नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम का स्वरूप आने वाले समय में पूरी तरह बदलने वाला है। देश और दुनिया से यहां पहुंचने वाले पर्यटकों और भक्तों की भारी तादाद को ध्यान में रखते हुए, लगभग 40 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट से कई विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। इस पूरी योजना का मकसद धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ बुनियादी व्यवस्थाओं को अत्याधुनिक बनाना है, ताकि यहां आने वाले हर व्यक्ति को सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
इस पूरे बदलाव के केंद्र में एक बड़ी मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण है, जो इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक यानी वाहनों के जाम से राहत दिलाएगी। इस पार्किंग की क्षमता 500 से ज्यादा गाड़ियों को एक साथ अपने परिसर में पार्क करने की होगी। इसके बन जाने से सड़कों के किनारे खड़े होने वाले वाहनों का झंझट खत्म होगा और मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक की आवाजाही सुचारू रूप से चल पाएगी।
इस मल्टीलेवल पार्किंग की सबसे खास बात इसकी छत का बहुउद्देशीय इस्तेमाल होना है। इसे इस तरह तैयार किया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर आपातकालीन स्थिति में यहां हेलीकॉप्टर उतारा जा सके। सामान्य दिनों में यह जगह गाड़ियों को खड़ा करने के काम आएगी, लेकिन किसी भी आपदा या मेडिकल इमरजेंसी के वक्त यह हेलीपैड के रूप में राहत और बचाव कार्यों को गति देने का एक मजबूत विकल्प साबित होगी।
यातायात को और अधिक सुगम बनाने के लिए इस परियोजना में एक खास पुल का निर्माण भी शामिल है, जिसे ॐ ब्रिज नाम दिया गया है। इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की कगार पर है और यह अपनी अनोखी बनावट के कारण आगंतुकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा। इसके अलावा पैदल चलने वालों की सुविधा के लिए एक अलग पेडेस्ट्रियन ब्रिज भी बनाया जा रहा है, जिससे भीड़भाड़ के दौरान भी लोग सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से आ-जा सकें।
नीम करोबारी बाबा की इस पावन स्थली पर आने वाले साधकों की आध्यात्मिक जरूरत को समझते हुए एक भव्य मेडिटेशन सेंटर भी बनाया जा रहा है। कैंची धाम अपनी गहरी आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए जाना जाता है, जहाँ शांति की तलाश में लोग दूर-दूर से आते हैं। इस नए केंद्र के शुरू हो जाने से श्रद्धालुओं को ध्यान लगाने और एकाग्रता के साथ आध्यात्मिक गतिविधियों को पूरा करने के लिए एक शांत और अनुकूल वातावरण मिल सकेगा।
भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सार्वजनिक स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के मोर्चे पर भी बड़े पैमाने पर काम हो रहे हैं। इस योजना के तहत अत्याधुनिक टॉयलेट और बाथरूम कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। मेलों और विशेष अवसरों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ के कारण स्वच्छता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है, और ये नए कॉम्प्लेक्स इस समस्या का पुख्ता समाधान साबित होंगे।
निर्माण कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण और सुंदरता का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। मल्टीलेवल पार्किंग के आसपास के इलाके में बड़े पैमाने पर हरियाली विकसित की जाएगी और लैंडस्केपिंग का काम होगा। इससे कंक्रीट के निर्माण के बीच भी प्रकृति का संतुलन बना रहेगा और आने वाले पर्यटकों को एक साफ-सुथरा और मनमोहक वातावरण देखने को मिलेगा।
इस पूरे प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए लोनिवि के अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना ने बताया कि लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे ये विकास कार्य अब अपने अंतिम चरण में हैं। उन्होंने पुष्टि की कि दिसंबर 2026 तक अधिकांश निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे, जिसके बाद साल 2027 की शुरुआत में श्रद्धालु इन तमाम आधुनिक सुविधाओं और बदले हुए स्वरूप का लाभ उठा सकेंगे।




















