उत्तराखंड के नगरासू में एक गुरुद्वारे पर इन दिनों गंभीर तनाव छाया हुआ है। पांच निहंग सिख पिछले तीन से चार दिनों से गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर डटे हुए हैं और नीचे उतरने का नाम नहीं ले रहे। उनकी मांग एकदम साफ है कि 16 जून की तलवारबाजी घटना में गिरफ्तार उनके चार साथियों को रिहा किया जाए, तभी वे वहां से हटेंगे। पुलिस और जिला प्रशासन का अमला नीचे मोर्चा संभाले बैठा है और बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने की कोशिश लगातार जारी है।
विवाद की जड़ क्या है?
इस पूरे मामले की शुरुआत 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई एक तलवारबाजी की घटना से हुई। उस घटना से जुड़े चार निहंग सिखों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन्हीं गिरफ्तारियों से नाराज बाकी निहंग शनिवार से गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिलों पर जम गए और अपने साथियों को रिहा किए जाने तक वहां से न हटने का एलान कर दिया। इससे पहले भी कर्णप्रयाग और नगरासू में निहंग सिखों को लेकर विवाद उठ चुके थे।
गुरुद्वारे के भीतर क्या हुआ?
ऊपरी मंजिलों पर मौजूद इन निहंगों पर कई संगीन आरोप सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारे के दो सेवादारों को बंधक बना लिया, उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट भी की। हालांकि, बाद में दोनों सेवादारों को छोड़ दिया गया। इसके अलावा परिसर के भीतर हथियार लहराने और छत से आसपास के घरों की तरफ ईंटें फेंकने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इन घटनाओं ने इलाके के स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।
सरकार ने उठाए कड़े कदम
जैसे-जैसे मामला तूल पकड़ता गया, सिख संगठनों और अल्पसंख्यक आयोग ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू किया। इसके जवाब में धामी सरकार ने अहम फैसला लेते हुए इस केस की जांच चमोली पुलिस से छीनकर हरिद्वार के SSP को सौंप दी। साथ ही मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ क्रॉस FIR भी दर्ज की गई है। निहंगों को बिना दस्तार के पेश किए जाने के जो आरोप लगे हैं, उनकी जांच DIG स्तर के अधिकारी करेंगे। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी से इस विवाद पर बात की है।
हेमकुंड साहिब की यात्रा बेरोकटोक जारी
इन सब विवादों के बावजूद सिखों के प्रसिद्ध धाम हेमकुंड साहिब की यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा है। 23 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुले थे और ठीक एक महीने में 1.27 लाख से अधिक श्रद्धालु वहां पहुंच चुके हैं। हर दिन 5,000 से ज्यादा यात्री दर्शन के लिए आ रहे हैं। कर्णप्रयाग और नगरासू के विवाद का हेमकुंड साहिब आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या पर कोई फर्क नहीं पड़ा है।













