उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है, जिससे राज्यभर में ठंड का अहसास समय से पहले ही शुरू हो गया है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का जोर कुछ कम जरूर हुआ था, लेकिन बादलों और खिली धूप के बीच मौसम के मिजाज में अब ठंडक घुलने लगी है। विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के आसपास स्थित नीलकंठ की चोटियों पर इस सीजन की ताज़ा बर्फबारी दर्ज की गई है, जिसने पूरे क्षेत्र के तापमान को प्रभावित किया है। इसी तरह हेमकुंड साहिब की ऊंची पहाड़ियां भी बर्फ की सफेद चादर से ढक चुकी हैं। यह खूबसूरत प्राकृतिक नजारा पर्यटकों के लिए भले ही आकर्षण का केंद्र हो, लेकिन इसने स्थानीय स्तर पर ठिठुरन को काफी बढ़ा दिया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र द्वारा जारी ताजा चेतावनी के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने नागरिकों और विशेष रूप से चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पूर्वानुमान के मुताबिक, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की पूरी आशंका है। इसके साथ ही, प्रदेश के सभी तेरह जिलों में आकाशीय अंधड़ और कम समय में बहुत तेज बारिश के दौर की चेतावनी दी गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में सफर करने वाले वाहन चालकों और यात्रियों को लैंडस्लाइड तथा सड़क पर बोल्डर गिरने के संभावित खतरों के प्रति आगाह किया गया है.
राजधानी देहरादून और उसके आसपास के मैदानी इलाकों जैसे ऋषिकेश तथा डोईवाला में सुबह की शुरुआत हल्के बादलों और धूप के मिश्रण के साथ हुई है, जिसके चलते दिन के वक्त उमसभरी गर्मी का अहसास हो सकता है। हालांकि, दोपहर ढलते ही मौसम के तेवर बदल सकते हैं और शाम के समय गरज के साथ तेज बौछारें पड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने देहरादून जनपद के लिए भारी वर्षा की चेतावनी दी है, जिससे शहर के निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो सकती है। सफर पर निकलने से पहले ताजा मौसम अपडेट लेना समझदारी होगी।
भागीरथी घाटी में अलर्ट और नदियों का बढ़ता जलस्तर
टिहरी गढ़वाल जिले में भी आज भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। नई टिहरी, चंबा, धनोल्टी और नरेंद्र नगर जैसे क्षेत्रों में आसमान बादलों से घिरा रहेगा और कई दौर में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं दूसरी ओर, उत्तरकाशी में आज के लिए सीधे तौर पर भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट तो नहीं है, लेकिन वहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का सिलसिला बना रहेगा। आने वाली 12 सितंबर को उत्तरकाशी में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिसे देखते हुए भागीरथी और भिलंगना नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
कुमाऊं के प्रवेश द्वार पर सतर्कता और सर्द हवाएं
कुमाऊं मंडल के प्रमुख पर्यटन केंद्र नैनीताल में मौसम का हाल काफी संवेदनशील बना हुआ है। मौसम विभाग ने नैनीताल के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे शहर के भीतर तथा भीमताल, भवाली और मुक्तेश्वर जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में घना कोहरा छाया रहेगा। इससे दृश्यता काफी कम हो सकती है। इसके विपरीत, तलहटी में स्थित हल्द्वानी और रामनगर जैसे इलाकों में बिजली चमकने के साथ तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। काठगोदाम से नैनीताल जाने वाले हाईवे पर मलबा आने की आशंका लगातार बनी रहती है, इसलिए सैलानियों को रात के समय पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचने की सख्त सलाह दी गई है।
सीमांत जिलों में भूस्खलन का खतरा
सीमांत क्षेत्रों में शुमार पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में आज का मौसम मुश्किलें पैदा कर सकता है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार होती रही बारिश के कारण इन इलाकों में मिट्टी पहले से ही नम और कमजोर हो चुकी है। ऐसे में आज होने वाली भारी बारिश से संवेदनशील पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन की आशंका कई गुना बढ़ गई है। धारचूला, मुनस्यारी, कपकोट और कांडा जैसे दूरदराज के इलाकों में तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।
मैदानी जिलों में बादलों की लुकाछिपी
हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार तथा श्रीनगर जैसे क्षेत्रों में मौसम मिला-जुला रहने वाला है। इन जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है। हरिद्वार के मैदानी भूभाग में भले ही बहुत भारी बारिश का सीधा अंदेशा न हो, लेकिन आकाशीय बिजली चमकने और अचानक गरजने की चेतावनी पूरे प्रदेश के साथ इस क्षेत्र के लिए भी लागू की गई है।
आगामी दिनों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
उत्तराखंड में बारिश का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में इसके और अधिक तीव्र होने के संकेत मिले हैं। आगामी 11 सितंबर को बारिश का दायरा काफी बढ़ जाएगा, जिसके तहत देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के अलावा रुद्रप्रयाग तथा चमोली जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। इसके बाद 12 सितंबर को देहरादून, बागेश्वर और उत्तरकाशी में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। अंत में, 13 और 14 सितंबर को बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका बनी रहेगी, जबकि बाकी सभी पहाड़ी और मैदानी जिलों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने का अनुमान है।



















