उत्तराखंड में मानसून का प्रभाव लगातार बना हुआ है, जिसके चलते राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र ने 12 सितंबर 2026 को पूरे प्रदेश के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी किया है. इस नए अपडेट के मुताबिक, राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बारिश का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है. विशेष रूप से पांच संवेदनशील जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना को देखते हुए चेतावनी जारी की गई है. इसके साथ ही, मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य के सभी 13 जनपदों में गर्जन-तर्जनी के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की तीव्र से अति तीव्र बौछारें पड़ने की आशंका व्यक्त की है. पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के तापमान में भारी अंतर
पिछले 24 घंटों के मौसम का विश्लेषण करें तो उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा रिकॉर्ड की गई है. इस बारिश के कारण ऊंचे पहाड़ी इलाकों में तापमान काफी गिर गया है और वहां लोगों को ठंडी हवाओं का अहसास होने लगा है. इसके विपरीत, मैदानी जिलों में स्थिति बिल्कुल अलग बनी हुई है. मैदानों में रहने वाले लोग भीषण उमस और तीखी धूप के कारण पसीने से तर-बतर हैं. शुक्रवार के दिन हरिद्वार, उधम सिंह नगर और देहरादून के निचले मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया गया, जिससे चिपचिपी और परेशान करने वाली गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया. हालांकि, शुक्रवार की शाम होते-होते अचानक बादलों ने करवट ली और कई क्षेत्रों में तेज बारिश की बौछारें गिरीं. इस अचानक हुई बारिश से पारे में गिरावट आई और तपती गर्मी से जूझ रहे लोगों को तात्कालिक राहत मिल सकी. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह से धूप-छांव और अचानक होने वाली बारिश का दौर जारी रहेगा.
देहरादून और मसूरी में उमस के बाद राहत के आसार
राजधानी देहरादून और उसके नजदीकी पर्यटन स्थल मसूरी के आस-पास के क्षेत्रों में 12 सितंबर को दिनभर आसमान में घने बादलों का डेरा रहेगा. दोपहर के बाद शहर के चुनिंदा हिस्सों में तेज और अत्यंत तीव्र गति से बारिश होने की पूरी संभावना है. इससे पहले, बीते दिन देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से पूरे पांच डिग्री अधिक दर्ज किया गया था, जो बढ़कर 34.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. इस अप्रत्याशित गर्म मौसम ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों को काफी परेशान किया. आज गरज-चमक के साथ होने वाली बौछारों के चलते तापमान में अच्छी गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे पिछले कुछ दिनों से बनी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी.
उत्तरकाशी और टिहरी में राजमार्गों पर बढ़ा खतरा
गढ़वाल मंडल के दो अत्यंत महत्वपूर्ण पर्वतीय जिलों टिहरी और उत्तरकाशी में आज मौसम के हालात काफी नाजुक रह सकते हैं. इन दोनों जनपदों के लिए मौसम विभाग ने विशेष रूप से चेतावनी जारी की है, जिसमें आकाशीय बिजली कड़कने के साथ-साथ अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है. विशेष रूप से उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले ग्रामीण क्षेत्रों और प्रसिद्ध गंगोत्री व यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहद सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है. भारी बारिश के अचानक आने वाले दौर से पर्वतीय संवेदनशील मोड़ों पर पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है. इसके अलावा, बरसाती नालों और नदियों के जलस्तर में भी अचानक अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे यात्रा मार्ग बाधित होने का अंदेशा रहता है.
रुद्रप्रयाग और केदारनाथ पैदल मार्ग पर सुरक्षा अलर्ट
रुद्रप्रयाग जनपद में भी आज मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल सकते हैं, जहां रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर चलने की संभावना व्यक्त की गई है. प्रसिद्ध केदारनाथ पैदल मार्ग और मंदाकिनी घाटी के आस-पास के क्षेत्रों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है. इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन ने नदी और नालों के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों और यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने यात्रियों और आम जनता को स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि तेज आंधी-तूफान या आकाशीय बिजली चमकने की स्थिति में वे किसी भी असुरक्षित स्थान पर न रुकें, बल्कि तुरंत सुरक्षित और पक्के भवनों में शरण लें. इसके साथ ही, जलभराव वाले निचले स्थानों से पूरी तरह दूरी बनाए रखने को कहा गया है.
कुमाऊं के बागेश्वर और पिथौरागढ़ में प्रशासनिक निगरानी
कुमाऊं मंडल के बागेश्वर जिले में आज मूसलाधार बारिश का विशेष पूर्वानुमान जारी किया गया है. इसके अलावा, अगले दिन यानी 13 सितंबर को भी बागेश्वर और उसके पड़ोसी सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका बनी हुई है. इन दोनों संवेदनशील पर्वतीय जिलों की ऊंची चोटियों और ढलानों पर बिजली गिरने के साथ भारी पानी बरस सकता है. किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. स्थानीय प्रशासन द्वारा सरयू और गोमती जैसी मुख्य नदियों के जलस्तर की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.
हरिद्वार और उधम सिंह नगर में उमस भरी गर्मी के बीच बारिश
मैदानी इलाकों की बात करें तो हरिद्वार और उधम सिंह नगर, जिसके अंतर्गत रुद्रपुर और काशीपुर जैसे बड़े शहर आते हैं, वहां दिन के समय आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और धूप-छांव का सिलसिला चलता रहेगा. हवा में आद्रता का स्तर काफी ऊंचा रहने के कारण लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ेगा. हालांकि, मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, 12 और 13 सितंबर को इन मैदानी जिलों के कुछ स्थानों पर मेघगर्जन होने, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है. यदि यह बारिश होती है, तो बढ़ते तापमान पर लगाम लगेगी और पारा फिर से सामान्य स्तर पर लौट आएगा.
17 सितंबर तक राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी पांच दिवसीय विस्तृत पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड में बारिश की यह सक्रियता अभी लंबे समय तक बनी रहेगी. आगामी 13, 14 और 15 सितंबर को प्रदेश के लगभग सभी पर्वतीय जनपदों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ-साथ तेज बारिश के दौर चलते रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है. इसके पश्चात, 16 और 17 सितंबर को भी मौसम में कोई खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. इन दोनों दिनों में भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी और गरज के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा. पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को इस पूरी अवधि के दौरान मौसम की पल-पल की जानकारी रखने की हिदायत दी गई है.



















