदी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से छानबीन की जा रही है।
सड़कों को नुकसान और मौसम का अलर्ट
बारिश के कारण क्षेत्र का बुनियादी ढांचा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अल्मोड़ा के ताकुला क्षेत्र में बसोली-नाई ढोल मार्ग पर तेज बारिश की वजह से एक कलवर्ट बह गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क का लगभग 10 मीटर हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर बह चुका है और जिले भर में कई अन्य मार्ग भी बंद पड़े हुए हैं। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य की राजधानी देहरादून और टिहरी जिले में अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इसके अलावा कुछ चुनिंदा इलाकों में मूसलाधार बौछारें पड़ने की चेतावनी भी दी गई है। एहतियात के तौर पर राज्य के 6 अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और चंपावत शामिल हैं।





















