भगोड़ा नहीं हूं, कॉकरोच बनना चाहता हूँ... विजय माल्या ने X पर निकाली भड़ास और सरकार से की पैसों की मांगलातूर में पुरानी रंजिश के चलते स्कॉर्पियो गाड़ी में लगाई आग, सीसीटीवी में कैद हुई घटनाएस. जयशंकर ने कैबिनेट के नए फैसलों का किया ऐलान, कनेक्टिविटी और पर्यटन को मिलेगी रफ्तारऐपल ने लॉन्च किए आईफोन १८ प्रो, प्रो मैक्स और पहला फोल्डेबल आईफोन ड्यूो, जानिए भारत में क्या है कीमतमध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी-ईरान संघर्ष के बीच कच्चे तेल की कीमतों में गिरावटजहानाबाद के उपेंद्र की बदली तकदीर, ट्रैक्टर चलाने से लेकर मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से शुरू किया ब्लॉक बनाने का कारोबारनब्बे के दशक में करिश्मा कपूर का जलवा: जब इस स्टार ने बॉलीवुड के तीनों खान्स के साथ बॉक्स ऑफिस पर मचाया था धमालजापानी केंद्रीय बैंक के मासु ने मौजूदा आर्थिक माहौल में ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रहने के संकेत दिएव्लादिमीर पुतिन के पास कौन सा फोन है और क्या वह सचमुच आईफोन का इस्तेमाल करने से बचते हैंनिंटेंडो स्विच का पुराना मॉडल भारी छूट के साथ दो सौ डॉलर से कम में उपलब्ध
ऋषिकेश में बदलता माहौल, नशा और अवैध गतिविधियों से तीर्थनगरी की शांति पर मंडराया संकटउत्तराखंड
10 सित॰ 2026, 6:28 am (1 घंटे पहले)· 2

ऋषिकेश में बदलता माहौल, नशा और अवैध गतिविधियों से तीर्थनगरी की शांति पर मंडराया संकट

ऋषिकेश में बढ़ रहे नशे के कारोबार, हथियारों और अवैध कैसीनो जैसी गतिविधियों ने तीर्थनगरी की शांति और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पर कड़ी और निरंतर नजर रखने की मांग की है।

ऋषिकेश अपनी आध्यात्मिक पहचान, गंगा के तट और प्राचीन मंदिरों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। देश और विदेश से सैलानी यहां मानसिक शांति और धार्मिक आस्था की तलाश में आते हैं। हालांकि, हाल के दिनों में शहर में नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार, हथियारों की मौजूदगी और अवैध कैसीनो जैसी गतिविधियों की आहट ने स्थानीय लोगों और चिंता बढ़ाने वाले हालात पैदा कर दिए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इन असामाजिक गतिविधियों के कारण इस प्रसिद्ध तीर्थनगरी का मूल स्वरूप और शांतिपूर्ण माहौल बदल रहा है। विशेष रूप से युवाओं के बीच नशे की बढ़ती पहुंच ने अभिभावकों और नागरिकों की चिंता को और गहरा कर दिया है। इसके अलावा, हथियारों से जुड़े मामले और अवैध जुए के अड्डे शहर की कानून व्यवस्था के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। पर्यटन के दृष्टिकोण से भी यह स्थिति बेहद संवेदनशील है, क्योंकि ऋषिकेश की यात्रा पर आने वाले लोग हमेशा एक सात्विक और सुरक्षित वातावरण की उम्मीद करते हैं।

सुरक्षित और शांत माहौल बनाए रखना प्राथमिकता

स्थानीय निवासी वेद प्रकाश ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि शहर का वातावरण ऐसा होना चाहिए जहां न केवल बाहर से आने वाले पर्यटकों को बल्कि यहां रहने वाले लोगों को भी पूरी तरह से सुरक्षा का अहसास हो। पुलिस प्रशासन को नशे के अवैध कारोबार और गैरकानूनी गतिविधियों पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए रखने की आवश्यकता है। अगर शुरुआती स्तर पर ही ऐसी असामाजिक हरकतों के खिलाफ ठोस कार्रवाई कर ली जाए, तो भविष्य में किसी बड़े संकट से आसानी से बचा जा सकता है। शहर की मूल भावना को संरक्षित करने के लिए प्रशासनिक चौकसी बेहद अनिवार्य हो गई है।

ये भी पढ़ें

पर्यटन के विस्तार के साथ प्रशासनिक निगरानी जरूरी

जैसे-जैसे तीर्थनगरी में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, शहर का दायरा भी तेजी से फैल रहा है। इस बढ़ते हुए पर्यटन और फैलाव के बीच पुलिस तथा प्रशासन के कंधों पर कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। खासकर उन इलाकों में सुरक्षा और गश्त बढ़ाने की सख्त जरूरत है जहां सैलानियों की आवाजाही सबसे अधिक होती है। सिर्फ अवैध गतिविधियों पर कानूनी शिकंजा कसना ही काफी नहीं है, बल्कि इसके साथ-साथ युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना भी उतना ही महत्वपूर्ण कदम है।

स्थानीय परिवारों की सुरक्षा और जीवनशैली

शहर की यह चिंता केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऋषिकेश में हजारों की संख्या में परिवार निवास करते हैं, छोटे बच्चे स्कूलों में पढ़ते हैं और आम नागरिक अपना रोजमर्रा का जीवन शांतिपूर्वक जीते हैं। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि शहर का मूल शांत और सुरक्षित ताना-बाना किसी भी कीमत पर बना रहे। बाहरी बदलावों और आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच स्थानीय निवासियों की दैनिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

घटना के बाद नहीं, निरंतर हो सतर्कता

नागरिकों का यह भी कहना है कि पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई किसी बड़ी अनहोनी या घटना के घटित होने के बाद जागने वाली प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए। नशीले पदार्थों, हथियारों और अवैध कैसीनो जैसी बुराइयों पर रोक लगाने के लिए सतत निगरानी की आवश्यकता है। पुलिस की कड़ी सख्ती और आम जनता की सजगता के मेल से ही स्थिति को बिगड़ने से समय रहते रोका जा सकता है। केवल प्रतिक्रियात्मक उपायों के बजाय सक्रिय और निरंतर निगरानी ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है।

आस्था और अध्यात्म की पहचान को बचाना बड़ी चुनौती

ऋषिकेश की पहचान हमेशा से गंगा की लहरों, मंदिरों की गूंजती घंटियों और आध्यात्मिक शांति से जुड़ी रही है। आज भी देश-दुनिया के लिए शहर की यही परिभाषा है, लेकिन वक्त के साथ बढ़ रही इन नई चुनौतियों ने शहर के भविष्य को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है। सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आधुनिक विकास और बेलगाम पर्यटन के इस दौर में ऋषिकेश अपनी प्राचीन सांस्कृतिक शांति और पवित्र पहचान को आखिर कैसे सुरक्षित रख पाएगा।

सवाल-जवाब

ऋषिकेश में मुख्य रूप से किन अवैध गतिविधियों को लेकर चिंता जताई जा रही है?
ऋषिकेश में नशे के कारोबार, हथियारों से जुड़े मामलों और अवैध कैसीनो जैसी गतिविधियों को लेकर चिंता जताई जा रही है।
स्थानीय निवासी वेद प्रकाश ने बातचीत में क्या मुख्य सुझाव दिया है?
वेद प्रकाश ने सुझाव दिया है कि पुलिस को नशे और अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए ताकि बड़ी परेशानियों से बचा जा सके।
तीर्थनगरी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के सामने क्या मुख्य चुनौती है?
बढ़ते पर्यटन और शहर के विस्तार के साथ-साथ पर्यटकों की अधिक आवाजाही वाले इलाकों में सुरक्षा बनाए रखना बड़ी चुनौती है।
ऋषिकेश की पारंपरिक पहचान क्या रही है?
ऋषिकेश की पहचान गंगा किनारे की शांति, मंदिरों की घंटियों और आध्यात्मिक एवं धार्मिक माहौल से रही है।
शहर में स्थानीय परिवारों के लिए क्या जरूरी बताया गया है?
शहर में रहने वाले हजारों परिवारों और बच्चों के भविष्य के लिए एक सुरक्षित और शांत माहौल बनाए रखना बेहद जरूरी बताया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR