देशभर के लाखों विद्यार्थियों का सपना भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में शिक्षा ग्रहण करने का होता है। इसके लिए युवा जेईई एडवांस्ड, गेट और जैम जैसी कठिन राष्ट्रीय परीक्षाओं में दिन-रात एक करके सफलता हासिल करते हैं। हालांकि इन परीक्षाओं में उत्कृष्ट रैंक प्राप्त करने का फायदा केवल प्रतिष्ठित संस्थान में सीट मिलने तक सीमित नहीं है। देश के कई प्रमुख आईआईटी अपने यहां दाखिला लेने वाले शीर्ष रैंक धारकों को आकर्षक फेलोशिप और स्कॉलरशिप से नवाजते हैं। इन आर्थिक सहायताओं के नियम और राशि हर संस्थान में अलग-अलग तय की गई हैं। कहीं प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर हर साल लाखों रुपये की मदद मिलती है, तो कहीं उच्च शिक्षा के दौरान छात्रों को हर महीने हजारों रुपये की फेलोशिप दी जाती है। इसी कड़ी में आईआईटी खड़गपुर ने अपनी प्लेटिनम जुबली के खास अवसर पर एक नई फेलोशिप शुरू की है, जबकि आईआईटी कानपुर, आईआईटी रुड़की और आईआईटी दिल्ली जैसे संस्थान भी मेधावी युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रहे हैं।
आईआईटी खड़गपुर में नब्बे हजार रुपये तक की मासिक फेलोशिप
आईआईटी खड़गपुर इस समय अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने पर प्लेटिनम जुबली समारोह मना रहा है। अकादमिक जगत में संस्थान के योगदान को रेखांकित करते हुए एक विशेष निदेशक प्लेटिनम जुबली एक्सीलेंस फेलोशिप की शुरुआत की गई है। इस फेलोशिप का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा और शोध कार्यों की ओर युवाओं को प्रेरित करना है। गेट परीक्षा में शीर्ष 50 रैंक हासिल करने वाले छात्र यदि आईआईटी खड़गपुर से पीएचडी करने का विकल्प चुनते हैं, तो वे इस सहायता के पात्र बन जाते हैं। चयनित शोधार्थियों को शुरुआती दो साल तक हर महीने 80,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। इसके बाद के तीन वर्षों में यह राशि बढ़कर 90,000 रुपये प्रतिमाह हो जाती है, बशर्ते छात्र संस्थान के सभी निर्धारित नियमों और शर्तों को पूरा करते हों। इसके लिए किसी अलग से आवेदन पत्र को भरने की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि पात्र विद्यार्थी संस्थान की रोलिंग पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से ही इसके दायरे में आ जाते हैं।
जैम के शीर्ष पचास रैंक धारकों को भी मिलेगा लाभ
आईआईटी खड़गपुर ने अपनी इस विशेष फेलोशिप का दायरा केवल गेट तक ही सीमित नहीं रखा है। जैम परीक्षा में 1 से 50 तक की रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भी इस योजना का लाभ उठाने के हकदार हैं, यदि वे संस्थान में मास्टर डिग्री पाठ्यक्रम में प्रवेश लेते हैं। इस तरह प्लेटिनम जुबली वर्ष के जश्न के बीच संस्थान ने जेईई एडवांस्ड के अलावा अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को वित्तीय रूप से मजबूत करने का बीड़ा उठाया है। पीएचडी के स्तर पर मिलने वाली यह फेलोशिप 90 हजार रुपये प्रति माह तक पहुंचती है, जो शोधार्थियों के लिए एक बड़ा संबल साबित होती है।
आईआईटी कानपुर देता है सालाना तीन लाख रुपये की स्कॉलरशिप
आईआईटी कानपुर की ओर से भी जेईई एडवांस्ड में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों के लिए शानदार वित्तीय सहायता दी जाती है। संस्थान की ब्राइट माइंड्स स्कॉलरशिप उन युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है जो प्रवेश परीक्षा की अखिल भारतीय रैंकिंग में शीर्ष 100 में जगह बनाते हैं और संस्थान के बीटेक या बीएस पाठ्यक्रम में दाखिला लेते हैं। ऐसे चुने हुए विद्यार्थियों को प्रत्येक वर्ष 3 लाख रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है। यह आर्थिक मदद पूरे चार साल के स्नातक पाठ्यक्रम के दौरान जारी रह सकती है, लेकिन इसके लिए शर्त यह होती है कि छात्र को अपनी अकादमिक यात्रा में हर साल कम से कम 8.0 सीपीआई का स्कोर बरकरार रखना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस तीन लाख रुपये की कुल राशि में से दो लाख रुपये सीधे तौर पर पूरी ट्यूशन फीस के एवज में समायोजित किए जाते हैं। बाकी बचा एक लाख रुपये का हिस्सा हॉस्टल, मेस, पठन-पाठन की सामग्री, चिकित्सा बीमा और अन्य दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दिया जाता है। इस योजना का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रतिभावान छात्र की राह में धन की कमी बाधा न बने।
आईआईटी रुड़की में पच्चीस हजार रुपये महीने की जेम्स थॉमसन स्कॉलरशिप
आईआईटी रुड़की में भी जेईई एडवांस्ड के बेहतरीन स्कोर वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। संस्थान की ओर से जेम्स थॉमसन स्कॉलरशिप उन युवाओं को दी जाती है जो प्रवेश परीक्षा में असाधारण प्रदर्शन करते हैं। आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार जेईई एडवांस्ड में 250 तक की ऑल इंडिया रैंक लाने वाले और संस्थान में प्रवेश पाने वाले छात्र इस योजना का लाभ पा सकते हैं। इस छात्रवृत्ति के तहत चयनित विद्यार्थी को पूरे पाठ्यक्रम की अवधि के दौरान हर महीने 25,000 रुपये की राशि मिलती है। हालांकि इस वित्तीय मदद को निरंतर बनाए रखने के लिए छात्र को परीक्षा परिणामों में उच्च मानक बनाए रखना अनिवार्य होता है। विद्यार्थी को प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष की समाप्ति पर 8.0 या उससे अधिक का सीजीपीआै स्कोर दिखाना होता है। यही कारण है कि यह सहायता केवल प्रवेश के समय मिलने वाली एकमुश्त राशि नहीं है, बल्कि छात्र के निरंतर अच्छे प्रदर्शन पर निर्भर करती है।
आईआईटी दिल्ली में रैंक के साथ पारिवारिक आय भी है पैमाना
आईआईटी दिल्ली में भी जेईई एडवांस्ड के मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित होती हैं, लेकिन यहां चयन का आधार केवल परीक्षा में मिली रैंक नहीं है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी परखा जाता है। अमित एंड दीपली सिन्हा फाउंडेशन स्कॉलरशिप बीटेक या डुअल डिग्री प्रोग्राम के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए बनाई गई है। संस्थान के नियमों के मुताबिक इस योजना के लिए 15 छात्रों का चयन जेईई एडवांस्ड की रैंक के आधार पर किया जाता है। इसके साथ ही छात्रों को पारिवारिक आय के मोर्चे पर तय की गई सीमा को भी साबित करना होता है। इसके तहत आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय 9 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इसके अलावा यह भी आवश्यक है कि छात्र किसी अन्य विद्या लक्ष्मी लोन योजना का लाभ न ले रहा हो, ताकि जरूरतमंद और मेधावी दोनों मानदंडों पर खरा उतरने वाले छात्र को ही इसका पूरा लाभ मिल सके।



















